नूंह में 80 हजार की रिश्वत लेते JE गिरफ्तार, DTP पर भी केस; ACB टीम से धक्का-मुक्की का आरोप
नूंह में ACB ने 80 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते JE को गिरफ्तार किया। DTP पर भी केस दर्ज हुआ और कार्रवाई के दौरान धक्का-मुक्की की जांच जारी है।
➤ निर्माणाधीन भवन के मामले में JE पर 1 लाख रिश्वत मांगने का आरोप
➤ 80 हजार रुपये लेते ACB ने सलीम को पकड़ा, कार्रवाई के दौरान विवाद
➤ DTP बिनेश के खिलाफ भी केस दर्ज, कार्यालय में धक्का-मुक्की की जांच जारी
नूंह। नूंह के लघु सचिवालय स्थित जिला नगर योजनाकार (DTP) कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद मामला गरमा गया है। ACB ने DTP कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) सलीम को कथित तौर पर 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। शिकायत के अनुसार, निर्माणाधीन भवन से जुड़े मामले में JE पर पहले 1 लाख रुपये रिश्वत मांगने और बाद में 80 हजार रुपये में सौदा तय करने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में कहासुनी और ACB टीम के साथ कथित धक्का-मुक्की की बात भी सामने आई है। मामले में जिला नगर योजनाकार बिनेश के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, आरोपों में किसकी क्या भूमिका रही, इसका अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अशफाक अहमद निवासी फिरोजपुर झिरका ने ACB को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनके मौसेरे भाई परवेज आलम निर्माण कार्य से जुड़े हैं। आरोप है कि निर्माणाधीन भवन को लेकर DTP कार्यालय में तैनात JE सलीम की ओर से बार-बार नोटिस दिए जा रहे थे और कथित तौर पर रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस मामले में पहले एक लाख रुपये की रकम मांगी गई थी। बाद में कथित तौर पर 80 हजार रुपये में रकम तय हुई। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच और कार्रवाई की योजना तैयार की।
80 हजार रुपये लेते पकड़े जाने का दावा
ACB इंस्पेक्टर राजकुमार के अनुसार, तय कार्रवाई के दौरान JE सलीम को 80 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद DTP कार्यालय में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और वहां मौजूद लोगों के बीच कहासुनी होने लगी।
ACB की कार्रवाई के दौरान कार्यालय में धक्का-मुक्की होने का भी आरोप सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर अब जांच की जा रही है कि कार्रवाई के दौरान किन परिस्थितियों में विवाद हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
DTP बिनेश के खिलाफ भी मुकदमा
मामले में जिला नगर योजनाकार बिनेश के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से उनके खिलाफ भी शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है।
ACB के अनुसार, कार्रवाई के समय कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि निर्माण कार्य से संबंधित नोटिस जारी करने और कथित रिश्वत की मांग के बीच क्या संबंध था तथा पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका क्या रही।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल ACB की कार्रवाई के बाद मामले में आरोपों और कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। JE सलीम की गिरफ्तारी और DTP बिनेश के खिलाफ दर्ज मामले में लगाए गए आरोपों को जांच के आधार पर ही अंतिम रूप से स्पष्ट किया जा सकेगा।
ACB की कार्रवाई भ्रष्टाचार की शिकायतों पर की गई कार्रवाई के तौर पर सामने आई है। अब जांच में रिश्वत की कथित मांग, 80 हजार रुपये के लेनदेन, निर्माण कार्य से जुड़े नोटिस और कार्यालय में हुई कथित धक्का-मुक्की से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
Akhil Mahajan