संजीव गांधी का पांचवीं बार फिर तबादला,अब जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के MD
हिमाचल में IPS संजीव गांधी की फरवरी से अक्टूबर 2026 के बीच पांचवीं बार तैनाती बदली। अब जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के MD बने, भूपेंद्र कुमार कार्यभार से मुक्त।
IPS संजीव गांधी को हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन का MD बनाया गया
➤ फरवरी से अक्टूबर 2026 के बीच पांचवीं बार बदली तैनाती, फिर पुलिस विभाग से बाहर मिली जिम्मेदारी
➤ HPS अधिकारी भूपेंद्र कुमार अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त, 24 अक्टूबर को जारी हुई अधिसूचना
हिमाचल प्रदेश में 2012 बैच के IPS अधिकारी एवं DIG संजीव गांधी की तैनाती एक बार फिर बदल दी गई है। राज्य सरकार ने उन्हें हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड, शिमला का प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है। इससे पहले उन्हें कांगड़ा स्थित हिमाचल प्रदेश बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का MD बनाया गया था। फरवरी से अक्टूबर 2026 के बीच उनकी तैनाती में यह पांचवां बदलाव बताया जा रहा है। नई नियुक्ति के साथ ही जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के MD का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे HPS अधिकारी भूपेंद्र कुमार को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
कार्मिक विभाग ने 24 अक्टूबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। आदेश के अनुसार, संजीव गांधी को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने इस प्रशासनिक बदलाव को जनहित में लिया गया निर्णय बताया है। हालांकि, बीते नौ महीनों में उनकी तैनाती बार-बार बदलने के कारण यह मामला एक बार फिर प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
फरवरी से अक्टूबर तक पांचवीं बार बदली संजीव गांधी की तैनाती, कभी निगम तो कभी पुलिस विभाग में मिली जिम्मेदारी
IPS संजीव गांधी की तैनाती में वर्ष 2026 के दौरान लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। फरवरी से अक्टूबर के बीच उन्हें अलग-अलग विभागों और निगमों में जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
इस दौरान कभी उन्हें पुलिस विभाग से हटाकर किसी निगम का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया तो कभी वापस पुलिस विभाग में तैनाती दी गई। कुछ समय बाद उन्हें फिर कार्मिक विभाग के अधीन कर दिया गया।
अब सरकार ने उन्हें शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है।
इस नई नियुक्ति के बाद संजीव गांधी एक बार फिर पुलिस विभाग के बजाय निगम के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।
संजीव गांधी की तैनाती में बदलाव का सिलसिला फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। उस समय राज्य सरकार ने उन्हें पुलिस विभाग से हटाकर मिल्कफेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया था।
हालांकि, संजीव गांधी इस पद पर कार्यभार संभालने नहीं पहुंचे। इसके बाद सरकार ने उनकी तैनाती को लेकर नया आदेश जारी किया।
24 फरवरी को उन्हें आगे की तैनाती के लिए कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए।
इस तरह मिल्कफेड में प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी मिलने के बावजूद उन्होंने वहां कार्यभार नहीं संभाला और उनकी अगली नियुक्ति के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ी।
मार्च में DIG ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे की जिम्मेदारी मिली, अगस्त में फिर बदली तैनाती
फरवरी में हुए प्रशासनिक बदलाव के बाद सरकार ने मार्च 2026 में संजीव गांधी को दोबारा पुलिस विभाग में जिम्मेदारी सौंपी।
उन्हें DIG ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे के पद पर नियुक्त किया गया। इस पद पर वह कुछ महीनों तक तैनात रहे।
हालांकि, अगस्त 2026 में सरकार ने एक बार फिर उनकी तैनाती बदल दी। उन्हें DIG ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे के पद से हटाकर कार्मिक विभाग के अधीन कर दिया गया।
इसके बाद उनकी अगली तैनाती को लेकर अक्टूबर में नया आदेश सामने आया।
अक्टूबर में कांगड़ा के बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस कॉरपोरेशन का MD बनाया, फिर 24 अक्टूबर को नया आदेश
अगस्त में कार्मिक विभाग के अधीन किए जाने के बाद अक्टूबर 2026 में संजीव गांधी को एक और प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई।
सरकार ने उन्हें हिमाचल प्रदेश बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, कांगड़ा का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया।
लेकिन इसी महीने उनकी तैनाती में दोबारा बदलाव कर दिया गया।
24 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के माध्यम से उन्हें कांगड़ा स्थित निगम के बजाय शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बना दिया गया।
इस तरह फरवरी से अक्टूबर के बीच उनकी तैनाती को लेकर पांच बार प्रशासनिक बदलाव सामने आए हैं।
फरवरी 2023 से फरवरी 2026 तक शिमला के SP रहे संजीव गांधी, तीन साल संभाली राजधानी की पुलिस व्यवस्था
IPS संजीव गांधी इससे पहले हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस अधीक्षक के पद पर भी तैनात रह चुके हैं।
वह फरवरी 2023 से फरवरी 2026 तक शिमला के SP रहे। इस दौरान उनके पास राजधानी की पुलिस व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी थी।
फरवरी 2026 में उन्हें शिमला के SP पद से हटाकर मिल्कफेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया था।
इसके बाद उनकी तैनाती में बदलाव का सिलसिला जारी रहा। मार्च में पुलिस विभाग में DIG की जिम्मेदारी मिलने के बाद अगस्त में उन्हें फिर कार्मिक विभाग के अधीन कर दिया गया।
अब अक्टूबर में दो अलग-अलग निगमों में प्रबंध निदेशक पद पर नियुक्ति के आदेश सामने आए हैं।
सरकारी आवास और पुलिस फंड के खर्च को लेकर भी उठे थे सवाल, संजीव गांधी ने आरोपों को बताया गलत
संजीव गांधी की प्रशासनिक तैनाती में हुए बदलावों के साथ उनके पूर्व कार्यकाल से जुड़े कुछ विवाद भी चर्चा में रहे हैं।
उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी आवास, पुलिस फंड के खर्च और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
अक्टूबर 2026 में उनके खिलाफ सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामलों में कार्रवाई की खबरें भी सामने आई थीं।
हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। संजीव गांधी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।
इन आरोपों और तैनाती में हुए बदलावों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के MD का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे भूपेंद्र कुमार जिम्मेदारी से मुक्त
संजीव गांधी की नई नियुक्ति के साथ ही HPS अधिकारी भूपेंद्र कुमार को हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है।
भूपेंद्र कुमार अब तक इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद अब संजीव गांधी को निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में कामकाज संभालना होगा।
सरकार ने इस नियुक्ति को जनहित में किया गया प्रशासनिक निर्णय बताया है।
बार-बार बदलती तैनाती से प्रशासनिक हलकों में चर्चा, अब शिमला स्थित निगम की कमान संभालेंगे संजीव गांधी
वर्ष 2026 में संजीव गांधी की तैनाती में हुए लगातार बदलाव प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
फरवरी में मिल्कफेड का MD, मार्च में DIG ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे, अगस्त में कार्मिक विभाग के अधीन और अक्टूबर में कांगड़ा के बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का MD बनाए जाने के बाद अब उन्हें शिमला के जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है।
ताजा आदेश के अनुसार, उन्हें तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालनी है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस बदलाव को जनहित में लिया गया प्रशासनिक निर्णय बताया गया है। वहीं, फरवरी से अक्टूबर के बीच बार-बार बदली तैनाती के कारण संजीव गांधी का मामला एक बार फिर चर्चा में है।
Akhil Mahajan