Video: देवीलाल जयंती पर नूंह में गरजे अभय चौटाला, भाजपा-कांग्रेस को लेकर कही बड़ी बात

नूंह में इनेलो की सम्मान दिवस रैली में अभय चौटाला ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा तथा मेवात विकास और इनेलो सरकार को लेकर कई दावे किए।

Video: देवीलाल जयंती पर नूंह में गरजे अभय चौटाला, भाजपा-कांग्रेस को लेकर कही बड़ी बात

➤ भाजपा को सत्ता से बाहर रखने का दावा

➤ कांग्रेस पर BJP की ‘बी टीम’ होने का आरोप

➤ मेवात में मेडिकल, शिक्षा और विकास का वादा


नूंह। पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती के अवसर पर रविवार को नूंह में आयोजित इनेलो की सम्मान दिवस रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा की सियासत को लेकर बड़ा बयान दिया। रैली को संबोधित करते हुए चौटाला ने कहा कि इनेलो भाजपा को सत्ता से बाहर रखने और कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए राजनीतिक अभियान चलाएगी तथा प्रदेश में इनेलो की सरकार बनाने का प्रयास करेगी। रैली में उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा और मेवात के विकास को लेकर पार्टी की योजनाएं भी गिनाईं।

अभय चौटाला ने अपने संबोधन में कांग्रेस को भाजपा की ‘बी टीम’ बताया। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव को लेकर आरोप लगाया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने कथित तौर पर भाजपा की मदद की, जिसके चलते भाजपा सरकार बनाने में सफल रही। ये आरोप अभय चौटाला ने राजनीतिक मंच से लगाए हैं और इनके स्वतंत्र रूप से पुष्ट होने की जानकारी इन स्रोतों में नहीं दी गई है।

मेवात के विकास का मुद्दा उठाया

रैली में अभय चौटाला ने मेवात के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को अक्सर हरियाणा के पिछड़े इलाकों में गिना जाता है, लेकिन इनेलो की सरकार बनने पर यहां मेडिकल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने अच्छे स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्थापित करने की बात कही।

चौटाला ने मेवात के विकास को गुरुग्राम की तर्ज पर आगे बढ़ाने की बात भी कही। उनका कहना था कि जिस तरह गुरुग्राम ने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, उसी तरह मेवात को भी विकास के नए स्तर तक ले जाने की दिशा में काम किया जाएगा।

2024 के चुनाव को लेकर कांग्रेस पर आरोप

अभय चौटाला ने 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनती दिखाई दे रही थी, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं।

उन्होंने ईडी की कार्रवाई और कुछ नेताओं के ठिकानों पर हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए दावा किया कि दबाव के कारण कांग्रेस की चुनावी रणनीति प्रभावित हुई। चौटाला ने यह भी आरोप लगाया कि टिकट वितरण को लेकर दबाव बनाया गया था। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि मंच से दिए गए बयान से नहीं होती।

‘ED के डर’ का भी किया जिक्र

रैली में अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से ईडी कार्रवाई का डर दिखाकर राजनीतिक दबाव बनाया गया। उन्होंने अपने संबोधन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके परिवार से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।

चौटाला ने दावा किया कि कुछ नेताओं पर जेल जाने का दबाव था और इसी वजह से चुनाव के दौरान राजनीतिक फैसले प्रभावित हुए। ये आरोप भी उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थे और स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि के रूप में प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।

बिना नाम लिए जजपा पर भी निशाना

अभय चौटाला ने बिना नाम लिए जननायक जनता पार्टी (जजपा) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2019 में कुछ लोगों ने चौधरी देवीलाल के नाम और उनकी नीतियों का सहारा लेकर सत्ता हासिल की, लेकिन बाद में अपने स्वार्थ के लिए सत्ता में शामिल हो गए।

उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में जनता ने ऐसे नेताओं को जवाब दिया। रैली में चौटाला ने देवीलाल की राजनीतिक विरासत और उनके विचारों को इनेलो के साथ जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का संदेश दिया।

नवंबर में गांव-गांव जाने का ऐलान

अभय चौटाला ने रैली के दौरान कहा कि वह और इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा नवंबर में दोबारा गांव-गांव जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने इनेलो की सरकार बनने की स्थिति में नशे और बेरोजगारी पर रोक, किसानों से जुड़े मुद्दों पर काम और विकास योजनाओं को लागू करने का दावा भी किया।

नूंह में रैली से इनेलो ने दिखाई संगठनात्मक सक्रियता

27 सितंबर की यह रैली चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती के मौके पर आयोजित की गई। इनेलो ने इससे पहले भी नूंह में रैली को लेकर प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं से संपर्क अभियान चलाया था। पार्टी ने इसे मेवात में संगठन को सक्रिय करने और अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने के प्रयास के रूप में पेश किया।

रैली में अभय चौटाला के भाषण का मुख्य फोकस भाजपा-कांग्रेस पर राजनीतिक हमला, मेवात का विकास और इनेलो को सत्ता में लाने का आह्वान रहा। आगामी समय में इनेलो के गांव-गांव अभियान से हरियाणा की राजनीति में इन मुद्दों पर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।