मेटा का पर्सनल AI एजेंट लॉन्च, खुद ईमेल भेजेगा,पेमेंट करेगा:ऑनलाइन शॉपिंग-बिजनेस प्लानिंग में भी यूजर्स की मदद करेगा म्यूज, अभी केवल अमेरिका में

मेटा ने पर्सनल AI एजेंट म्यूज लॉन्च किया है, जो ईमेल भेजने, शॉपिंग, यात्रा बुकिंग और लंबे लक्ष्यों की प्लानिंग में यूजर की मदद करेगा।

मेटा का पर्सनल AI एजेंट लॉन्च, खुद ईमेल भेजेगा,पेमेंट करेगा:ऑनलाइन शॉपिंग-बिजनेस प्लानिंग में भी यूजर्स की मदद करेगा म्यूज, अभी केवल अमेरिका में

➤ मेटा ने लॉन्च किया पर्सनल AI एजेंट ‘म्यूज’, अब खुद करेगा ईमेल और ऑनलाइन काम

➤ ईमेल भेजने, यात्रा बुक करने, ऑनलाइन शॉपिंग और फॉर्म भरने के साथ लंबे लक्ष्यों की प्लानिंग में भी मदद

➤ म्यूज अभी अमेरिका में iOS, Android और muse.ai पर उपलब्ध, संवेदनशील कामों से पहले यूजर से ले सकता है मंजूरी


न्यूयॉर्क। मेटा ने पर्सनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट ‘म्यूज’ लॉन्च कर दिया है। कंपनी के मुताबिक म्यूज सिर्फ यूजर के सवालों का जवाब देने वाला AI चैटबॉट नहीं है, बल्कि वह यूजर की ओर से डिजिटल काम भी कर सकता है। यह ईमेल भेजने, यात्रा बुक करने, ऑनलाइन शॉपिंग और फॉर्म भरने जैसे काम संभाल सकता है। इसके अलावा लंबे समय के लक्ष्यों को एक्शन प्लान में बदलने और उन पर आगे काम करने में भी मदद कर सकता है।

मेटा ने म्यूज को 8 सितंबर 2026 को पेश किया है। फिलहाल इसे अमेरिका में iOS, Android और muse.ai के जरिए उपलब्ध कराया गया है। कंपनी के अनुसार यह 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के यूजर्स के लिए है। म्यूज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यूजर उससे सामान्य मैसेजिंग की तरह बातचीत कर सके। इसके लिए अलग म्यूज ऐप के अलावा WhatsApp का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

मेटा का कहना है कि म्यूज को रोजमर्रा के छोटे कामों से लेकर बड़े और लंबे समय के लक्ष्यों तक के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी यूजर को हर छोटे डिजिटल काम के लिए खुद वेबसाइट खोलने, फॉर्म भरने या अलग-अलग ऐप में जाकर प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत कम हो सकती है।

AI चैटबॉट और AI एजेंट में क्या है फर्क?

साधारण AI चैटबॉट मुख्य रूप से जानकारी देता है या सवालों का जवाब देता है। उदाहरण के लिए अगर यूजर पूछता है कि दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने के लिए सबसे सस्ती फ्लाइट कौन सी है, तो चैटबॉट उपलब्ध विकल्प और कीमतें बता सकता है। लेकिन फ्लाइट चुनना और उसकी बुकिंग करना यूजर को खुद करना पड़ता है।

AI एजेंट इससे एक कदम आगे जाता है। यूजर अगर कहता है कि उसके लिए न्यूयॉर्क की फ्लाइट बुक करनी है, तो एजेंट विकल्प तलाश सकता है, वेबसाइट खोल सकता है, जरूरी फॉर्म भर सकता है और बुकिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। संवेदनशील काम होने पर वह यूजर से मंजूरी भी मांग सकता है।

म्यूज इसी एजेंट आधारित मॉडल पर काम करता है। मेटा के मुताबिक यह ईमेल भेजने, यात्रा बुक करने, ऑनलाइन खरीदारी और फॉर्म भरने जैसे डिजिटल काम कर सकता है। यह ब्राउजर खोलकर जरूरी फॉर्म भर सकता है और कुछ काम यूजर की ओर से आगे बढ़ा सकता है।

