करवाचौथ पर हरियाणा में बादलों के पीछे चांद की लुका-छिपी: अंबाला में सबसे पहले दिखा चांद; कई जिलों में करना पड़ा इंतजार
हरियाणा में करवाचौथ पर अंबाला, पंचकूला और जींद में चांद दिखा। कई जिलों में बारिश और बादलों के कारण महिलाओं को व्रत खोलने के लिए इंतजार करना पड़ा।
➤ अंबाला में रात 9:03 बजे दिखा चांद, पंचकूला में 9:10 बजे हुए दर्शन
➤ जींद में 9:20 बजे निकला चांद, कई जिलों में बादल और बारिश बनी परेशानी
➤ चांद न दिखने पर भी व्रत खोलने को लेकर पंडित ने बताई धार्मिक मान्यता
हरियाणा। करवाचौथ के पावन पर्व पर हरियाणा में सुहागिन महिलाओं को चांद के दीदार के लिए कई जगह मौसम की चुनौती का सामना करना पड़ा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बादल छाने और बारिश होने के कारण चंद्रमा दिखाई देने में देरी हुई, जबकि अंबाला में रात 9:03 बजे सबसे पहले चांद नजर आया। हालांकि, कुछ ही मिनट बाद बादलों के कारण चांद ओझल हो गया और करीब आधे घंटे बाद फिर साफ दिखाई देने लगा। इसके बाद पंचकूला में रात 9:10 बजे और जींद में 9:20 बजे चांद के दर्शन हुए। झज्जर में एक दंपती ने आतिशबाजी के बीच करवाचौथ का व्रत खोला। दूसरी ओर, भिवानी में बादल छाए रहने के साथ कुरुक्षेत्र, सोनीपत और नारनौल में बारिश ने महिलाओं का इंतजार बढ़ा दिया। करवाचौथ पर दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा-अर्चना और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने की तैयारी में जुटी रहीं।
अंबाला, पंचकूला और जींद में चांद के दर्शन
करवाचौथ की शाम हरियाणा के अलग-अलग शहरों में चांद निकलने का समय अलग रहा। अंबाला में रात 9:03 बजे चांद नजर आया, लेकिन बादलों के कारण वह कुछ देर के लिए छिप गया। बाद में चांद फिर साफ दिखाई देने लगा। पंचकूला में रात 9:10 बजे और जींद के उचाना में करीब 9:20 बजे चंद्रमा के दर्शन हुए। चांद दिखने के बाद महिलाओं ने पूजा की और अपने पति के साथ व्रत खोला।
बारिश और बादलों ने बढ़ाया इंतजार
प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने करवाचौथ के उत्साह के बीच इंतजार बढ़ा दिया। भिवानी में बादल छाए रहे, जबकि कुरुक्षेत्र, सोनीपत और नारनौल में बारिश होने की सूचना सामने आई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया था। बादलों और बारिश के चलते कुछ स्थानों पर महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
चांद न दिखे तो क्या करें, पंडित ने बताई मान्यता
कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर परिसर स्थित कात्यायनी देवी मंदिर के संचालक पंडित बलराम गौतम ने बताया कि यदि बादल या बारिश के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता है, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार महिलाएं पूर्व दिशा की ओर मुख करके चंद्रमा का ध्यान कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि परंपरा में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने का विधान है। हालांकि, धार्मिक रीति-रिवाज परिवारों और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
पूजा, तस्वीरों और उत्सव के साथ मनाया करवाचौथ
करवाचौथ के मौके पर महिलाओं ने दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को पूजा-अर्चना की। कैथल में महिलाओं के डांस करने की तस्वीरें सामने आईं, वहीं अंबाला सहित कई जिलों में महिलाएं सज-धजकर तस्वीरें खिंचवाती नजर आईं। अलग-अलग शहरों में परिवारों ने साथ मिलकर त्योहार मनाया और चांद दिखने के बाद व्रत खोला।
झज्जर के भदानी गांव में अखिल ने अपनी पत्नी के साथ आतिशबाजी करते हुए व्रत खोला। वहीं, सोनीपत, पंचकूला और जींद सहित कई स्थानों से महिलाओं के चंद्रमा के दर्शन करने और व्रत खोलने की तस्वीरें सामने आईं।
Akhil Mahajan