रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी,चंडीगढ़-हरियाणा- हिमाचल की पैसेंजर ट्रेनें15 अक्तूबर तक रहेंगी रद्द ,चंडीगढ़ स्टेशन के काम से 36 दिन प्रभावित रहेंगी रेल सेवाएं

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उन्नयन कार्य के चलते ऊना से चंडीगढ़-अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेनें 10 सितंबर से 15 अक्तूबर तक रद्द रहेंगी, यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी।

रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी,चंडीगढ़-हरियाणा- हिमाचल की पैसेंजर ट्रेनें15 अक्तूबर तक रहेंगी रद्द ,चंडीगढ़ स्टेशन के काम से 36 दिन प्रभावित रहेंगी रेल सेवाएं

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 10 सितंबर से 36 दिन का पावर और ट्रैफिक ब्लॉक
दौलतपुर चौक से चंडीगढ़-अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेनें 15 अक्तूबर तक रद्द
ट्रेनें बंद रहने से यात्रियों को बसों और सड़क परिवहन पर रहना होगा निर्भर

 हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के रेल यात्रियों की परेशानी एक बार फिर बढ़ने वाली है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्य के चलते ऊना जिले से होकर चंडीगढ़ और अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। फुट ओवरब्रिज के गार्डरों की लॉचिंग और पुराने गार्डरों को हटाने के लिए रेलवे की ओर से 10 सितंबर से 15 अक्तूबर तक 36 दिनों का पावर और ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा।

इसका सीधा असर दौलतपुर चौक से अंबाला वाया चंडीगढ़ चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों पर पड़ेगा। इन ट्रेनों का निरस्तीकरण अब अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। ऐसे में ऊना, दौलतपुर चौक और आसपास के क्षेत्रों से चंडीगढ़ तथा अंबाला की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को इस अवधि में बसों और अन्य सड़क परिवहन का सहारा लेना पड़ेगा।

रेल सेवा लंबे समय से ऊना जिले के लोगों के लिए चंडीगढ़ और अंबाला जाने का सस्ता और सुविधाजनक साधन रही है। ऐसे में पैसेंजर ट्रेनों के लंबे समय तक बंद रहने से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। ट्रेन सेवा के विकल्प के तौर पर अब यात्रियों को सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनकी यात्रा की योजना और खर्च दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर तीन चरणों में होगा काम

अंबाला मंडल रेल प्रशासन के अनुसार चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उन्नयन कार्य तीन चरणों में किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग रेल लाइनों पर ब्लॉक लिया जाएगा। इसी के चलते कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है।

फुट ओवरब्रिज के गार्डरों की लॉचिंग के साथ पुराने गार्डरों को हटाने का काम भी किया जाना है। इस निर्माण कार्य के लिए पावर और ट्रैफिक ब्लॉक की अवधि तय की गई है। रेलवे प्रशासन के अनुसार यह काम 10 सितंबर से 15 अक्तूबर तक चलेगा।

निर्माण और उन्नयन कार्य के चलते ट्रेनों के संचालन में किए गए बदलाव का असर हिमाचल के ऊना जिले तक पहुंच रहा है। खासकर वे यात्री प्रभावित होंगे, जो नियमित रूप से चंडीगढ़ या अंबाला जाने के लिए पैसेंजर ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं।

दौलतपुर चौक से चंडीगढ़-अंबाला जाने वाले यात्रियों पर सीधा असर

पैसेंजर ट्रेनों के रद्द रहने से दौलतपुर चौक, ऊना और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। चंडीगढ़ और अंबाला जाने के लिए अब यात्रियों को सड़क परिवहन पर निर्भर रहना होगा।

ट्रेनों के बजाय बड़ी संख्या में यात्रियों के बसों की ओर रुख करने से बसों में दबाव बढ़ने की संभावना है। इसका असर खासकर उन यात्रियों पर पड़ सकता है, जो लंबी दूरी की यात्रा कम खर्च में पूरी करने के लिए रेल सेवा को प्राथमिकता देते हैं।

