एयरफोर्स जवान से 2.32 लाख की ठगी, न्यूरोसर्जन की अपॉइंटमेंट के नाम पर मोबाइल हैक
पंचकूला में एयरफोर्स जवान से डॉक्टर की फर्जी अपॉइंटमेंट के बहाने 2,32,500 रुपए ठगे गए। व्हाट्सएप पर APK लिंक भेजकर मोबाइल हैक किया। साइबर पुलिस जांच में जुटी।
पंचकूला में एयरफोर्स जवान से 2.32 लाख रुपए की साइबर ठगी, न्यूरोसर्जन की तलाश में जस्टडायल पर किया था सर्च
➤ डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के लिए 5 रुपए मांगे, व्हाट्सएप पर APK लिंक भेजकर मोबाइल में डाउनलोड करवाई फर्जी ऐप
➤ जवान के बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड्स से 2,32,500 रुपए निकाले, पत्नी का खाता भी निशाने पर; साइबर थाने में केस दर्ज
Panchkula Cyber Fraud: हरियाणा के पंचकूला में भारतीय वायु सेना के एक जवान के साथ 2 लाख 32 हजार 500 रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। चंडी मंदिर कैंट में तैनात जवान अपनी पत्नी के इलाज के लिए जयपुर में न्यूरोसर्जन की तलाश कर रहा था। इसी दौरान जस्टडायल पर डॉक्टर खोजने के बाद उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक कराने के लिए महज 5 रुपए का ऑनलाइन भुगतान करने को कहा। इसके बाद व्हाट्सएप पर अपॉइंटमेंट बुकिंग के नाम से एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलते ही जवान के मोबाइल में एक अज्ञात ऐप डाउनलोड हो गई। आरोप है कि इसी फर्जी ऐप के जरिए मोबाइल हैक कर जवान के बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड्स से लाखों रुपए निकाल लिए गए।
ठगी का शिकार हुए जवान की पहचान हरकेश शर्मा के रूप में हुई है। वह चंडी मंदिर कैंट में तैनात हैं और क्वार्टर नंबर 3425, सेक्टर-ई, चंडी मंदिर कैंट में रहते हैं। जवान ने मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और नेशनल साइबर पोर्टल पर दर्ज करवाई है।
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20, पंचकूला में जांच अधिकारी एएसआई ब्रिजेश कुमार की देखरेख में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पत्नी के इलाज के लिए जयपुर में ढूंढ रहे थे न्यूरोसर्जन, जस्टडायल पर सर्च के बाद आई कॉल
पीड़ित एयरफोर्स जवान हरकेश शर्मा ने बताया कि 17 अक्टूबर को वह अपनी पत्नी के इलाज के लिए राजस्थान के जयपुर में किसी न्यूरोसर्जन की तलाश कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जस्टडायल पर डॉक्टर के बारे में जानकारी खोजी।
इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक कराने की बात कही।
उसने जवान को बताया कि डॉक्टर से मिलने का समय लेने के लिए उनकी ऐप के माध्यम से बुकिंग करनी होगी। इसके लिए केवल 5 रुपए ऑनलाइन जमा कराने होंगे।
पत्नी के इलाज के लिए डॉक्टर की तलाश कर रहे हरकेश ने कॉल करने वाले व्यक्ति की बताई प्रक्रिया के अनुसार अपॉइंटमेंट बुक करने का प्रयास किया।
व्हाट्सएप पर भेजा अपॉइंटमेंट बुकिंग का लिंक, क्लिक करते ही मोबाइल में डाउनलोड हुई अज्ञात ऐप
जवान के मुताबिक, फोन पर बातचीत के बाद कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनके व्हाट्सएप नंबर पर 'अपॉइंटमेंट बुकिंग' नाम से एक लिंक भेजा।
आरोपी ने इसी लिंक के जरिए डॉक्टर की बुकिंग प्रक्रिया पूरी करने को कहा। हरकेश ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, उनके मोबाइल फोन में एक अज्ञात ऐप अपने आप डाउनलोड हो गई।
इसके बाद उन्होंने फोनपे से 5 रुपए ट्रांसफर करने का प्रयास किया, लेकिन भुगतान नहीं हो सका।
कई प्रयासों के बावजूद भुगतान पूरा नहीं होने पर उन्होंने अपॉइंटमेंट बुकिंग की प्रक्रिया वहीं छोड़ दी। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि मोबाइल में डाउनलोड हुई अज्ञात ऐप के बाद उनके बैंक खाते से पैसे कटने शुरू हो जाएंगे।
फर्जी ऐप डाउनलोड होने के दो घंटे बाद खाते से कटने लगे पैसे, पहले 2000 फिर 500 रुपए निकले
