खराब बर्फी को पीसकर उससे दोबारा नई बर्फी तैयार किया जा रहा था, फैक्ट्री पर छापा, 400 किलो मिठाई जब्त कर नष्ट

सिरसा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नटार रोड की फैक्ट्री पर छापा मारा। खराब बर्फी से नई मिठाई बनाने का खुलासा, 400 किलो बर्फी नष्ट।

खराब बर्फी को पीसकर उससे दोबारा नई बर्फी तैयार किया जा रहा था,  फैक्ट्री पर छापा, 400 किलो मिठाई जब्त कर नष्ट

सिरसा की नटार रोड स्थित फैक्ट्री में खराब बर्फी पीसकर दोबारा बनाई जा रही थी नई मिठाई

➤ खाद्य सुरक्षा विभाग ने करीब 400 किलो बर्फी जब्त कर नष्ट की, फैक्ट्री में गंदगी और मक्खियां मिलीं

➤ बिना FSSAI लाइसेंस छह महीने से चल रही थी फैक्ट्री, दुकानों को 160 रुपये किलो सप्लाई होती थी बर्फी

हरियाणा के सिरसा में दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई तैयार करने वाली एक फैक्ट्री पर छापेमारी कर करीब 400 किलोग्राम बर्फी जब्त कर नष्ट कर दी। नटार रोड स्थित इस फैक्ट्री में जांच के दौरान सामने आया कि पुरानी और खराब हो चुकी बर्फी को पीसकर उसका चूरा बनाया जा रहा था और फिर उसी सामग्री से दोबारा नई बर्फी तैयार की जा रही थी। फैक्ट्री में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब मिली। मिठाई तैयार करने वाले स्थान पर मक्खियां मंडरा रही थीं, जबकि इस्तेमाल होने वाले बर्तन और उपकरण भी खराब हालत में पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री संचालक के पास FSSAI का लाइसेंस या पंजीकरण भी नहीं था।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच के दौरान फैक्ट्री से तैयार बर्फी के अलावा मिल्क पाउडर, सूजी, रिफाइंड, ग्लूकोज सिरप, चीनी और वनस्पति घी भी मिला। विभाग के अनुसार, फैक्ट्री पिछले करीब छह महीने से चल रही थी और यहां तैयार बर्फी सिरसा शहर के साथ आसपास के गांवों में सप्लाई की जाती थी। फैक्ट्री संचालक सिद्धार्थ दुकानदारों को करीब 160 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बर्फी उपलब्ध कराता था। कार्रवाई के बाद फैक्ट्री में मिठाई बनाने का काम रुकवा दिया गया है और खाद्य सामग्री के नमूने लेकर आगे की जांच शुरू की गई है।

सोमवार को नटार रोड की मिठाई फैक्ट्री पर छापा, 400 किलो बर्फी मौके पर कराई नष्ट

दीपावली से पहले मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान सिरसा के नटार रोड पर स्थित एक फैक्ट्री में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

विभाग की टीम ने सोमवार को सूचना मिलने के बाद फैक्ट्री में छापेमारी की। अधिकारियों ने वहां पहुंचकर मिठाई तैयार करने की प्रक्रिया, इस्तेमाल की जा रही सामग्री और साफ-सफाई की स्थिति की जांच की।

इस दौरान फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तैयार बर्फी मिली। जांच में पुरानी और खराब मिठाई का दोबारा इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने पर विभाग ने करीब 400 किलोग्राम बर्फी जब्त कर ली।

अधिकारियों ने जब्त की गई मिठाई को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इसके साथ ही फैक्ट्री में मौजूद अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की गई और नमूने भी लिए गए।

खराब बर्फी को पीसकर बनाया जा रहा था चूरा, उसी से दोबारा तैयार की जा रही थी नई मिठाई

छापेमारी के दौरान सबसे गंभीर मामला पुरानी और खराब बर्फी के दोबारा इस्तेमाल का सामने आया।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में खराब हो चुकी बर्फी को पीसकर उसका चूरा तैयार किया जा रहा था। इसके बाद इसी चूरे का इस्तेमाल करके नई बर्फी बनाई जा रही थी।

यानी जिस मिठाई की गुणवत्ता पहले ही खराब हो चुकी थी, उसे नष्ट करने के बजाय दोबारा मिठाई बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा रहा था।

जांच के दौरान अधिकारियों ने इस प्रक्रिया से जुड़ी सामग्री और तैयार बर्फी की जांच की।

खाद्य सुरक्षा प्रमुख डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि फैक्ट्री में खराब बर्फी को पीसकर उससे दोबारा बर्फी तैयार की जा रही थी।

उन्होंने इस तरह तैयार की गई खाद्य सामग्री को लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

फैक्ट्री में चारों तरफ गंदगी और मक्खियां, मिठाई बनाने वाले बर्तन भी खराब हालत में मिले

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को फैक्ट्री में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली।

अधिकारियों के अनुसार, परिसर में जगह-जगह गंदगी थी। जिस स्थान पर मिठाई तैयार की जा रही थी, वहां मक्खियां मंडरा रही थीं।

इसके अलावा मिठाई बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन और उपकरण भी संतोषजनक स्थिति में नहीं पाए गए।

अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा से संबंधित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।

गंदगी और खराब उपकरणों के बीच मिठाई तैयार किए जाने की स्थिति को देखते हुए विभाग ने मौके पर कार्रवाई की।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।

बिना FSSAI लाइसेंस और पंजीकरण के चल रही थी फैक्ट्री, विभाग ने रुकवाया उत्पादन

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री के संचालन से संबंधित दस्तावेजों की भी जानकारी ली।

विभाग के मुताबिक, फैक्ट्री संचालक के पास भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का लाइसेंस या पंजीकरण नहीं था।

इसके बावजूद फैक्ट्री में मिठाई तैयार करने और उसे दुकानों तक सप्लाई करने का काम किया जा रहा था।

अधिकारियों ने परिसर में मिली गंदगी, खराब बर्फी के दोबारा इस्तेमाल और लाइसेंस नहीं होने की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की।

इसके बाद फैक्ट्री में बर्फी बनाने का काम रुकवा दिया गया।

विभाग की टीम ने खाद्य सामग्री के नमूने लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मिल्क पाउडर, सूजी, रिफाइंड और ग्लूकोज सिरप समेत कई खाद्य पदार्थ मिले

फैक्ट्री की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को तैयार बर्फी के अलावा मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्रियां भी मिलीं।

इनमें मिल्क पाउडर, सूजी, रिफाइंड, ग्लूकोज सिरप, चीनी और वनस्पति घी शामिल थे।

अधिकारियों ने इन सामग्रियों की जांच करने के साथ ही मिठाई तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी जुटाई।

विभाग की ओर से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए हैं।

इन नमूनों की जांच और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

छह महीने से चल रही थी फैक्ट्री, सिरसा शहर और आसपास के गांवों में होती थी बर्फी की सप्लाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, नटार रोड स्थित यह फैक्ट्री पिछले करीब छह महीने से संचालित की जा रही थी।

इस दौरान यहां बर्फी तैयार करके सिरसा शहर और आसपास के गांवों में सप्लाई की जा रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में तैयार मिठाई को कम कीमत पर दुकानदारों को उपलब्ध कराया जाता था।

फैक्ट्री संचालक सिद्धार्थ दुकानों को करीब 160 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बर्फी सप्लाई करता था।

विभाग ने कार्रवाई के दौरान सिद्धार्थ से भी पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में उसने मिठाई तैयार करने और उसकी सप्लाई से जुड़े कुछ तथ्यों को स्वीकार किया है।

हालांकि, फैक्ट्री से सप्लाई की गई मिठाई की कुल मात्रा और किन-किन दुकानों तक इसे पहुंचाया गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

खाद्य सुरक्षा प्रमुख डॉ. गौरव भारद्वाज ने जताई चिंता, खराब मिठाई को बताया सेहत के लिए खतरा

खाद्य सुरक्षा प्रमुख डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि फैक्ट्री में खराब बर्फी का चूरा बनाकर उससे दोबारा बर्फी तैयार की जा रही थी।

उन्होंने कहा कि इस तरह की खाद्य सामग्री स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

अधिकारियों के अनुसार, खराब गुणवत्ता वाली मिठाई खाने से लोगों को गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

फैक्ट्री में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब थी और मिठाई तैयार करने वाले स्थान पर मक्खियां मंडरा रही थीं।

इन्हीं अनियमितताओं के सामने आने के बाद विभाग ने तैयार बर्फी को जब्त कर नष्ट करवाया और मिठाई बनाने का काम बंद करवा दिया।

डॉ. सुनील बिश्नोई समेत टीम ने की छापेमारी, खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच शुरू

नटार रोड स्थित फैक्ट्री में कार्रवाई करने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील बिश्नोई, फतेहाबाद से एफएसओ रवि, महेंद्र और संदीप कुमार शामिल रहे।

टीम ने फैक्ट्री में तैयार मिठाई और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच की।

इसके साथ ही मिठाई बनाने के स्थान पर साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने करीब 400 किलो बर्फी जब्त कर मौके पर नष्ट करवाई।

विभाग ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दीपावली से पहले मिठाइयों की गुणवत्ता पर सवाल, खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की अपील

दीपावली के त्योहार के दौरान मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट और खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री से जुड़े मामलों की आशंका भी रहती है।

सिरसा में खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने लोगों से मिठाई खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

अधिकारियों ने कहा कि मिठाई खरीदने से पहले दुकानदार के लाइसेंस, मिठाई तैयार होने की तारीख और उसकी गुणवत्ता की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

इसके अलावा अत्यधिक रंग वाली मिठाइयों से बचने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से मावा, खोया और छेना बर्फी जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पाद खरीदते समय अधिक सावधानी बरतने को कहा गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी स्थान पर गंदे या अस्वच्छ वातावरण में खाद्य सामग्री तैयार होती दिखाई दे तो इसकी सूचना विभाग को दें।

फिलहाल नटार रोड की फैक्ट्री में मिठाई बनाने का काम रुकवा दिया गया है। विभाग ने खाद्य सामग्री के नमूने लेकर आगे की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।