रेल की तुलना में सड़क मार्ग से यात्रा करने पर समय और किराया दोनों बढ़ सकते हैं। ऐसे में रोजाना नौकरी या अन्य काम के लिए चंडीगढ़ और अंबाला आने-जाने वाले यात्रियों के सामने अतिरिक्त परेशानी खड़ी हो सकती है।

दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों की बढ़ेगी मुश्किल

ऊना जिले में बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कार्यों के लिए चंडीगढ़ और अंबाला की ओर आते-जाते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए पैसेंजर ट्रेनें लंबे समय से महत्वपूर्ण परिवहन साधन रही हैं।

कम किराये और सुविधाजनक यात्रा के कारण पैसेंजर ट्रेनों को प्राथमिकता देने वाले यात्रियों के लिए 15 अक्तूबर तक निरस्तीकरण की अवधि बढ़ना चिंता का विषय है। विशेषकर रोजाना यात्रा करने वालों को अब वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था तलाशनी होगी।

यात्रियों को बसों में अतिरिक्त भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। वहीं सड़क परिवहन पर निर्भरता बढ़ने से यात्रा की लागत भी प्रभावित होने की संभावना है। लंबे समय तक ट्रेन सेवा उपलब्ध न रहने से उन यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है, जिनकी नियमित आवाजाही चंडीगढ़ और अंबाला के बीच होती है।

रेलवे का काम जरूरी, लेकिन जल्द पूरा करने की मांग

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का उन्नयन और फुट ओवरब्रिज से जुड़े निर्माण कार्य यात्रियों की सुविधा और रेलवे ढांचे को बेहतर बनाने के लिहाज से जरूरी हैं। लेकिन लंबे समय तक पैसेंजर ट्रेनों के बंद रहने से ऊना के यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है

यात्रियों का कहना है कि रेलवे को विकास और मरम्मत कार्य जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए, ताकि बंद पड़ी रेल सेवाओं को नियमित किया जा सके। उनका कहना है कि काम जरूरी है, लेकिन इसकी वजह से यात्रियों को लंबे समय तक परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए रेलवे को प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।

निरस्तीकरण की अवधि बढ़ने से यात्रियों में यह चिंता भी बढ़ी है कि अगर निर्माण कार्य निर्धारित अवधि से आगे खिंचा तो रेल सेवाओं की बहाली में और देरी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों की नजर अब निर्माण कार्य की प्रगति और तय समयसीमा में काम पूरा होने पर रहेगी।

यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित ट्रेन के संचालन, समय और ठहराव की जानकारी जरूर जांच लें। यात्रियों को अधिकृत यात्री सूचना माध्यमों, एनटीईएस और रेल मदद 139 के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

रेलवे के मुताबिक निर्माण कार्य के दौरान ट्रेनों के संचालन में बदलाव हो सकता है। इसलिए बिना जानकारी के स्टेशन पहुंचने के बजाय यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

खासकर उन यात्रियों के लिए यह जरूरी है, जो ऊना या दौलतपुर चौक से चंडीगढ़ अथवा अंबाला जाने की योजना बना रहे हैं। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में उन्हें समय रहते बस या अन्य सड़क परिवहन की व्यवस्था करनी होगी।

15 अक्तूबर तक यात्रियों को करना होगा इंतजार

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्य के चलते ऊना जिले की रेल सेवाओं पर पड़ा यह असर अब 15 अक्तूबर तक जारी रहेगा। 10 सितंबर से शुरू होने वाले 36 दिन के पावर और ट्रैफिक ब्लॉक के कारण दौलतपुर चौक से अंबाला वाया चंडीगढ़ चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।

ऐसे में ऊना के रेल यात्रियों की नजर अब रेलवे के निर्माण कार्य की प्रगति पर रहेगी। यात्रियों की मांग है कि काम को निर्धारित समय में पूरा कर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बिना देरी बहाल किया जाए।

चंडीगढ़ और अंबाला के लिए सस्ती रेल सेवा पर निर्भर यात्रियों के लिए अगले 36 दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। अब उन्हें अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना होगा।