अनुराग ठाकुर की समिति को संसद रत्न, 64 बैठकें, 29 रिपोर्टें, मिला राष्ट्रीय सम्मान

अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली कोयला, खान और इस्पात समिति को संसद रत्न पुरस्कार 2026 मिला। समिति ने जून 2024 से 64 बैठकें और 29 रिपोर्टें प्रस्तुत कीं।

अनुराग ठाकुर की समिति को संसद रत्न, 64 बैठकें, 29 रिपोर्टें, मिला राष्ट्रीय सम्मान

अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली कोयला, खान और इस्पात समिति को संसद रत्न पुरस्कार 2026
मूल रिपोर्टों की सर्वाधिक प्रस्तुति वाली श्रेणी में समिति को मिला राष्ट्रीय सम्मान
अनुराग ठाकुर ने पुरस्कार समिति के सदस्यों और सचिवालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को समर्पित किया

पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के संसदीय सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उनकी अध्यक्षता वाली कोयला, खान और इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति को प्रतिष्ठित संसद रत्न पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित पुरस्कार समारोह के 16वें संस्करण में समिति को "प्रस्तुत मूल रिपोर्टों में सर्वोच्च" (Highest in the Original Reports Presented) श्रेणी में यह सम्मान प्रदान किया गया।

इस वर्ष संसद के दोनों सदनों की केवल चार संसदीय समितियों को इस प्रमुख राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। ऐसे में अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व वाली समिति का इस सूची में शामिल होना उसकी संसदीय सक्रियता और रिपोर्टिंग कार्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समिति ने जून 2024 से अब तक 64 बैठकें आयोजित कर 29 व्यापक रिपोर्टें प्रस्तुत की हैं। इन रिपोर्टों में देश की खनिज सुरक्षा, कोयला उत्पादन, इस्पात क्षेत्र, आत्मनिर्भरता और खनिज संसाधनों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई है।

अनुराग ठाकुर ने सम्मान समिति के सदस्यों और कर्मचारियों को समर्पित किया

पुरस्कार स्वीकार करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने जूरी सदस्यों और प्राइम पॉइंट फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस सम्मान को अपने साथी समिति सदस्यों के साथ-साथ समिति सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को समर्पित किया।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समिति के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने इसे सदस्यों और सचिवालय की सामूहिक तालमेल, कठोर शोध और द्विदलीय विधायी निगरानी के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब बताया।

समिति के कामकाज में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े सांसदों की भागीदारी के बीच विषयों की गहन समीक्षा, विशेषज्ञता और शोध आधारित रिपोर्ट तैयार करना संसदीय निगरानी की प्रक्रिया का अहम हिस्सा रहा है। यही सक्रियता इस बार समिति को संसद रत्न सम्मान तक ले गई।

महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर समिति ने की गहन समीक्षा

अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में समिति ने देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के दीर्घकालिक हित से जुड़े कई रणनीतिक विषयों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की हैं। इनमें महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा, घरेलू खनिज अन्वेषण में तेजी और कोयला एवं इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे विषय प्रमुख रहे।

समिति ने KABIL के माध्यम से महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा की समीक्षा की। इसके साथ ही देश में घरेलू खनिज अन्वेषण को गति देने की जरूरत पर भी ध्यान दिया गया।

कोयला क्षेत्र में समिति ने धुले हुए कोयले (Washed Coal) के उत्पादन को बढ़ाने से जुड़े विषयों की समीक्षा की। वहीं इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उपायों पर भी समिति ने रिपोर्ट के माध्यम से अपनी सिफारिशें और समीक्षा सामने रखी।

इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। इन पहलों को खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और कल्याण से जोड़ते हुए समिति ने इनके कार्यान्वयन की स्थिति का अध्ययन किया।

समिति की रिपोर्टों में शामिल ये विषय भारत की खनिज सुरक्षा, औद्योगिक क्षमता, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य से सीधे जुड़े हुए हैं।

संसद रत्न पुरस्कार का खास महत्व

संसद रत्न पुरस्कार को भारतीय लोकतंत्र में एक ऐसी पहल के रूप में देखा जाता है, जो संसदीय प्रदर्शन को नागरिक समाज के दृष्टिकोण से पहचान देने का प्रयास करती है। इस पुरस्कार की प्रेरणा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के दृष्टिकोण से जुड़ी है।

