विस चुनावों से पहले पंजाब में AAP को बड़ा झटका, तीन विधायकों ने थामा BJP का दामन; सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पंजाब में आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन की। गैंगस्टरवाद, नशे और कर्ज के आरोपों के बीच दो विधायकों को स्पीकर ने 5 नवंबर को बुलाया।
➤ कुंवर विजय प्रताप, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा भाजपा में शामिल
➤ तीनों ने दो दिन के भीतर AAP से दिया इस्तीफा, कुंवर विजय प्रताप का विधानसभा से इस्तीफा मंजूर
➤ गैंगस्टरवाद, नशे और कर्ज को लेकर सरकार पर निशाना, दो विधायकों को स्पीकर ने 5 नवंबर को बुलाया
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। भाजपा में शामिल होने वालों में अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। तीनों विधायकों ने पिछले दो दिनों में AAP से इस्तीफा दिया था। सोमवार को दिल्ली में भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की मौजूदगी में तीनों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने के बाद तीनों विधायकों ने पंजाब सरकार पर नशे, गैंगस्टरवाद, फिरौती, बेरोजगारी और बढ़ते कर्ज को लेकर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा में भी हलचल बढ़ गई है और दो विधायकों को दलबदल विरोधी कानून के तहत 5 नवंबर को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
दो दिन में तीन विधायकों ने छोड़ी AAP
आम आदमी पार्टी छोड़ने का सिलसिला रविवार से शुरू हुआ था। रविवार को विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी से इस्तीफा दिया। सोमवार सुबह कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी AAP छोड़ने का फैसला कर लिया।
इसके बाद तीनों विधायक दिल्ली पहुंचे और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने तीनों का पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों सहित पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भाजपा में शामिल होने के पीछे पंजाब के प्रति पार्टी की सोच और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब के लोगों के प्रति लगाव को वजह बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और प्रदेश में अफरा-तफरी का माहौल है।
कुंवर विजय प्रताप बोले- पंजाब में फिरौती की इंडस्ट्री चल रही
भाजपा में शामिल होने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब में गैंगस्टरवाद और फिरौती के मामलों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में फिरौती एक इंडस्ट्री बन गई है और गैंगस्टरों को सरकार का हिस्सा बनाया जा रहा है।
कुंवर ने कहा कि वह पुलिस अधिकारी रहे हैं और गैंगस्टरों के खिलाफ अदालतों में गवाही दे रहे हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ वह गवाही दे रहे हैं, वे सरकार में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया।
उन्होंने पंजाब में बेरोजगारी बढ़ने और उद्योगों की स्थिति खराब होने का भी आरोप लगाया। कुंवर के मुताबिक, राज्य में कर्ज लेकर काम चलाया जा रहा है और लोगों को दोबारा शांति व खुशहाली की जरूरत है।
गौरतलब है कि कुंवर विजय प्रताप को जून 2025 में AAP ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था।
पठानमाजरा ने ढाई लाख करोड़ रुपये के कर्ज का उठाया मुद्दा
विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने AAP सरकार पर पंजाब को कर्ज के दलदल में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने ढाई लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, जो अब तक का सबसे बड़ा कर्ज है।
पठानमाजरा ने कहा कि जब उन्होंने पंजाब के मुद्दे उठाए तो उन्हें परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में प्रदेश के हितों की बात करने वाले नेताओं की आवाज दबाई गई।
उन्होंने पंजाब को नशे और भ्रष्टाचार से मुक्त कराने की बात कही। पठानमाजरा ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां गैंगस्टरवाद और गुंडागर्दी खत्म करने की बात कही गई, उसी तरह पंजाब में भी इन समस्याओं पर काम करने की जरूरत है।
चेतन जौड़ामाजरा ने डिस्पेंसरियां बंद करने पर उठाए सवाल
विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में 3 हजार ग्रामीण डिस्पेंसरियां बंद करके 881 आम आदमी क्लिनिक खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि इसे विकास नहीं माना जा सकता।
जौड़ामाजरा ने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में लोगों को दूध लेने के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है, जबकि नशे की होम डिलीवरी हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में हत्या, चेन स्नैचिंग और लूटपाट की घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता है। उनके अनुसार, राज्य में कभी भी किसी के साथ क्या हो जाए, इसका भरोसा नहीं है।
जौड़ामाजरा ने AAP की चुनावी गारंटियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुंवर और पठानमाजरा ने विधानसभा सदस्यता भी छोड़ी
AAP से इस्तीफा देने के साथ कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दिया है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवां ने कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सोमवार सुबह अपना इस्तीफा भेजा था।
वहीं, हरमीत पठानमाजरा ने भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उनके इस्तीफे पर 1 नवंबर की तारीख लिखी गई थी।
दो विधायकों को 5 नवंबर को स्पीकर ने बुलाया
AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हुए चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने दलबदल विरोधी कानून के तहत नोटिस जारी किया है। दोनों से 5 नवंबर तक जवाब मांगा गया है।
स्पीकर कुलतार संधवां के अनुसार, दोनों विधायकों का पक्ष सुनने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर फैसला किया जाएगा। यह कार्रवाई AAP की ओर से दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग के बाद की गई है।
भाजपा ने कहा- चिट्टा, करप्शन और क्राइम के खिलाफ काम करेगी पार्टी
भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने कहा कि पार्टी प्रदेश में तीन सी यानी चिट्टा, करप्शन और क्राइम के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने नशे को पंजाब की बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि इसके कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने तीनों विधायकों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी में उन्हें पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने AAP पर पंजाब के लोगों के साथ धोखा करने का आरोप भी लगाया।
पूनिया ने दावा किया कि पंजाब में भाजपा के पक्ष में माहौल बन रहा है और AAP के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है। ये भाजपा नेताओं के अपने राजनीतिक दावे हैं।
चौथे विधायक के AAP छोड़ने की चर्चा का खंडन
तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह के भी AAP छोड़ने की चर्चा शुरू हो गई थी। पार्टी ने उनकी विधानसभा सीट पर पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन जसवीर गढ़ी को विधानसभा क्षेत्र का इंचार्ज नियुक्त किया था।
हालांकि, डॉ. चरणजीत सिंह ने इन चर्चाओं को गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो वह पार्टी छोड़ेंगे और न ही निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में दलों के बीच गतिविधियां तेज हो गई हैं। तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के साथ ही अब सबकी नजर 5 नवंबर को होने वाली विधानसभा की सुनवाई पर रहेगी।
Akhil Mahajan