KG की मासूम को PGI से छुट्टी,चाचा की गोद में लौटी बच्ची, JJ बोर्ड में पेश होगा आरोपी
पंचकूला स्कूल मारपीट मामले में घायल KG की बच्ची को सात दिन बाद PGI से छुट्टी मिली। चाचा के पास रहेगी, आरोपी छात्र JJ बोर्ड में पेश होगा।
पंचकूला स्कूल में घायल KG की बच्ची को चंडीगढ़ PGI से मिली छुट्टी, बुधवार सुबह घर लाई गई
➤ चाचा की गोद में खेलती नजर आई बच्ची, पूरी तरह स्वस्थ होने तक पीर मुछल्ला स्थित फ्लैट में रहेगी
➤ आरोपी छात्र दोबारा JJ बोर्ड में होगा पेश, मेडिकल असेसमेंट और काउंसलर्स की रिपोर्ट पर होगी चर्चा
पंचकूला। सरकारी स्कूल में मारपीट के दौरान घायल हुई KG की बच्ची को बुधवार सुबह चंडीगढ़ PGI से छुट्टी मिल गई। सात दिन तक अस्पताल में इलाज चलने के बाद बच्ची अब अपने परिवार के पास लौट रही है। उसकी एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह अपने चाचा की गोद में खेलती नजर आ रही है। परिवार के लिए यह राहत की बात है कि बच्ची की हालत में सुधार होने के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी है। हालांकि, उसे खांसी-जुकाम की शिकायत है।
बच्ची के चाचा के मुताबिक, डॉक्टरों की टीम ने मंगलवार शाम को ही उसे पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए डिस्चार्ज करने की बात कह दी थी। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि अब अस्पताल में लंबे समय तक रहने से बच्ची को इंफेक्शन होने का खतरा हो सकता है। इसी को देखते हुए उसे अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला किया गया।
बच्ची को PGI की एंबुलेंस से ही घर लाया जा रहा है। इसके बाद परिवार उसे पीर मुछल्ला स्थित अपने फ्लैट पर ले जाएगा। बच्ची के पूरी तरह स्वस्थ होने तक परिवार उसे अपने पास ही रखेगा। उधर, मामले में आरोपी छात्र को दोबारा जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। वहां चंडीगढ़ के डॉक्टरों की मेडिकल असेसमेंट रिपोर्ट और काउंसलर्स की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होगी। बोर्ड छात्र की मानसिक स्थिति की समीक्षा करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्देश जारी करेगा।
सात दिन PGI में चला इलाज, सिर-माथे और नाक पर आई थी चोट
पंचकूला के सरकारी स्कूल में मारपीट की घटना के दौरान KG की बच्ची घायल हो गई थी। उसे इलाज के लिए चंडीगढ़ PGI में भर्ती कराया गया था। बच्ची का अस्पताल में सात दिन तक इलाज चला। इस दौरान उसके सिर, माथे और नाक पर चोटों का उपचार किया गया।
बुधवार सुबह बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार को राहत मिली। सामने आई तस्वीर में बच्ची अपने चाचा की गोद में खेलती दिखाई दे रही है। बच्ची के चाचा ने बताया कि मंगलवार शाम को ही डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए अस्पताल से छुट्टी देने की बात कह दी थी। हालांकि, फिलहाल बच्ची को खांसी-जुकाम भी हो गया है।
डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि बच्ची की हालत में सुधार है और अब अस्पताल में ज्यादा समय तक रखने से इंफेक्शन होने का खतरा हो सकता है। इसी वजह से उसे घर ले जाने की सलाह दी गई।
पीर मुछल्ला के फ्लैट में रहेगी बच्ची, पूरी तरह ठीक होने तक परिवार रखेगा साथ
बच्ची के चाचा के अनुसार, उसे PGI की एंबुलेंस से ही घर लाया जा रहा है। इसके बाद वे बच्ची को पीर मुछल्ला स्थित अपने फ्लैट पर ले जाएंगे। परिवार ने फैसला किया है कि बच्ची के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसे अपने पास ही रखा जाएगा।
परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश से भी कई नेताओं के फोन परिवार के पास आ रहे हैं। वे बच्ची के परिवार से संपर्क कर मदद की बात कर रहे हैं।
आरोपी छात्र की मानसिक स्थिति पर JJ बोर्ड में होगी चर्चा
दूसरी तरफ, बच्ची के साथ मारपीट के मामले में आरोपी छात्र को दोबारा जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ के डॉक्टरों की ओर से सौंपी गई मेडिकल असेसमेंट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होगी।
बोर्ड छात्र की मानसिक स्थिति का आकलन करेगा। इसके साथ ही काउंसलर्स की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट की भी समीक्षा की जाएगी। इन रिपोर्टों के आधार पर बोर्ड आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्देश जारी करेगा। इस मामले में अब बोर्ड की सुनवाई और मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा पर नजर रहेगी।
सरकारी स्कूल का कमरा नंबर-19 अब भी बंद, जांच के लिए रखा रिजर्व
स्कूल में बच्ची की पिटाई की घटना के बाद सरकारी स्कूल का कमरा नंबर-19 अब भी बंद रखा गया है। यह कमरा कक्षा 11वीं आर्ट-2 को अलॉट है, लेकिन घटना के बाद से यहां पढ़ाई बंद कर दी गई है।
सीनियर विंग की दोपहर 12:15 बजे छुट्टी होने के बाद कमरे को रोजाना लॉक कर दिया जाता है। घटना के तुरंत बाद इस कमरे की वीडियोग्राफी भी करवाई गई थी। जांच टीम के निर्देश पर कमरे को अब तक रिजर्व रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा साक्ष्य जुटाए जा सकें।
इस तरह बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जहां परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं आरोपी छात्र की मानसिक स्थिति और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर JJ बोर्ड की सुनवाई अहम रहेगी।
Akhil Mahajan