छोटे कामों के साथ लंबे लक्ष्यों पर भी करेगा काम

म्यूज की खासियत केवल रोजमर्रा के डिजिटल कामों तक सीमित नहीं है। मेटा के मुताबिक यूजर कोई लंबे समय का लक्ष्य साझा करता है तो म्यूज उसे व्यक्तिगत योजना में बदलने, समय और संसाधनों को व्यवस्थित करने और आगे की कार्रवाई में मदद कर सकता है।

मसलन, कोई यूजर पूरे साल का एक्सरसाइज प्लान बनाना चाहता है तो म्यूज उसके लिए योजना तैयार करने में मदद कर सकता है। इसी तरह नया बिजनेस शुरू करने जैसे बड़े लक्ष्य को भी छोटे-छोटे कामों और एक्शन प्लान में बांटने में सहायता कर सकता है।

मेटा के अनुसार म्यूज यूजर के लिए लंबे समय तक काम जारी रख सकता है। यूजर ऐप बंद करने के बाद भी यह काम करता रह सकता है और किसी बदलाव या मंजूरी की जरूरत होने पर वापस यूजर के पास आ सकता है।

ऑनलाइन शॉपिंग और पेमेंट भी कर सकेगा म्यूज

म्यूज को ऑनलाइन शॉपिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। मेटा के मुताबिक जब भुगतान का समय आता है तो म्यूज Stripe के Link के जरिए चेकआउट कर सकता है। Link का एजेंट वॉलेट एक बार इस्तेमाल होने वाला कार्ड तैयार करता है, जिससे यूजर के वास्तविक कार्ड की जानकारी छिपी रहती है।

मेटा ने बताया कि Shop Pay को भी जल्द भुगतान के एक अन्य विकल्प के रूप में जोड़ा जाएगा। इसके साथ 1Password का सपोर्ट भी आने वाला है, जिससे म्यूज यूजर के पहले से मौजूद लॉगिन का इस्तेमाल कर सकेगा।

म्यूज को यूजर की पसंद और पहले बताई गई बातों को याद रखने के लिए भी तैयार किया गया है। उदाहरण के तौर पर यूजर ने Instagram पर कोई रेसिपी सेव की है तो म्यूज उसे देखकर शॉपिंग लिस्ट तैयार कर सकता है। वह डिनर पार्टी के लिए मेन्यू सुझा सकता है और मेहमानों की खाने से जुड़ी पाबंदियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी में मदद कर सकता है।

म्यूज को कितनी परमिशन मिलेगी, यह यूजर तय करेगा

म्यूज को ईमेल, कैलेंडर और शॉपिंग जैसी सेवाओं से जोड़ा जा सकता है। हालांकि, किस ऐप को कितना एक्सेस देना है, इसका फैसला यूजर खुद करेगा

मेटा ने इसके लिए Muse Secure VM तैयार की है। VM यानी वर्चुअल मशीन, जिसे क्लाउड पर चलने वाले एक अलग कंप्यूटर सिस्टम की तरह समझा जा सकता है। कंपनी के अनुसार म्यूज इसी सुरक्षित वातावरण में चलता है और यूजर के कनेक्टेड सर्विसेज के डेटा और क्रेडेंशियल भी सुरक्षित तरीके से वहीं रखे जाते हैं।

यूजर यह भी तय कर सकता है कि म्यूज ईमेल को केवल पढ़ सकता है या उसकी ओर से ईमेल भेज भी सकता है। किसी सेवा का एक्सेस बाद में बदला या हटाया भी जा सकता है।

म्यूज के साथ काम करता है ‘सेंटिनल’, संवेदनशील कार्रवाई पर रोक

मेटा ने म्यूज के सुरक्षा सिस्टम में सेंटिनल नाम का अलग एजेंट भी रखा है। यह म्यूज से सिस्टम स्तर पर अलग रहता है। मेटा के मुताबिक म्यूज इंटरनेट पर कोई कार्रवाई तभी कर सकता है, जब सेंटिनल उसे मंजूरी दे।

