16 नवंबर से विधानसभा सत्र ,तपोवन में 6 बैठकें,19 नवंबर को प्राइवेट मेंबर डे,राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी,16 नवंबर को शोक उद्गार से शुरू होगी कार्यवाही
हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 21 नवंबर तक धर्मशाला के तपोवन में होगा। छह बैठकें निर्धारित, 19 नवंबर को प्राइवेट मेंबर डे रहेगा।
हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 21 नवंबर तक धर्मशाला के तपोवन में होगा
➤ छह बैठकों में चलेगा सदन, 19 नवंबर को प्राइवेट मेंबर डे पर विधायक उठाएंगे अपने क्षेत्रों के मुद्दे
➤ राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी, 16 नवंबर को शोक उद्गार से शुरू होगी कार्यवाही
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीखों का ऐलान हो गया है। इस बार विधानसभा का विंटर सेशन 16 से 21 नवंबर 2026 तक धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। छह बैठकों वाले इस सत्र में प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों, विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा होने की संभावना है। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं को भी सदन में उठाएंगे।
जारी कार्यक्रम के अनुसार, सत्र के पहले दिन 16 नवंबर को दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी। शुरुआत दिवंगत नेताओं के प्रति शोक उद्गार के साथ की जाएगी। इसके बाद निर्धारित कार्यसूची के अनुसार विधानसभा का कामकाज आगे बढ़ेगा। 19 नवंबर को प्राइवेट मेंबर डे रखा गया है, जिसमें विधायकों को अपने स्तर पर जनहित से जुड़े विषय सदन के सामने रखने का अवसर मिलेगा। शीतकालीन सत्र की अंतिम बैठक 21 नवंबर को होगी।
इस बार सत्र दिसंबर के बजाय नवंबर के तीसरे सप्ताह में आयोजित किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके पीछे विंटर टूरिस्ट सीजन को ध्यान में रखना प्रमुख कारण है। वहीं, विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले होने वाले इस सत्र में प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना, 16 नवंबर से शुरू होगा सत्र
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तारीखों और बैठकों का कार्यक्रम जारी कर दिया है।
इस कार्यक्रम के अनुसार, धर्मशाला के तपोवन विधानसभा परिसर में 16 नवंबर से सदन की कार्यवाही शुरू होगी।
पहले दिन दोपहर 2 बजे बैठक आयोजित की जाएगी। सदन की कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत नेताओं को याद करते हुए शोक उद्गार से होगी।
इसके बाद विधानसभा में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अन्य कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
इस बार सत्र में कुल छह बैठकें निर्धारित की गई हैं। अंतिम बैठक 21 नवंबर को होगी, जिसके साथ शीतकालीन सत्र संपन्न हो जाएगा।
छह दिन में होंगी विधानसभा की छह बैठकें, चार दिन शासकीय विधायी कार्यों के लिए निर्धारित
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम में 16 से 21 नवंबर तक कुल छह बैठकें निर्धारित की गई हैं।
इन बैठकों के दौरान शासकीय विधायी कार्यों के साथ प्रदेश के अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी।
17, 18, 20 और 21 नवंबर को शासकीय विधायी कार्य किए जाएंगे। वहीं, 19 नवंबर को शासकीय विधायी कार्यों के साथ निजी सदस्य दिवस भी रखा गया है।
इस दिन विधायकों को अपने स्तर पर सदन में विभिन्न विषय उठाने का अवसर मिलेगा।
हिमाचल विधानसभा शीतकालीन सत्र का कार्यक्रम
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16 नवंबर |
दोपहर 2 बजे शुरुआत, शोक उद्गार |
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17 नवंबर |
शासकीय विधायी कार्य |
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18 नवंबर |
शासकीय विधायी कार्य |
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19 नवंबर |
शासकीय विधायी कार्य और प्राइवेट मेंबर डे |
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20 नवंबर |
शासकीय विधायी कार्य |
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21 नवंबर |
शासकीय विधायी कार्य, सत्र की अंतिम बैठक |
19 नवंबर को प्राइवेट मेंबर डे, विधायक अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याएं सदन में रख सकेंगे
शीतकालीन सत्र में 19 नवंबर का दिन विधायकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।
इस दिन शासकीय विधायी कार्यों के साथ निजी सदस्य दिवस यानी प्राइवेट मेंबर डे भी आयोजित किया जाएगा।
प्राइवेट मेंबर डे के दौरान विधायकों को अपने स्तर पर विभिन्न विषय सदन में रखने का अवसर मिलेगा।
इसमें विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं, स्थानीय विकास कार्यों और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सकता है।
विधायक अपने क्षेत्रों में सामने आ रही समस्याओं को सरकार के सामने रखकर उनके समाधान और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बारे में जानकारी मांग सकेंगे।
