हिमाचल हाईकोर्ट में राजीव बाली की नई जिम्मेदारी तय, सरकार से वापस बुलाया; रजिस्ट्रार पद पर होगी तैनाती
हिमाचल हाईकोर्ट ने राजीव बाली की सेवाएं सरकार से तत्काल प्रभाव से वापस लीं। अब उन्हें हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार पद पर तैनाती के लिए रखा गया है
➤ हिमाचल हाईकोर्ट ने राजीव बाली की सेवाएं सरकार से वापस लीं
➤ तत्काल प्रभाव से हाईकोर्ट के अधीन आएंगे, रजिस्ट्रार पद पर तैनाती की तैयारी
➤ कानून विभाग में LR-cum-Principal Secretary की जिम्मेदारी संभाल रहे थे बाली
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रशासनिक हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यायिक सेवा के अधिकारी राजीव बाली की सेवाएं प्रदेश सरकार से वापस ले ली हैं। हाईकोर्ट की ओर से 9 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, बाली को तत्काल प्रभाव से सरकार से वापस लेकर हाईकोर्ट के अधीन किया गया है। अब उन्हें हाईकोर्ट के रजिस्ट्रारों में से एक के रूप में तैनात किए जाने की प्रक्रिया है।
राजीव बाली फिलहाल हिमाचल प्रदेश सरकार के विधि विभाग में LR-cum-Principal Secretary (Law) के पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हाईकोर्ट की अधिसूचना में कहा गया है कि प्रशासन के हित में उनकी सेवाएं सरकार से वापस ली गई हैं और अब उनकी सेवाएं मुख्य न्यायाधीश के अधीन उपलब्ध रहेंगी।
अधिसूचना में उन्हें हाईकोर्ट के रजिस्ट्रारों में से एक के रूप में तैनाती के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने की बात कही गई है। इससे न्यायिक प्रशासन में उनकी भूमिका अब और महत्वपूर्ण होने जा रही है।
लंबे समय से न्यायिक सेवा में हैं राजीव बाली
राजीव बाली हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा के जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कैडर के अधिकारी हैं। उपलब्ध हाईकोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार उनका न्यायिक सेवा में लंबा अनुभव रहा है।
राजीव बाली का जन्म 27 अगस्त 1969 को हुआ था। उन्होंने 8 जून 1999 को हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा में नियुक्ति प्राप्त की थी। न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं।
हाईकोर्ट के पूर्व रिकॉर्ड में राजीव बाली का नाम हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी के निदेशक के तौर पर भी दर्ज रहा है। न्यायिक प्रशासन से जुड़े उनके अनुभव को देखते हुए अब हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार के रूप में उनकी संभावित तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार में कानून विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे
राजीव बाली हिमाचल प्रदेश सरकार के विधि विभाग में LR-cum-Principal Secretary (Law) के तौर पर काम कर रहे थे। सरकारी रिकॉर्ड में भी उन्हें मार्च 2026 तक इसी पद पर सूचीबद्ध किया गया था।
सरकार में रहते हुए वह कानून विभाग से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। अब हाईकोर्ट की ओर से सेवाएं वापस लिए जाने के बाद उनकी प्रशासनिक भूमिका में बदलाव होगा और वह न्यायिक संस्थान के अधीन अपनी सेवाएं देंगे।
हाईकोर्ट की ओर से जारी अधिसूचना में इसे प्रशासन के हित में लिया गया फैसला बताया गया है। इसमें तत्काल प्रभाव से सेवाएं वापस लेने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
मुख्य न्यायाधीश के अधीन उपलब्ध रहेंगी सेवाएं
9 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राजीव बाली की सेवाएं ‘with immediate effect’ यानी तत्काल प्रभाव से सरकार से वापस ले ली गई हैं। इसके बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक रजिस्ट्रार के रूप में तैनाती के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा गया है।
इसका मतलब यह है कि अब उनकी सेवाएं प्रदेश सरकार के विधि विभाग के बजाय हाईकोर्ट प्रशासन के लिए उपलब्ध रहेंगी। रजिस्ट्रार के रूप में संभावित नई जिम्मेदारी के साथ न्यायिक प्रशासन से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका बढ़ेगी।
अधिसूचना की प्रतियां कई अधिकारियों को भेजीं
हाईकोर्ट की ओर से जारी इस अधिसूचना की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को भी भेजी गई हैं। इनमें हाईकोर्ट के विभिन्न रजिस्ट्रार, सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), सचिव (कार्मिक), विधि विभाग, प्रदेश के सभी जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश और हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी शामिल हैं।
राजीव बाली को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिसूचना की प्रति दी गई है। इससे उनकी सेवाओं को सरकार से वापस लेकर हाईकोर्ट के अधीन किए जाने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया गया है।
हाईकोर्ट की वेबसाइट पर भी अपलोड होगी अधिसूचना
हाईकोर्ट ने अधिसूचना को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही इसे गजट वेबसाइट के लिए डिजिटल रूप में परिवर्तित करने को कहा गया है।
यह अधिसूचना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल विक्रम भारद्वाज के हस्ताक्षर से जारी की गई है। इसमें संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
अब न्यायिक प्रशासन में बढ़ेगी जिम्मेदारी
राजीव बाली के पास न्यायिक सेवा का लंबा अनुभव है और वह पहले भी न्यायिक प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सरकार के विधि विभाग में LR-cum-Principal Secretary (Law) के पद पर कार्य करने के बाद अब उनकी सेवाएं हाईकोर्ट के अधीन की गई हैं।
9 सितंबर 2026 की अधिसूचना के बाद उनकी अगली भूमिका हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के रूप में तय किए जाने की दिशा में है। उन्हें इस पद पर तैनाती के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा गया है। इस बदलाव के साथ राजीव बाली की जिम्मेदारी अब न्यायिक प्रशासन से जुड़े कामकाज में केंद्रित होगी।
Akhil Mahajan