हरियाणा में कहां सबसे पहले और कहां सबसे आखिर में दिखेगा चांद?
हरियाणा में करवा चौथ पर पंचकूला में रात 8:12 बजे और रेवाड़ी में 8:23 बजे चांद दिखने का अनुमान है। बारिश और बादलों से दर्शन में देरी हो सकती है।
➤ हरियाणा में पंचकूला में रात 8:12 बजे और रेवाड़ी में 8:23 बजे चंद्रोदय का अनुमान
➤ 15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, बादलों के कारण चांद दिखने में हो सकती है देरी
➤ चांद नजर न आए तो क्या करें, पंडित बलराम गौतम ने बताई धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा की विधि
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाओं को इस बार चांद के दीदार के लिए मौसम की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। हरियाणा में अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में अंतर रहेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंचकूला में सबसे पहले रात 8:12 बजे चांद दिखाई देने का अनुमान है, जबकि रेवाड़ी में सबसे आखिर में रात 8:23 बजे तक चंद्रोदय होने की संभावना है। यानी प्रदेश के इन शहरों के बीच करीब 11 मिनट का अंतर रहेगा। दूसरी ओर, मौसम विभाग ने हरियाणा के 15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में आसमान में बादल छाए रहने पर चांद के दर्शन में देरी हो सकती है। इस स्थिति को लेकर महिलाओं के मन में यह सवाल भी उठ सकता है कि यदि निर्धारित समय पर चांद दिखाई न दे तो व्रत कैसे खोलें। इस संबंध में ब्रह्मसरोवर परिसर स्थित कात्यायनी देवी मंदिर के संचालक पंडित बलराम गौतम ने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा और व्रत खोलने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है।
पंचकूला में सबसे पहले, रेवाड़ी में सबसे आखिर में चांद दिखने का अनुमान
हरियाणा के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में अंतर होने के कारण महिलाओं को अपने शहर के समय का ध्यान रखना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंचकूला में रात 8:12 बजे और रेवाड़ी में रात 8:23 बजे चांद निकलने का अनुमान है। इन दोनों शहरों के बीच करीब 11 मिनट का अंतर बताया गया है।
हालांकि, चंद्रोदय का अनुमानित समय और वास्तविक रूप से चांद दिखाई देने का समय अलग हो सकता है। स्थानीय मौसम, बादलों की स्थिति और आसपास की इमारतों के कारण दर्शन में देरी हो सकती है।
15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
करवा चौथ के दिन मौसम भी व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। बादल छाए रहने की स्थिति में चांद दिखाई देने में 10 से 15 मिनट या उससे अधिक की देरी भी हो सकती है।
ऐसे में यदि निर्धारित समय पर चांद नजर नहीं आता है तो महिलाओं को कुछ देर इंतजार करना पड़ सकता है। केवल अनुमानित समय के आधार पर यह मान लेना उचित नहीं होगा कि चांद दिखाई दे चुका है। स्थानीय आसमान की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।
चांद दिखाई न दे तो क्या करें
ब्रह्मसरोवर परिसर में स्थित कात्यायनी देवी मंदिर के संचालक पंडित बलराम गौतम के अनुसार, बादल या बारिश के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देने पर भी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत खोलने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में महिलाएं पूर्व दिशा की ओर मुंह करके चंद्रमा का ध्यान कर सकती हैं।
धार्मिक परंपरा में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने का विधान माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में पूजा की विधि में अंतर हो सकता है। इसलिए महिलाएं अपने परिवार की मान्यता और परंपरा के अनुसार पूजा कर सकती हैं।
करवा, चंद्रमा और गणपति की पूजा का विधान
पंडित बलराम गौतम के अनुसार, करवा मिट्टी का पात्र होता है, जिसमें जल भरकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। पूजा के दौरान सुगंधित द्रव्य, सफेद फूल और चावल का उपयोग किया जाता है। इसके साथ गणपति और चौथ माता की पूजा भी की जाती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रमा, गणपति और चौथ माता का संकल्प लेकर विधि-विधान से पूजा करने पर व्रत की पूर्णता मानी जाती है। महिलाएं इस अवसर पर अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
बादलों के कारण परेशान होने की जरूरत नहीं
पंडित बलराम गौतम ने बताया कि आसमान में बादल छाए रहने या बारिश होने की स्थिति में महिलाओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे पूर्व दिशा की ओर मुंह करके चंद्रमा का ध्यान करते हुए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा और व्रत खोलने की प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।
इस बार करवा चौथ पर मौसम की स्थिति के कारण चांद के वास्तविक दर्शन का समय अनुमान से अलग हो सकता है। इसलिए महिलाओं को धैर्य रखते हुए स्थानीय मौसम पर नजर रखनी चाहिए और अपने परिवार की धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा करनी चाहिए।
Akhil Mahajan