CM सुक्खू का दावा, बोले- BJP के 16 विधायक हारेंगे!
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के 16 विधायकों की हार का दावा किया। भाजपा को पांच गुटों में बंटा बताया और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
सीएम सुक्खू का दावा- भाजपा के 16 विधायक अगला चुनाव नहीं जीत पाएंगे
➤ भाजपा को पांच गुटों में बंटा बताया, बोले- विधानसभा चुनाव में पिछली बार से भी कम सीटें मिलेंगी
➤ आरडीजी बंद होने के बावजूद हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का दावा, बोले- प्रदेश की संपदा लूटने नहीं देंगे
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 16 विधायक ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि वे दोबारा चुनाव जीत सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को पिछली बार के मुकाबले भी कम सीटें मिलेंगी। उन्होंने भाजपा को पांच गुटों में बंटी पार्टी बताते हुए कहा कि उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने ही गुटों को एकजुट करने की है।
सीएम सुक्खू ने अपने दावे को विश्वास के साथ लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद उनसे इस बारे में दोबारा सवाल किया जाए। भाजपा की ओर से कांग्रेस सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की अंदरूनी स्थिति ऐसी है कि उसे अपने पांच गुटों को एकजुट करने की जरूरत पड़ रही है। इसी वजह से असम के मुख्यमंत्री को भी हिमाचल प्रदेश लाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को चुनाव में अपनी स्थिति का अंदाजा हो चुका है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कामकाज, विपक्ष की भूमिका, एसआईआर के विरोध और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी अपनी बात रखी। साथ ही स्पष्ट किया कि सरकार हिमाचल की संपदा का इस्तेमाल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए करेगी और इसके संसाधनों को लूटने नहीं दिया जाएगा।
भाजपा के पांच गुटों में बंटने का दावा, 16 विधायकों की जीत पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा की चुनावी तैयारियों और अंदरूनी स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 16 विधायक आगामी विधानसभा चुनाव में दोबारा जीत हासिल नहीं कर पाएंगे। सीएम के अनुसार, पार्टी के कई विधायकों की स्थिति मजबूत नहीं है और इसका असर आने वाले चुनाव परिणामों में दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा पांच अलग-अलग गुटों में बंटी हुई है। पार्टी के सामने पहले इन गुटों को एकजुट करने की चुनौती है। मुख्यमंत्री ने भाजपा की ओर से कांग्रेस सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी अंदरूनी स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।
सीएम सुक्खू ने अपने चुनावी आकलन को लेकर विश्वास जताया और कहा कि परिणाम आने के बाद उनके दावे पर फिर सवाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी चुनाव में भाजपा को पिछली बार से कम सीटें मिलेंगी।
असम के मुख्यमंत्री को कांग्रेस के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने की बात कही
मुख्यमंत्री सुक्खू ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा की ओर से कांग्रेस नेताओं पर किए गए व्यक्तिगत हमलों और हिमाचल सरकार की गारंटियों को लेकर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना विपक्ष का काम है। राजनीतिक रैलियों और यात्राओं के माध्यम से जनता के मुद्दों को सामने लाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने अगले शपथ ग्रहण समारोह में आने की बात कही है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जाता है। इसी परंपरा के तहत असम के मुख्यमंत्री को भी निमंत्रण भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा रविवार को शिमला में भाजपा की पदयात्रा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर व्यक्तिगत हमले किए थे और हिमाचल सरकार की गारंटियों को लेकर सवाल उठाए थे।
एसआईआर के विरोध को बताया लोकतंत्र की विशेषता, राहुल गांधी का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एसआईआर के माध्यम से हो रही कथित धांधली को रोकने की कोशिश कर रहे हैं और जनता ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना जरूरी है। रैलियों और यात्राओं के जरिए लोगों से जुड़े मुद्दों को सामने लाया जाता है। उन्होंने एसआईआर के विरोध को लोकतांत्रिक व्यवस्था की विशेषता बताया।
मुख्यमंत्री ने भाजपा की ओर से ईवीएम और कांग्रेस सरकार की गारंटियों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि विपक्ष को जनता के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
आरडीजी बंद होने के बाद भी सरकार ने संभाली आर्थिक स्थिति, 8 से 10 हजार करोड़ की कटौती का जिक्र
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए हैं। केंद्र सरकार से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की राशि बंद होने के बावजूद प्रदेश सरकार आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है।
सीएम ने कहा कि करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपए की कटौती के बावजूद सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को संभाला है। उन्होंने इसे आम परिवार के बजट से जोड़कर समझाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मासिक आय 50 हजार या एक लाख रुपए है और उसमें से 15 से 20 हजार रुपये काट दिए जाएं, तो परिवार का बजट संतुलित करना मुश्किल हो जाएगा। इसी तरह सरकार भी एक परिवार की तरह होती है। उसे भी सीमित संसाधनों में प्रदेश का संचालन करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को संभालने का प्रयास किया है। सरकार व्यवस्था परिवर्तन के जरिए हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
हिमाचल की संपदा को लूटने नहीं देंगे, अपने संसाधनों से आत्मनिर्भर बनेगा प्रदेश
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे बड़ा आधार यहां की अपनी संपदा और संसाधन हैं। सरकार प्रदेश की संपदा का संरक्षण कर रही है और इसका इस्तेमाल राज्य के हित में किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हिमाचल की जो संपदा है, उस संपदा को न तो हम लूटने दे रहे हैं, न ही लूट रहे हैं और न ही लूटने देंगे। न ही लुटाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए उनका उपयोग हिमाचल को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए करेगी। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश की संपदा का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।
Akhil Mahajan