इस दिन सदन में किन विषयों पर चर्चा होगी, यह विधायकों की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों और निर्धारित कार्यसूची पर निर्भर करेगा।
विधानसभा सचिवालय को सवाल भेजने लगे विधायक, मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री देंगे जवाब
शीतकालीन सत्र के दौरान विधायकों की ओर से पूछे जाने वाले सवाल भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
जानकारी के अनुसार, सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा सचिवालय को अपने प्रश्न भेजने शुरू कर दिए हैं।
सचिवालय इन सवालों को संबंधित विभागों और सरकार के पास जवाब तैयार करने के लिए भेजेगा।
इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री विधायकों के प्रश्नों के उत्तर देंगे।
विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सरकार से जानकारी मांग सकते हैं।
इस प्रक्रिया के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याएं सदन के सामने आएंगी और संबंधित विभागों को उनका जवाब देना होगा।
विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले हो रहा सत्र, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तेज हो सकती है चर्चा
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले आयोजित होने वाला यह शीतकालीन सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सत्र के दौरान प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है।
जनहित से जुड़े विषयों, विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और विभागीय कामकाज को लेकर विधायक सदन में सवाल उठा सकते हैं।
विपक्ष के विधायक विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकते हैं। वहीं, सत्तापक्ष के विधायक भी अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं और विकास से जुड़े विषयों को सामने रख सकेंगे।
सरकार की ओर से संबंधित विभागों के कामकाज और योजनाओं की स्थिति को लेकर जवाब दिए जाएंगे।
हालांकि, सत्र के दौरान किन मुद्दों पर सबसे अधिक चर्चा होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसका निर्धारण विधायकों की ओर से प्रस्तुत प्रश्नों, विधानसभा की कार्यसूची और सदन में उठाए जाने वाले विषयों से होगा।
विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं पर हो सकती है चर्चा, अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाएंगे विधायक
शीतकालीन सत्र में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।
विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सामने आ रही समस्याओं को सदन में उठाकर सरकार से जवाब मांग सकते हैं।
इसके अलावा विभागीय कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित प्रश्न भी सदन में रखे जा सकते हैं।
विधानसभा सचिवालय को विधायकों की ओर से भेजे जा रहे सवालों को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।
सरकार और संबंधित मंत्री इन प्रश्नों के उत्तर सदन में देंगे।
ऐसे में छह बैठकों वाले इस सत्र में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कई विषय सामने आ सकते हैं।
दिसंबर की जगह नवंबर में क्यों हो रहा विंटर सेशन? पर्यटन सीजन को बताया जा रहा प्रमुख कारण
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आमतौर पर दिसंबर में धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होता रहा है।
लेकिन इस बार विधानसभा सचिवालय ने सत्र का कार्यक्रम नवंबर के तीसरे सप्ताह में निर्धारित किया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बदलाव के पीछे विंटर टूरिस्ट सीजन को ध्यान में रखना प्रमुख कारण है।
धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की आवाजाही रहती है।
ऐसे में नवंबर में विधानसभा सत्र आयोजित करने से पर्यटन सीजन के दौरान संभावित व्यवस्थागत प्रभावों को ध्यान में रखा जा सकेगा।
विधानसभा सत्र के दौरान धर्मशाला में यातायात और अन्य व्यवस्थाओं का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण रहेगा।
धर्मशाला के तपोवन में छह दिन चलेगा विधानसभा सत्र, 21 नवंबर को होगी अंतिम बैठक
धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में शीतकालीन सत्र की शुरुआत 16 नवंबर को होगी।
इसके बाद 17, 18, 19, 20 और 21 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सदन की बैठकें आयोजित की जाएंगी।
21 नवंबर को अंतिम बैठक के साथ विधानसभा का शीतकालीन सत्र संपन्न होगा।
इस दौरान विधायकों की ओर से उठाए जाने वाले सवालों, सरकार के जवाबों और जनहित से जुड़े विषयों पर प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की नजर रहेगी।
फिलहाल विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है और विधायकों की ओर से प्रश्न भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि छह बैठकों वाले इस सत्र में कौन-कौन से विषय प्रमुखता से उठाए जाते हैं और सरकार उनसे जुड़े सवालों पर क्या जवाब देती है।
Akhil Mahajan