पानीपत में केमिकल ड्रम उठाते 58 वर्षीय मजदूर की फटी आंत, मौ*त

पानीपत की फैक्ट्री में केमिकल ड्रम उठाते समय 58 वर्षीय मजदूर सटहू राय की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर इलाज खर्च न देने का आरोप लगाया।

पानीपत में केमिकल ड्रम उठाते 58 वर्षीय मजदूर की फटी आंत, मौ*त

केमिकल से लदा भारी ड्रम उठाते समय 58 वर्षीय सटहू राय की बिगड़ी हालत
परिजनों का आरोप- इलाज के खर्च के लिए फैक्ट्री मालिक से मांगी थी मदद, इनकार किया
सिविल अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

पानीपत। काबड़ी रोड स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले 58 वर्षीय मजदूर सटहू राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। बताया गया है कि फैक्ट्री में केमिकल से लदा भारी-भरकम ड्रम उठाते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। साथी श्रमिक उन्हें तुरंत पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद आंत फटने की बात बताई।

परिजनों और साथी श्रमिकों का आरोप है कि इलाज के लिए बड़ी रकम की जरूरत थी। उन्होंने घटना की जानकारी फैक्ट्री मालिक को देकर आर्थिक मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि मालिक ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन और श्रमिक सटहू राय को पानीपत के सरकारी सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

केमिकल का भारी ड्रम उठाते समय बिगड़ी हालत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सटहू राय काबड़ी रोड स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। रोजाना की तरह वह फैक्ट्री में काम कर रहे थे। इसी दौरान वह केमिकल से लदा एक भारी-भरकम ड्रम उठा रहे थे। ड्रम उठाते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

बताया गया है कि हालत बिगड़ने के बाद वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद साथी श्रमिकों में हड़कंप मच गया। साथी मजदूरों ने बिना देर किए उन्हें पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, ताकि उनका तत्काल इलाज शुरू कराया जा सके।

डॉक्टरों ने बताई आंत फटने की बात

निजी अस्पताल में सटहू राय की जांच की गई। डॉक्टरों ने परिजनों और साथ आए श्रमिकों को बताया कि भारी वजन उठाने या अंदरूनी खिंचाव के कारण उनकी आंत फट गई है। डॉक्टरों के मुताबिक उनका तुरंत इलाज शुरू करना जरूरी था।

हालांकि, निजी अस्पताल में इलाज का खर्च काफी अधिक बताया गया। इसके बाद परिजन और साथी श्रमिक आर्थिक मदद के लिए फैक्ट्री मालिक से संपर्क करने पहुंचे। उनका कहना है कि उन्होंने मालिक को पूरी घटना की जानकारी दी और इलाज का खर्च उठाने में मदद मांगी।

परिजनों का आरोप, मालिक ने इलाज का खर्च देने से किया इनकार

परिजनों के अनुसार, इलाज का भारी-भरकम खर्च सामने आने के बाद उन्होंने कच्चा काबड़ी फाटक स्थित CSR कंपनी के मालिक से संपर्क किया। परिवार की ओर से इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी गई।

परिजनों का गंभीर आरोप है कि फैक्ट्री मालिक ने मजदूर के इलाज का खर्च देने से साफ मना कर दिया। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज के लिए मदद मिल जाती तो सटहू राय को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकती थी।

मालिक की ओर से इलाज का खर्च न दिए जाने के आरोप के बाद परिजन और साथी श्रमिक मरीज को लेकर पानीपत के सरकारी सिविल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान परिवार को उम्मीद थी कि सरकारी अस्पताल में उनका इलाज हो सकेगा, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी।

सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

सटहू राय को सिविल अस्पताल पहुंचाने के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य जांच की। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस की ओर से कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पंचनामा भरा गया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी मौत की स्थिति

पुलिस का कहना है कि मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। इसके साथ ही परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया है और मामले से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

सटहू राय की मौत के बाद परिजन फैक्ट्री में हुई घटना और इलाज के दौरान सामने आई परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। परिवार का आरोप है कि इलाज के लिए समय पर आर्थिक मदद नहीं मिलने के कारण स्थिति और गंभीर हुई। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।