आयोजकों के अनुसार, यह पुरस्कार एक गैर-सरकारी पहल के तौर पर संसदीय प्रदर्शन का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन करता है। सांसदों और संसदीय समितियों के कार्यों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पहचान देने के उद्देश्य से यह सम्मान अपनी अलग जगह रखता है।

इसी क्रम में इस वर्ष अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली समिति को मूल रिपोर्टों की प्रस्तुति में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है।

केंद्रीय मंत्री के रूप में पांच साल का प्रशासनिक अनुभव भी आया काम

समिति के अध्यक्ष के तौर पर अनुराग सिंह ठाकुर का कामकाज उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव से भी जुड़ा है। वह करीब पांच साल तक केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने वाले केंद्रीय मंत्री रहे हैं।

वर्तमान में कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति की अध्यक्षता के अलावा उनकी संसदीय जिम्मेदारियों में लोक लेखा समिति (PAC) में सेवा देना और विद्युत मंत्रालय की सलाहकार समिति से जुड़ना भी शामिल है।

इसके साथ ही अनुराग ठाकुर कई महत्वपूर्ण विधायी निकायों में भी योगदान दे रहे हैं। इनमें वन नेशन वन इलेक्शन पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC), 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर JPC और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान पर JPC शामिल हैं।

इस तरह मौजूदा संसदीय भूमिका में उनके सामने आर्थिक, प्रशासनिक, ऊर्जा, खनिज और विधायी सुधारों से जुड़े अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर काम करने की जिम्मेदारी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय संसदीय भूमिका

अनुराग सिंह ठाकुर की संसदीय भूमिका केवल घरेलू समितियों तक सीमित नहीं है। वह अंतरराष्ट्रीय संसदीय कूटनीति और वैश्विक नीतिगत जुड़ाव में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

वर्तमान में वह भारत-यूरोपीय संघ संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। इससे पहले वह फिक्की इंडो-यूएस पार्लियामेंटेरियन्स फोरम और भारत-जर्मनी पार्लियामेंटेरियन्स फोरम का नेतृत्व भी कर चुके हैं।

इसके अलावा उन्होंने अंतर-संसदीय संघ (IPU) और विश्व व्यापार संगठन (WTO) की संचालन समितियों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह भूमिका भारत के संसदीय दृष्टिकोण और वैश्विक नीतिगत संवाद को आगे बढ़ाने से जुड़ी रही है।

2011 में मिला था सर्वश्रेष्ठ युवा सांसद पुरस्कार

अनुराग सिंह ठाकुर को सार्वजनिक नीति और संसदीय क्षेत्र में शुरुआती योगदान के लिए भी कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें 2011 में सर्वश्रेष्ठ युवा सांसद पुरस्कार (Best Young Parliamentarian Award) से सम्मानित किया गया था।

इसके बाद वर्ष 2014 में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) ने उन्हें यंग ग्लोबल लीडर के रूप में नामित किया। इससे उनके सार्वजनिक जीवन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली।

वहीं संसदीय प्रदर्शन के लिए उन्हें 2019 में व्यक्तिगत संसद रत्न पुरस्कार भी मिल चुका है। इसके अलावा प्रभावशाली समाज कल्याण पहलों के लिए उन्हें चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया था।

उपलब्धियों की सूची में जुड़ा एक और बड़ा सम्मान

संसद रत्न पुरस्कार 2026 अनुराग सिंह ठाकुर के सार्वजनिक और संसदीय जीवन में पहले से मौजूद उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण सम्मान जोड़ता है। इस बार व्यक्तिगत तौर पर नहीं, बल्कि उनकी अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति को यह राष्ट्रीय सम्मान मिला है।

समिति की ओर से 64 बैठकें आयोजित करने और 29 व्यापक रिपोर्टें प्रस्तुत करने के साथ जिन रणनीतिक विषयों पर काम किया गया, वे सीधे तौर पर खनिज सुरक्षा, ऊर्जा, कोयला, इस्पात, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़े हैं।

अनुराग ठाकुर ने इस सम्मान को समिति के सदस्यों और सचिवालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को समर्पित कर यह संदेश भी दिया कि संसदीय समितियों का प्रभावी कामकाज सामूहिक प्रयास, शोध और सभी पक्षों की भागीदारी से मजबूत होता है। ऐसे में संसद रत्न पुरस्कार 2026 को उनकी अध्यक्षता वाली समिति के संसदीय प्रदर्शन की एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।