VIDEO: 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची, अंदर से आ रही रोने की आवाज, रेस्‍कयू जारी

फरीदाबाद के सीही गांव में 3 साल की बच्ची 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई। NDRF और SDRF की टीमें कैमरे से लोकेशन तलाशकर रेस्क्यू में जुटी हैं।

VIDEO: 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची, अंदर से आ रही रोने की आवाज, रेस्‍कयू जारी

➤ फरीदाबाद में 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची
➤ ट्रैक्टर से पैर फिसलने के बाद बोरवेल में गिरी नेहा, अंदर से रोने की आवाज
➤ NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटीं, 15 साल से बंद था बोरवेल


हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां 3 साल की बच्ची नेहा करीब 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई। बताया जा रहा है कि बच्ची बोरवेल के पास खड़े एक ट्रैक्टर पर चढ़कर खेल रही थी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे बोरवेल में जा गिरी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। अंधेरा होने के कारण बोरवेल के आसपास रोशनी की व्यवस्था की गई है। बच्ची की स्थिति का पता लगाने के लिए बोरवेल के अंदर कैमरा भी डाला गया है। कैमरे से अंदर कुछ पत्थर दिखाई दिए हैं और पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्ची के रोने की आवाज भी सुनाई दी है।

घटना सीही गांव में शाम करीब 7 बजे हुई। बताया गया कि नेहा बस्ती के दूसरे बच्चों के साथ बोरवेल के पास खेल रही थी। इसी जगह एक ट्रैक्टर भी खड़ा था। खेलते-खेलते बच्चे ट्रैक्टर पर चढ़ गए और इसी दौरान नेहा का पैर फिसल गया। वह सीधे खुले बोरवेल में जा गिरी। बच्ची के बोरवेल में गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्ची के परिवार को सूचना दी।

15 साल से बंद था बोरवेल

बच्ची के पिता रामदीन के मुताबिक, यह बोरवेल करीब 15 साल से बंद था। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले बोरवेल का ढक्कन हट गया था। घटना के समय रामदीन काम पर गए हुए थे। गांव के लोगों ने उन्हें बेटी के बोरवेल में गिरने की सूचना दी।

रामदीन ने बताया कि उनकी तीन साल की बच्ची खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गई और कई घंटे से अंदर है। उन्होंने रेस्क्यू टीमों से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की।

कैमरे से बच्ची की लोकेशन तलाशने की कोशिश

हादसे की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। NDRF और SDRF को भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए लगाया गया है। बोरवेल के आसपास ग्रामीणों की भीड़ को दूर रखा जा रहा है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

रेस्क्यू टीमों ने बोरवेल के अंदर कैमरा डाला है। इसके जरिए बच्ची की लोकेशन और उसकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। कैमरे में अंदर कुछ पत्थर दिखाई दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बोरवेल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दे रही है।

बचाव अभियान के दौरान बोरवेल के आसपास मिट्टी हटाने और अतिरिक्त गड्ढा खोदने का काम भी किया जा रहा है। टीमों की कोशिश बच्ची तक सुरक्षित तरीके से पहुंचने और उसे बाहर निकालने की है।

नगर निगम का था बोरवेल

बताया गया है कि जिस जमीन पर यह बोरवेल मौजूद है, वह नगर निगम की जमीन है। ग्रामीणों के अनुसार बोरवेल कई साल से सूखा पड़ा हुआ था। नगर निगम के XEN संजीव कुमार ने बताया कि करीब 15 साल पहले इस बोरवेल को बंद किया गया था।

XEN के मुताबिक, निगम की ओर से बोरवेल को ढक्कन लगाकर बंद किया गया था। ढक्कन हटने की जानकारी निगम को नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का रहने वाला है परिवार

बच्ची के पिता रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं। वह कई सालों से फरीदाबाद के सीही गांव में रह रहे हैं और गांव में ही मजदूरी करते हैं। परिवार में रामदीन, उनकी पत्नी और बच्चे हैं।

अंबाला में भी हुआ था ऐसा हादसा

इससे पहले 30 जून 2026 को हरियाणा के अंबाला के धन्यौड़ा गांव में 4 साल का बच्चा निरवैर 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसे बचाने के लिए करीब 21 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

निरवैर को बचाने के लिए SDRF, NDRF और स्थानीय टीम ने 15 प्रयास किए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बोरवेल में गिरने के दौरान लगी चोट और डूबने से उसकी मौत की बात सामने आई थी। बताया गया था कि खेत मालिक ने बोरवेल से मोटर निकालने के बाद उसे खुला छोड़ दिया था।

फरीदाबाद के सीही गांव में हुए ताजा हादसे के बाद अब रेस्क्यू टीमें बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटी हैं। फिलहाल पूरा ध्यान बचाव अभियान पर है और टीमों द्वारा बच्ची की लोकेशन का पता लगाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।