इसके अलावा ईमेल भेजने या ऑनलाइन खरीदारी जैसी संवेदनशील कार्रवाई से पहले म्यूज यूजर से अनुमति मांग सकता है। यूजर को म्यूज द्वारा किए गए और आगे किए जाने वाले कामों का ऑडिट ट्रेल भी दिखाया जाता है।

इस व्यवस्था का मकसद यह है कि AI एजेंट को काम करने की क्षमता तो मिले, लेकिन वह यूजर की जानकारी और डिजिटल सेवाओं पर बिना नियंत्रण के कार्रवाई न कर सके।

पासवर्ड और कार्ड की जानकारी म्यूज को दिखाई नहीं देगी

म्यूज की सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर AI एजेंट ऑनलाइन शॉपिंग या दूसरे काम कर सकता है तो क्या उसे यूजर के पासवर्ड और कार्ड की जानकारी भी दिखाई देगी?

मेटा के मुताबिक, नहीं। कंपनी का कहना है कि यूजर के पासवर्ड और पेमेंट मेथड सुरक्षित स्टोरेज में रहते हैं। म्यूज उनका इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन उसे उन जानकारियों की वास्तविक सामग्री दिखाई नहीं देती।

यूजर यह भी देख सकता है कि म्यूज ने अब तक क्या किया है और आगे क्या करने की योजना है। कंपनी के अनुसार यूजर यह तय कर सकता है कि उसकी बातचीत को मेटा के AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल किया जाए या नहीं। म्यूज की बातचीत और VM में मौजूद डेटा को मेटा के विज्ञापन सिस्टम के साथ साझा नहीं किया जाता।

आगे आएगा Muse Confidential VM

मेटा ने बताया कि इस साल के अंत में Muse Confidential VM पेश किया जाएगा। इसमें पूरी वर्चुअल मशीन, जिसमें यूजर का डेटा और म्यूज के साथ हुई बातचीत भी शामिल होगी, ऐसे एन्क्रिप्शन से सुरक्षित होगी जिसकी कुंजी सिर्फ यूजर के पास होगी।

कंपनी के अनुसार इस व्यवस्था के बाद मेटा भी उस डेटा तक पहुंच नहीं सकेगा

म्यूज मार्क जुकरबर्ग के AI विजन का हिस्सा

म्यूज को मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग के व्यक्तिगत AI और सुपरइंटेलिजेंस विजन का हिस्सा माना जा रहा है। मेटा का कहना है कि पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक हो सकती है और म्यूज उस दिशा में कंपनी का शुरुआती कदम है।

जुकरबर्ग का विजन है कि आने वाले समय में हर व्यक्ति के पास ऐसा पर्सनल AI एजेंट हो, जो उसके लक्ष्यों और जरूरतों को समझ सके। यह एजेंट करियर, पैसे, घर के काम, रिश्तों, सेहत और शौक जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में सहायता कर सकेगा।

इस तरह का AI लोगों के कई जरूरी काम अपने जिम्मे लेकर उनका समय बचा सकता है। मेटा का मानना है कि इससे लोग उन कामों पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे जिन्हें वे पसंद करते हैं और उन लक्ष्यों पर काम कर पाएंगे जिन्हें अकेले हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

अभी अमेरिका में उपलब्ध, आगे और विस्तार की तैयारी

फिलहाल म्यूज की शुरुआत अमेरिका से हुई है। यह iOS, Android और muse.ai पर उपलब्ध है और कंपनी के अनुसार AI ग्लासेज पर भी जल्द आएगा। मेटा ने बताया है कि अधिकांश सामान्य जरूरतों के लिए म्यूज मुफ्त रहेगा, जबकि ज्यादा सुविधाओं का इस्तेमाल करने वालों के लिए सब्सक्रिप्शन प्लान होंगे।

म्यूज का लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब AI चैटबॉट से आगे बढ़कर AI एजेंट की दौड़ तेज हो रही है। फर्क यह है कि चैटबॉट जहां यूजर को जानकारी देकर रुक सकता है, वहीं एजेंट यूजर की मंजूरी और तय सीमाओं के भीतर उस जानकारी को कार्रवाई में बदलने की कोशिश करता है।