अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका: सीनेट और हाउस दोनों में पिछड़ी रिपब्लिकन पार्टी, डेमोक्रेटिक जीत की ओर

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में पिछड़ रही है। सीनेट और हाउस में डेमोक्रेट्स की बढ़त, जोश ट्यूरेक की जीत और विवेक रामास्वामी के चुनावी मुकाबले पर नजर।

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका: सीनेट और हाउस दोनों में पिछड़ी रिपब्लिकन पार्टी, डेमोक्रेटिक जीत की ओर

➤ अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के शुरुआती नतीजों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में पिछड़ी, डेमोक्रेट्स ने बनाई बढ़त

➤ सीनेट में डेमोक्रेट्स 51 और रिपब्लिकन 39 सीटों पर आगे, हाउस में भी डेमोक्रेटिक पार्टी को 165 सीटों पर बढ़त

➤ आयोवा में जोश ट्यूरेक ने रिपब्लिकन उम्मीदवार एशले हिंसन को हराया, ओहियो में विवेक रामास्वामी हार के करीब


अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित होते दिखाई दे रहे हैं। मतगणना के शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों में बढ़त बना ली है। सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है। 4 नवंबर 2026 को सुबह 10:15 बजे तक सामने आए रुझानों के मुताबिक, सीनेट में डेमोक्रेट्स 51 सीटों पर आगे चल रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 39 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं हाउस में भी डेमोक्रेटिक पार्टी 165 सीटों पर आगे है, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार 100 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। इन शुरुआती आंकड़ों ने अमेरिकी राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है। राष्ट्रपति ट्रंप की नजर भी चुनावी नतीजों पर बनी हुई है।

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान के बाद अब मतगणना जारी है। इन चुनावों को राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच जनता के राजनीतिक रुख और सरकार के कामकाज के प्रति प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जाता है। इस बार के नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रदर्शन रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। चुनावी रुझानों के बीच ट्रंप की पार्टी दोनों सदनों में पिछड़ रही है और डेमोक्रेट्स लगातार अपनी स्थिति मजबूत करते नजर आ रहे हैं।

सीनेट और हाउस दोनों में डेमोक्रेट्स आगे

अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में सामने आए शुरुआती रुझानों ने रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी 51 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार 39 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स का प्रदर्शन बेहतर नजर आ रहा है। यहां डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार 165 सीटों पर आगे हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 100 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने से ट्रंप के राजनीतिक भविष्य और उनकी सरकार के लिए आने वाले समय की चुनौतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आयोवा में जोश ट्यूरेक ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया

मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को आयोवा से बड़ी सफलता मिली है। यहां सीनेट के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोश ट्यूरेक ने रिपब्लिकन उम्मीदवार एशले हिंसन को हरा दिया है। उन्होंने शानदार जीत दर्ज की।

इस नतीजे को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में आयोवा ने डोनाल्ड ट्रंप का खुलकर समर्थन किया था। ऐसे में इस राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की जीत को राजनीतिक माहौल में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे रिपब्लिकन पार्टी के सामने अपने समर्थकों को बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ सकती है।

ओहियो में विवेक रामास्वामी हार के करीब

ओहियो के चुनावी नतीजों में भी रिपब्लिकन पार्टी के लिए अच्छी खबर सामने नहीं आई है। यहां डेमोक्रेटिक पार्टी की एमी एक्टन जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, वह ओहियो की अगली गवर्नर बन सकती हैं। वहीं रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी हार के करीब बताए जा रहे हैं।

ओहियो के नतीजे भी रिपब्लिकन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की बढ़त से पार्टी के चुनावी प्रदर्शन को मजबूती मिलती दिखाई दे रही है।

ट्रंप बोले- मैं बैलेट पर नहीं था, होता तो भारी बहुमत से जीतते

चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "मैं बैलेट पर नहीं था, और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीत जाते। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों सदनों के शुरुआती रुझानों में उनकी पार्टी पीछे चल रही है। चुनाव परिणामों के बीच ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया देकर इस हार की राजनीतिक जिम्मेदारी से जुड़े सवालों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

जॉन ओसॉफ ने जीत के बाद ट्रंप पर साधा निशाना

सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जॉन ओसॉफ को दोबारा जीत मिली है। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी सीट बरकरार रखी। जीत के बाद ओसॉफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, "जनता ने इस बड़ी जीत के जरिए कमजोर और फेल हो चुके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भ्रष्ट सिस्टम को करारा जवाब दिया है। अगर पिछले दो सालों में, लगातार हो रहे क्रूर और अभद्र हमलों के बीच, आपको कभी यह शक हुआ हो कि क्या हमारा गणतंत्र बच पाएगा, तो आज रात के नतीजे आपको यह हौसला दें कि भोर की पहली किरण क्षितिज पर दिखाई देने लगी है।"

ओसॉफ के इस बयान के बाद चुनावी जीत के साथ-साथ अमेरिकी राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी चर्चा में आ गए हैं।

लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लिन ग्राहम को भी हार

अमेरिकी सीनेट के चुनाव में साउथ कैरोलिना से डार्लिन ग्राहम को हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें एनी एंड्र्यूज ने चुनाव में हराया। डार्लिन ग्राहम को भारत विरोधी रहे लिंडसे ग्राहम की बहन बताया गया है। हालांकि इस चुनाव में हार और जीत के बीच का अंतर कम रहा।

यह नतीजा भी चुनावी मुकाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रदर्शन को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

ट्रंप के लिए क्यों अहम हैं मिडटर्म चुनाव के नतीजे?

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच होते हैं और इनके जरिए संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक संतुलन का आकलन होता है। इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति की आगे की राजनीतिक रणनीति और सरकार के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं।

अगर डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल रहती है तो ट्रंप प्रशासन के लिए आने वाले समय में कई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी के लिए अपने चुनावी प्रदर्शन में सुधार करना अहम होगा।

4 नवंबर 2026 को सुबह 10:15 बजे तक के रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में बढ़त बनाए हुए है। हालांकि मतगणना जारी है और अंतिम नतीजों के बाद ही अमेरिकी संसद की वास्तविक राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।