हरकेश शर्मा ने बताया कि मोबाइल में अज्ञात ऐप डाउनलोड होने के करीब दो घंटे बाद उनके बैंक खाते से लेनदेन शुरू हो गया।
सबसे पहले उनके एसबीआई बैंक खाते से 2,000 रुपए कटने का मैसेज आया। इसके बाद खाते से 500 रुपए और निकलने की सूचना मिली।
बिना किसी अधिकृत भुगतान के खाते से पैसे कटने पर जवान को साइबर ठगी का संदेह हुआ।
उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल फोन को फॉर्मेट कर दिया, ताकि फोन में डाउनलोड हुई संदिग्ध ऐप हटाई जा सके।
हालांकि, तब तक उनके बैंक खाते से पैसे निकलने की शुरुआत हो चुकी थी।
20 अक्टूबर को HDFC बैंक से आया फोन, पत्नी के खाते से भुगतान की कोशिश का हुआ खुलासा
मामला केवल जवान के बैंक खाते तक सीमित नहीं रहा। इसके बाद उनकी पत्नी का बैंक खाता भी संदिग्ध लेनदेन के प्रयासों के कारण निशाने पर आ गया।
हरकेश शर्मा के अनुसार, 20 अक्टूबर को उनके पास एचडीएफसी बैंक से फोन आया।
बैंक की ओर से पूछा गया कि क्या वह पिंकी देवी और नजमा बेगम के नाम पर भुगतान करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह सवाल सुनकर जवान ने ऐसे किसी भी भुगतान से इनकार कर दिया।
इसके बाद उनकी पत्नी का एचडीएफसी बैंक खाता तुरंत ब्लॉक कर दिया गया।
इस घटनाक्रम से सामने आया कि संदिग्ध लेनदेन का मामला जवान के खाते के साथ उनकी पत्नी के बैंक खाते तक भी पहुंच चुका था।
बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड्स से कुल 2,32,500 रुपए की ठगी, साइबर हेल्पलाइन पर दी शिकायत
पीड़ित जवान के मुताबिक, इस साइबर ठगी में उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड्स से कुल 2,32,500 रुपए निकाल लिए गए।
डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के लिए केवल 5 रुपए जमा कराने की बात से शुरू हुआ मामला लाखों रुपए की ठगी तक पहुंच गया।
जवान ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और नेशनल साइबर पोर्टल पर दर्ज करवाई।
शिकायत में उन्होंने जस्टडायल पर डॉक्टर की तलाश करने, अनजान नंबर से कॉल आने, व्हाट्सएप पर लिंक भेजे जाने और मोबाइल में अज्ञात ऐप डाउनलोड होने से लेकर बैंक खातों से पैसे कटने तक की जानकारी दी।
पंचकूला साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज, एएसआई ब्रिजेश कुमार की देखरेख में जांच
पीड़ित की शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20, पंचकूला में मामला दर्ज कर लिया गया है।
मामले की जांच एएसआई ब्रिजेश कुमार की देखरेख में की जा रही है।
जवान की शिकायत के अनुसार, ठगी की शुरुआत डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुकिंग के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक से हुई थी। लिंक खोलने के बाद मोबाइल में अज्ञात ऐप डाउनलोड हुई और कुछ समय बाद बैंक खाते से पैसे कटने लगे।
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
महज 5 रुपए की अपॉइंटमेंट के बहाने लाखों की ठगी, संदिग्ध लिंक से सामने आया साइबर फ्रॉड का खतरा
पंचकूला में एयरफोर्स जवान के साथ हुई यह घटना बताती है कि ऑनलाइन डॉक्टर की तलाश और अपॉइंटमेंट बुकिंग जैसी जरूरतों का फायदा उठाकर भी साइबर ठगी की जा सकती है।
इस मामले में आरोपी ने पहले डॉक्टर की बुकिंग के लिए मामूली रकम जमा कराने की बात कही। इसके बाद व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर अज्ञात ऐप डाउनलोड करवाई गई। जवान ने 5 रुपए का भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इसके बावजूद कुछ समय बाद उनके बैंक खाते से पैसे निकलने लगे।
संदिग्ध APK लिंक और अनजान ऐप डाउनलोड करने से मोबाइल की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की अपॉइंटमेंट या किसी अन्य ऑनलाइन सेवा के नाम पर भेजे गए अज्ञात लिंक को खोलने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है।
फिलहाल इस मामले में पंचकूला साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Akhil Mahajan