महिला अनुबंध कर्मचारियों को बड़ा झटका, हर महीने मिलने वाली अतिरिक्त सीएल सुविधा वापस

हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने महिला अनुबंध कर्मचारियों की अतिरिक्त सीएल सुविधा वापस ली। 28 जुलाई 2026 का आदेश निरस्त, 15 जुलाई 2025 का आदेश लागू रहेगा।

महिला अनुबंध कर्मचारियों को बड़ा झटका, हर महीने मिलने वाली अतिरिक्त सीएल सुविधा वापस

➤ हरियाणा में महिला अनुबंध कर्मचारियों को झटका, अतिरिक्त सीएल की सुविधा वापस
➤ 28 जुलाई 2026 का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त, 15 जुलाई 2025 का आदेश रहेगा लागू
➤ साल में 22 दिन तक सीएल की नई व्यवस्था अब समाप्त


हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने महिला अनुबंध कर्मचारियों को दी गई अतिरिक्त आकस्मिक छुट्टी (सीएल) की सुविधा वापस ले ली है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने 28 जुलाई 2026 को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस आदेश के तहत पात्र महिला अनुबंध कर्मचारियों को हर महीने एक अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश देने का प्रावधान किया गया था।

विभाग ने आदेश वापस लेने के पीछे प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है। नए आदेश के बाद अब महिला अनुबंध कर्मचारियों को 28 जुलाई के आदेश के तहत मिलने वाली अतिरिक्त सीएल का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2025 को जारी पूर्व आदेश ही प्रभावी रहेगा।

28 जुलाई के आदेश में दी गई थी हर महीने एक अतिरिक्त सीएल की सुविधा

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से 28 जुलाई 2026 को जारी आदेश में निदेशालय के अधीन आने वाले संस्थानों में कार्यरत पात्र महिला अनुबंध कर्मचारियों के लिए हर महीने एक अतिरिक्त कैजुअल लीव देने का निर्णय लिया गया था।

इस व्यवस्था के तहत एक कैलेंडर वर्ष में सामान्य तौर पर उपलब्ध 10 दिनों की सीएल के अतिरिक्त 12 दिन तक की छुट्टी का प्रावधान किया गया था। यानी पात्र महिला अनुबंध कर्मचारियों को साल में अधिकतम 22 दिन की आकस्मिक छुट्टी मिलने की व्यवस्था की गई थी।

इस फैसले से उच्च शिक्षा विभाग के अधीन विभिन्न पदों पर कार्यरत महिला अनुबंध कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ मिलना था। जुलाई में लागू की गई यह व्यवस्था अब विभाग के ताजा आदेश के बाद समाप्त हो गई है।

एक्सटेंशन लेक्चरर से सफाई कर्मचारी तक कई श्रेणियां थीं दायरे में

अतिरिक्त सीएल की सुविधा का प्रावधान उच्च शिक्षा विभाग के अधीन विभिन्न श्रेणियों में काम करने वाली पात्र महिला अनुबंध कर्मचारियों के लिए किया गया था। इस व्यवस्था में अलग-अलग पदों पर कार्यरत महिला कर्मचारियों को शामिल किया गया था।

इनमें एक्सटेंशन लेक्चरर, क्लर्क, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी/प्यून, लैब अटेंडेंट, लाइब्रेरी अटेंडेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और सफाई कर्मचारी सहित अन्य पात्र कर्मचारी शामिल थे।

28 जुलाई के आदेश के लागू रहने के दौरान इन कर्मचारियों को सामान्य आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त हर महीने एक दिन की अतिरिक्त सीएल मिलने की व्यवस्था थी। अब आदेश वापस लिए जाने के बाद यह अतिरिक्त लाभ उपलब्ध नहीं रहेगा।

15 जुलाई 2025 का पूर्व आदेश ही रहेगा प्रभावी

उच्च शिक्षा महानिदेशक एस. नारायणन (IFS) की ओर से जारी ताजा आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 28 जुलाई 2026 को जारी पत्र को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है

साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2025 को पत्रांक 12/01-2024 Ad (2) के तहत जारी पत्र में दिए गए प्रावधान यथावत लागू रहेंगे

इससे महिला अनुबंध कर्मचारियों के लिए जुलाई 2026 में शुरू की गई अतिरिक्त सीएल की नई व्यवस्था अब मान्य नहीं होगी। छुट्टियों से संबंधित मामलों में पूर्व आदेश में दिए गए प्रावधानों के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी कॉलेजों और पुस्तकालयों के अधिकारियों को भेजी गई सूचना

अतिरिक्त सीएल का आदेश वापस लेने संबंधी सूचना प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। इसमें सरकारी कॉलेजों के प्राचार्य, एनसीसी यूनिटों के कमांडिंग अधिकारी, जिला एवं उप-मंडल पुस्तकालयों के अध्यक्ष तथा उच्च शिक्षा निदेशालय के सभी शाखा अधिकारी शामिल हैं।

विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नए आदेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही 28 जुलाई 2026 के आदेश के आधार पर अतिरिक्त सीएल का लाभ देने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है।

जुलाई में शुरू हुई सुविधा अब वापस, 22 दिन की सीएल का लाभ खत्म

महिला अनुबंध कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश की सुविधा 28 जुलाई 2026 को जारी आदेश के माध्यम से शुरू की गई थी। इसके तहत सामान्य 10 दिनों की सीएल के अतिरिक्त 12 दिन तक का लाभ मिलना था। इससे पात्र कर्मचारियों के लिए सालाना अधिकतम 22 दिन की सीएल की व्यवस्था बन गई थी।

अब विभाग ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इस आदेश को वापस ले लिया है। ऐसे में जुलाई में लागू की गई अतिरिक्त सीएल की व्यवस्था अब प्रभावी नहीं रहेगी।

15 जुलाई 2025 का पूर्व आदेश ही अब आधार रहेगा, जबकि 28 जुलाई 2026 के आदेश के तहत दी गई अतिरिक्त सीएल की सुविधा समाप्त हो गई है। संबंधित अधिकारियों को भी इस बदलाव के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।