NPS में कर्मचारियों की मेहनत की कमाई पर संकट, खाते में अंशदान बढ़ा फिर भी घट गई राशि

हरियाणा में NPS खाते की राशि घटने के दावे के बाद कर्मचारियों की चिंता बढ़ी, OPS बहाली की मांग पर संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया।

NPS में कर्मचारियों की मेहनत की कमाई पर संकट, खाते में अंशदान बढ़ा फिर भी घट गई राशि

➤ तीन महीने में करीब 53 हजार रुपये का अंशदान, फिर भी खाते की राशि उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी

➤ धारीवाल ने NPS की सुरक्षा पर उठाए सवाल, सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब

➤ OPS बहाली के लिए संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने और संकल्प मार्च जारी रखने का ऐलान किया


चंडीगढ़/हिसार। कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को लेकर हरियाणा में एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय मुख्य संगठन सचिव विजेंद्र सिंह धारीवाल ने अपने NPS खाते के आंकड़े सार्वजनिक करते हुए दावा किया है कि नियमित अंशदान जमा होने के बावजूद खाते में दर्ज राशि अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची। उनके अनुसार, बाजार आधारित व्यवस्था में राशि के उतार-चढ़ाव ने कर्मचारियों के सामने यह चिंता खड़ी कर दी है कि सेवानिवृत्ति के समय उनकी जमा पूंजी और पेंशन सुरक्षा कितनी सुनिश्चित रहेगी।

धारीवाल के अनुसार, 30 जून 2026 को उनके NPS Tier-I खाते में 17,59,473.57 रुपये जमा थे। जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान करीब 53,223 रुपये का अंशदान खाते में जुड़ा। इस आधार पर खाते में कुल राशि करीब 18,12,696.57 रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन 30 सितंबर 2026 को खाते में दर्ज राशि 17,83,202.47 रुपये रही।

इसके बाद अक्तूबर में 17,741 रुपये का अंशदान जुड़ने की जानकारी दी गई। धारीवाल के अनुसार, इसके बावजूद 27 अक्टूबर 2026 को खाते की राशि घटकर 17,82,686.43 रुपये रह गई। उन्होंने इसी अंतर को आधार बनाकर NPS में कर्मचारियों की जमा राशि और उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, NPS खाते में राशि घटने या बढ़ने के पीछे बाजार के उतार-चढ़ाव, निवेश के प्रदर्शन, अंशदान की तारीख, यूनिट मूल्य और अन्य लेन-देन जैसे कई कारक हो सकते हैं। इसलिए किसी खाते में राशि कम दिखाई देने का वास्तविक कारण जानने के लिए संबंधित खाते का पूरा लेन-देन और निवेश विवरण देखना जरूरी है। उपलब्ध आंकड़े अपने आप में यह साबित नहीं करते कि राशि में कमी केवल किसी एक कारण से हुई है।

धारीवाल ने सरकार से पूछा, कर्मचारियों के भविष्य की गारंटी कौन देगा

धारीवाल ने कहा कि देश और प्रदेश की सेवा करने वाले कर्मचारियों तथा सुरक्षा बलों के जवानों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि कर्मचारियों की पेंशन राशि बाजार आधारित व्यवस्था से जुड़ी है, तो उनके बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था क्या है।

उनका कहना है कि कर्मचारी वर्षों तक अपनी सेवा के दौरान अंशदान देते हैं और उन्हें उम्मीद रहती है कि सेवानिवृत्ति के बाद यही राशि उनके जीवन का सहारा बनेगी। ऐसे में खाते में होने वाले उतार-चढ़ाव को लेकर कर्मचारियों की चिंता स्वाभाविक है।

OPS बहाली की मांग फिर तेज

पेंशन बहाली संघर्ष समिति, हरियाणा लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना यानी OPS बहाल करने की मांग उठा रही है। समिति का कहना है कि NPS और यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS से जुड़ी कमियों को सरकार के सामने लगातार रखा जा रहा है।

इस मांग पर विचार के लिए प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित किए जाने का भी हवाला दिया गया है। हालांकि, समिति के अनुसार अभी तक कर्मचारियों को ऐसा ठोस समाधान नहीं मिला है, जिससे उनकी पेंशन सुरक्षा को लेकर बनी चिंता दूर हो सके।

धारीवाल का कहना है कि कर्मचारियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने वाला स्पष्ट फैसला चाहिए। समिति की प्रमुख मांग OPS की बहाली है और इसके लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।

प्रदेशभर में निकाले जा रहे OPS संकल्प मार्च

OPS बहाली की मांग को लेकर संघर्ष समिति की ओर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में OPS संकल्प मार्च निकाले जा रहे हैं। इन मार्च के जरिए कर्मचारियों को आंदोलन से जोड़ने के साथ ही सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

समिति की ओर से जिला उपायुक्तों के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी की जा रही है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर प्रदेशभर में आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।

आंदोलन और तेज करने की तैयारी

धारीवाल ने कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर एकजुट हों। उनका कहना है कि जब तक पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने संकेत दिया है कि यदि सरकार की ओर से जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो OPS बहाली का आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। ऐसे में NPS में जमा राशि के उतार-चढ़ाव को लेकर उठी यह बहस आने वाले दिनों में कर्मचारियों और सरकार के बीच पेंशन व्यवस्था को लेकर चर्चा को और तेज कर सकती है।

जरूरी तथ्य

धारीवाल द्वारा साझा आंकड़ों में जून से अक्टूबर 2026 के बीच NPS खाते की राशि और अंशदान का विवरण दिया गया है। खाते की राशि में बदलाव का अंतिम कारण संबंधित निवेश और लेन-देन के पूरे रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। इसलिए इसे NPS खाते में राशि घटने के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि राशि घटने के किसी एक निश्चित कारण के प्रमाण के रूप में।