DIG संजीव गांधी पर 24 घंटे में दूसरी FIR, साउथवुड आवास की मरम्मत पर 14.07 लाख खर्च करने का आरोप
शिमला के पूर्व एसएसपी एवं डीआईजी संजीव गांधी के खिलाफ सरकारी आवास साउथवुड की मरम्मत पर 14.07 लाख रुपये खर्च करने के आरोप में दूसरी एफआईआर दर्ज हुई।
DIG संजीव गांधी के खिलाफ 24 घंटे के भीतर दूसरी FIR, सरकारी आवास की मरम्मत पर 14.07 लाख रुपये खर्च करने का आरोप
➤ ऑडिट रिपोर्ट में रामपुर और शोघी के लिए निर्धारित धनराशि साउथवुड आवास पर खर्च करने की बात, अलग बजट मंजूरी का रिकॉर्ड नहीं मिला
➤ संजीव गांधी ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया, बोले- पुलिस भर्ती घोटाला सामने आने के बाद से रचे जा रहे षड्यंत्र
शिमला। शिमला के पूर्व एसएसपी एवं डीआईजी संजीव गांधी के खिलाफ 24 घंटे के भीतर दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। इस बार मामला पुलिस भवनों और जवानों के सरकारी आवासों की मरम्मत के लिए आवंटित धनराशि के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। आरोप है कि तत्कालीन एसपी संजीव गांधी के सरकारी आवास ‘साउथवुड’ की मरम्मत पर बिना अलग बजट मंजूर हुए 14 लाख 07 हजार 392 रुपये खर्च किए गए। डीजीपी कार्यालय की ऑडिट समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिमला पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
शिमला पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। ऑडिट रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान पुलिस भवनों और जवानों के सरकारी आवासों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए आवंटित राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, संजीव गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि पुलिस भर्ती घोटाला सामने आने के बाद से ही उनके खिलाफ षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
पुलिस भवनों और आवासों की मरम्मत के लिए आवंटित हुए थे 1.28 करोड़ रुपये
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान पुलिस भवनों और जवानों के सरकारी आवासों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए करीब 1.28 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि इस राशि में से 14 लाख 07 हजार 392 रुपये तत्कालीन एसपी संजीव गांधी के सरकारी आवास साउथवुड की मरम्मत पर खर्च किए गए।
रिपोर्ट में इस खर्च को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसके मुताबिक, साउथवुड आवास की मरम्मत के लिए न तो सरकार और न ही पुलिस मुख्यालय की ओर से अलग बजट मंजूर किया गया था। संबंधित कार्य मूल प्रस्तावों में भी शामिल नहीं थे। ऐसे में आवंटित राशि के इस्तेमाल और खर्च की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं।
रामपुर और शोघी के लिए तय धनराशि इस्तेमाल करने का आरोप
ऑडिट रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि रामपुर और शोघी के लिए निर्धारित धनराशि का इस्तेमाल एसपी के सरकारी आवास की मरम्मत पर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित कार्यों के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति और आवश्यक स्वीकृतियों से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं पाए गए।
सरकारी धनराशि के इस्तेमाल से जुड़े इन पहलुओं के आधार पर शिमला पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अब जांच में खर्च की प्रक्रिया, बजट की मंजूरी और आवश्यक अनुमतियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल, ये आरोप ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित हैं। मामले में आगे की स्थिति जांच के निष्कर्षों के बाद स्पष्ट होगी।
22 अक्टूबर को भी दर्ज हुई थी एफआईआर
संजीव गांधी के खिलाफ इससे पहले 22 अक्टूबर को एक अन्य मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। अब सरकारी आवास की मरम्मत पर खर्च की गई राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर दूसरी एफआईआर दर्ज होने से मामला फिर चर्चा में है।
लगातार दो मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद संजीव गांधी की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। पहले मामले के सामने आने के बाद उन्होंने बयान दिया था कि वह सच्चाई का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। ताजा मामले में पुलिस ने ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज कथित वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर कार्रवाई की है।
संजीव गांधी बोले- आरोप झूठे और बेबुनियाद, मेरे खिलाफ रचे जा रहे षड्यंत्र
इस पूरे मामले पर संजीव गांधी ने अपनी सफाई देते हुए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। उनका दावा है कि पुलिस भर्ती घोटाला सामने आने के बाद से ही उनके खिलाफ लगातार षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
एक ओर ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर सरकारी आवास की मरम्मत में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर संजीव गांधी ने आरोपों को गलत बताया है। अब मामले की जांच के दौरान खर्च और मंजूरियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल होगी। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Akhil Mahajan