CM के ट्रैफिक संदेश के बीच बिना हेलमेट बाइक पर दिखीं BJP प्रदेशाध्यक्ष! ....15 KM का सफर

महेंद्रगढ़ में सेवा संकल्प यात्रा के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के बिना हेलमेट बाइक पर सफर करने का वीडियो सामने आया, जिससे यातायात नियमों पर चर्चा शुरू हुई।

CM के ट्रैफिक संदेश के बीच बिना हेलमेट बाइक पर दिखीं BJP प्रदेशाध्यक्ष! ....15 KM का सफर

➤ CM के ट्रैफिक संदेश के बीच BJP प्रदेशाध्यक्ष बिना हेलमेट बाइक पर दिखीं
➤ महेंद्रगढ़ में करीब 15 किलोमीटर का सफर, कई बार बाइक पर खड़े होकर किया अभिवादन
➤ सेवा संकल्प यात्रा के दौरान सामने आया वीडियो, अर्चना गुप्ता के पुराने बयान भी चर्चा में


हरियाणा के महेंद्रगढ़ में रविवार को सेवा संकल्प यात्रा के स्वागत के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के बिना हेलमेट बाइक पर सफर करने का मामला सामने आया। खास बात यह रही कि इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद थे और यात्रा के दौरान युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, डॉ. गुप्ता हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर के पास गोद गांव से एक बाइक पर राइडर के पीछे बैठीं और नारनौल के महावीर चौक तक करीब 15 किलोमीटर का सफर किया। इस दौरान उनके हेलमेट नहीं पहने होने और कई मौकों पर बाइक पर खड़े होकर कार्यकर्ताओं की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं।

यह घटनाक्रम भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा यात्रा के हरियाणा में प्रवेश के दौरान हुआ। रविवार को यात्रा राजस्थान से होते हुए महेंद्रगढ़ के बलाहा क्षेत्र के रास्ते हरियाणा में दाखिल हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और डॉ. अर्चना गुप्ता यात्रा का स्वागत करने पहुंचे थे। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा बाइक पर शामिल हुए थे। इसी दौरान डॉ. गुप्ता भी एक बाइक पर राइडर के पीछे बैठकर यात्रा में शामिल हुईं।

बाइक पर राइडर के पीछे खड़े होकर हाथ हिलाकर अभिवादन करतीं डॉ. अर्चना गुप्ता।

बाइक पर खड़े होकर किया अभिवादन

बताया गया है कि डॉ. अर्चना गुप्ता हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर से सटे गोद गांव से बाइक पर सवार हुईं। इसके बाद उन्होंने बिना हेलमेट पहने नारनौल के महावीर चौक तक करीब 15 किलोमीटर की यात्रा की। रास्ते में कई बार वह बाइक पर खड़ी होकर कार्यकर्ताओं और लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करती नजर आईं। महावीर चौक पहुंचने के बाद वह अपनी गाड़ी में बैठ गईं।

कार्यक्रम स्थल से जब डॉ. गुप्ता बाइक पर बैठीं तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी यात्रा को हरी झंडी दिखाते नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद यातायात नियमों के पालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

हाइड्रोजन ट्रेन पर दिया था चर्चित बयान

डॉ. अर्चना गुप्ता इससे पहले हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर दिए गए बयान के कारण भी चर्चा में रही थीं। 10 जुलाई 2026 को एक कार्यक्रम में उन्होंने हरियाणवी अंदाज में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पाणी तै ट्रेन’ चला दी।

हालांकि, हाइड्रोजन ट्रेन वास्तव में सीधे पानी से नहीं चलती। सरकारी जानकारी के अनुसार हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके बिजली पैदा करती है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई 2026 को जींद से सोनीपत के बीच रवाना किया गया था।

अंतिम संस्कार को लेकर भी दिया था सुझाव

7 अगस्त को रोहतक के एक पौधारोपण कार्यक्रम में डॉ. गुप्ता ने अंतिम संस्कार से जुड़े पर्यावरणीय पहलू पर सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि दाह संस्कार के लिए इलेक्ट्रिक मशीन के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है, ताकि लकड़ी की खपत कम हो। उन्होंने गाय के गोबर से बनाई जाने वाली लकड़ी के इस्तेमाल का सुझाव भी दिया था।

जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर बयान से भी हुई चर्चा

अगस्त में डॉ. अर्चना गुप्ता का जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर दिया गया बयान भी चर्चा में आया था। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शन में कथित तौर पर आतंकवादी तत्वों के शामिल होने की बात कही थी और विदेशी ताकतों के समर्थन का दावा किया था।

इसी संदर्भ में उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी की मौत और एक पुलिस अधिकारी की आंख जाने का भी दावा किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने महिला की मौत से संबंधित दावे का खंडन किया था और इसे गलत बताया था।

‘कुर्ते-पायजामे खूंटी पर टंग गए’ बयान भी रहा चर्चा में

11 अगस्त को पानीपत में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. गुप्ता ने पिछली हुड्डा और इनेलो सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए एक ‘विशेष वर्ग’ के सक्रिय होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ऐसे लोग बिचौलियों और दलालों के जरिए ‘सेटिंग’ कराने का काम करते थे। इसी दौरान उन्होंने कहा था कि अब ऐसे लोगों के कुर्ते-पायजामे खूंटियों पर टंग गए हैं।

बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद डॉ. गुप्ता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनके ‘विशेष वर्ग’ से आशय किसी जाति या समुदाय से नहीं था, बल्कि कथित बिचौलियों और दलालों से था।

इस तरह महेंद्रगढ़ में सेवा संकल्प यात्रा के दौरान बिना हेलमेट बाइक पर सफर का मामला डॉ. अर्चना गुप्ता के पुराने चर्चित बयानों के बीच एक और चर्चा का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम में सामने आए वीडियो और तस्वीरों को लेकर यातायात नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।