10 हजार की रिश्वत लेते पटवारी का PA गिरफ्तार, इंतकाल के नाम पर मांगे थे 14 हजार रुपये

इंतकाल दर्ज कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाला पटवारी का निजी सहायक गिरफ्तार। ACB ने 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा।

➤ जमीन का इंतकाल दर्ज कराने के लिए किसान से मांगे थे 14 हजार रुपये, 4 हजार पहले ले चुका था आरोपी

➤ लघु सचिवालय के पटवारखाने में 10 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेते ही ACB ने दबोचा

➤ पटवारी संजीव कुमार कार्रवाई के समय कार्यालय में नहीं था, आरोपी से पूछताछ कर रही विजिलेंस टीम


हरियाणा के यमुनानगर में जमीन का इंतकाल दर्ज कराने के नाम पर किसान से रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। लघु सचिवालय स्थित पटवारखाने में एसीबी की टीम ने पटवारी के निजी सहायक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नरेंद्र कुमार उर्फ मिंटू निवासी गांव फकीर माजरा के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने गांव सरावीं निवासी किसान कुलबीर सिंह से जमीन का इंतकाल दर्ज कराने की एवज में कुल 14 हजार रुपये मांगे थे। इसमें से 4 हजार रुपये वह पहले ही ले चुका था और बाकी 10 हजार रुपये के लिए किसान पर दबाव बना रहा था। किसान की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरी योजना के तहत पटवारखाने में ट्रैप लगाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया।

पटवारी और उसका सहायक कर रहे थे परेशान

एसीबी इंस्पेक्टर तेजपाल के अनुसार, गांव सरावीं निवासी किसान कुलबीर सिंह ने टीम को शिकायत दी थी कि उसके गांव का पटवारी और उसका सहायक जमीन का इंतकाल दर्ज कराने के मामले में उसे परेशान कर रहे हैं। किसान कई बार संबंधित कार्यालय के चक्कर लगा चुका था, लेकिन उसका काम नहीं हो रहा था।

इसी दौरान ढलौर के पटवारी संजीव कुमार के निजी सहायक नरेंद्र उर्फ मिंटू ने इंतकाल दर्ज कराने के बदले 14 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी 4 हजार रुपये पहले ही ले चुका था और बाकी 10 हजार रुपये देने के लिए लगातार दबाव बना रहा था।

दूसरी किस्त लेते ही ACB ने दबोचा

किसान की शिकायत मिलने के बाद एसीबी की यमुनानगर यूनिट ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इंस्पेक्टर तेजपाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई और रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई गई।

तय योजना के अनुसार, किसान कुलबीर सिंह एसीबी टीम के साथ लघु सचिवालय स्थित पटवारखाने पहुंचा। वहां नरेंद्र उर्फ मिंटू पहले से मौजूद था। किसान ने जैसे ही कमरे में जाकर उसे 10 हजार रुपये दिए, पीछे से पहुंची एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।

कार्रवाई के समय कार्यालय में नहीं था पटवारी

इस पूरे मामले में एक अहम बात यह रही कि जब एसीबी की टीम ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया, उस समय हलका पटवारी संजीव कुमार कार्यालय में मौजूद नहीं था। गिरफ्तार नरेंद्र कुमार पटवारी के निजी सहायक के रूप में काम कर रहा था।

अब एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है कि उसने किसान से रिश्वत की मांग किसके कहने पर की थी। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि जमीन का इंतकाल दर्ज कराने के मामले में पटवारी की क्या भूमिका थी और क्या इस रिश्वतखोरी में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

छापेमारी के बाद पटवारखाने में मची हलचल

लघु सचिवालय स्थित पटवारखाने में एसीबी की कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद कर्मचारियों में हलचल मच गई। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के बाद कई पटवारी और उनके सहायक अपने कार्यालयों से इधर-उधर हो गए।

एसीबी यमुनानगर यूनिट ने गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र कुमार निवासी गांव फकीर माजरा के खिलाफ थाना एसवी एंड एसीबी पंचकूला में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्वत मांगने और लेने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।