Video: सितंबर में ही बर्फबारी का सितम, छितकुल मार्ग पर ग्लेशियर का मलबा गिरा; सड़क बंद, आवाजाही ठप
किन्नौर के छितकुल में सितंबर में बर्फबारी के बाद ग्लेशियर का मलबा सड़क पर आ गया, जिससे यातायात ठप है। प्रशासन मार्ग बहाली में जुटा है।
➤ सितंबर में ही बर्फबारी, किन्नौर में बढ़ी ठंड की दस्तक
➤ छितकुल मार्ग पर ग्लेशियर का मलबा आने से यातायात ठप
➤ आगे भी बर्फबारी-भूस्खलन की आशंका, प्रशासन ने जारी की अपील
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र छितकुल में सितंबर महीने में ही हुई बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। ऊपरी पहाड़ी इलाकों में बर्फ गिरने के बाद अब इसका असर सड़कों और आवाजाही पर भी दिखाई देने लगा है। छितकुल गांव के मुजलंग क्षेत्र के पास पहाड़ी से ग्लेशियर और बर्फ का मलबा टूटकर सड़क पर आ गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया और इस रास्ते पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। अचानक सड़क पर बड़ी मात्रा में बर्फ और मलबा आने से छितकुल की ओर जाने वाले लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
बताया जा रहा है कि पहाड़ों में हुई हल्की बर्फबारी के बाद ग्लेशियर खिसकने से बड़ी मात्रा में बर्फ और मलबा सड़क तक पहुंच गया। इसके चलते छितकुल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। सितंबर के महीने में ही मौसम के इस बदले तेवर ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मार्ग अवरुद्ध होने के बाद प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सड़क से बर्फ और मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल रास्ते की स्थिति को देखते हुए आवाजाही प्रभावित है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी क्षेत्रों में आने वाले समय में और बर्फबारी तथा भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने की स्थिति में सड़क पर बर्फ और मलबा आने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर लें।
सितंबर में ही हुई बर्फबारी ने किन्नौर के सीमावर्ती क्षेत्र में सर्दी का एहसास बढ़ा दिया है। छितकुल जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम के शुरुआती बदलाव का असर अब सड़क संपर्क पर भी नजर आने लगा है। प्रशासन की ओर से मार्ग बहाली के प्रयास जारी हैं और आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
Akhil Mahajan