सुक्खू कैबिनेट में बड़ा फेरबदल? दिल्ली में जुटे मंत्री, एक की हो सकती है छुट्टी,मंत्री पद के लिए सुंदर ठाकुर का नाम सबसे आगे,आशीष बुटेल भी दौड़ में

हिमाचल में कैबिनेट विस्तार से पहले सीएम सुक्खू समेत कई मंत्री दिल्ली में हैं। सुंदर ठाकुर का नाम सबसे आगे, आशीष बुटेल भी दौड़ में हैं।

सुक्खू कैबिनेट में बड़ा फेरबदल? दिल्ली में जुटे मंत्री, एक की हो सकती है छुट्टी,मंत्री पद के लिए सुंदर ठाकुर का नाम सबसे आगे,आशीष बुटेल भी दौड़ में

कैबिनेट विस्तार से पहले दिल्ली में जुटे सीएम सुक्खू समेत कई मंत्री, हाईकमान से मंथन तेज
➤ कुल्लू विधायक सुंदर ठाकुर का नाम मंत्री पद के लिए सबसे आगे, आशीष बुटेल भी दौड़ में
➤ क्षेत्रीय-जातीय संतुलन के लिए फेरबदल संभव, एक मौजूदा मंत्री की हो सकती है छुट्टी

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत आधे से ज्यादा मंत्रियों के नई दिल्ली पहुंचने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मंथन चल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार के मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कवायद हो सकती है। इसी रणनीति के तहत कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह देने के साथ मौजूदा मंत्रियों के विभागों या उनकी भूमिका में बदलाव पर भी विचार संभव है। सबसे अहम चर्चा इस बात को लेकर है कि किसी मजबूत नेता को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए एक मौजूदा मंत्री को ड्रॉप किया जा सकता है।

दिल्ली में जुटे मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले से ही नई दिल्ली में हैं। उन्होंने सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात भी की थी। इसके बाद उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अलावा कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल, चंद्र कुमार और हर्षवर्धन चौहान भी दिल्ली पहुंच गए हैं। मंत्री रोहित ठाकुर पहले से ही राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हैं।

एक साथ इतने वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली पहुंचने को कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान के साथ होने वाली बैठकों में मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल करने के साथ-साथ मौजूदा मंत्रियों की भूमिका और सरकार में उनकी सक्रियता को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बुधवार शाम तक शिमला लौटने की बात कही गई है। इसके बावजूद दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने हिमाचल की सियासत में संभावित फैसलों को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है।

मंत्रिमंडल में एक पद पहले से रिक्त

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में एक पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार के लिए सरकार के पास पहले से ही एक स्थान उपलब्ध है। लेकिन पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक मामला सिर्फ रिक्त पद भरने तक सीमित नहीं रह सकता।

सूत्रों के अनुसार, यदि किसी मजबूत और प्रभावशाली नेता को मंत्रिमंडल में शामिल करने की जरूरत महसूस की गई तो कम सक्रिय चल रहे किसी मौजूदा मंत्री को बाहर किया जा सकता है। इसी वजह से संभावित फेरबदल को लेकर मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं के बीच भी चर्चाएं तेज हैं।

हालांकि किस मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा, इस पर अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में इस मुद्दे पर चल रही चर्चाएं फिलहाल सियासी अटकलों और पार्टी सूत्रों पर आधारित हैं।

सुंदर ठाकुर का नाम सबसे आगे, सीएम भी दे चुके संकेत

मंत्री पद के लिए कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर का नाम लगभग तय माना जा रहा है। खुद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी सुंदर ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के संकेत दे चुके हैं। यही वजह है कि उनके नाम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।

सुंदर ठाकुर के अलावा पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल भी मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही एक अन्य वरिष्ठ विधायक का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है।

कांग्रेस के भीतर एक धड़ा आशीष बुटेल को मंत्रिमंडल में शामिल करने की पैरवी कर रहा है। ऐसे में अंतिम फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, राजनीतिक समीकरण और पार्टी के भीतर संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया जा सकता है।

क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर नजर

कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस की रणनीति केवल खाली पद भरने तक सीमित नहीं मानी जा रही है। अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार और संगठन के सामने अलग-अलग क्षेत्रों तथा सामाजिक समूहों के बीच संतुलन कायम करने की चुनौती भी है।

इसी कारण संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में किन क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिलेगा और किन सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी, इस पर विशेष नजर है। नए चेहरों को शामिल करने के साथ मौजूदा मंत्रियों की सक्रियता और राजनीतिक उपयोगिता भी निर्णय का आधार बन सकती है।

कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही कैबिनेट विस्तार के साथ मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना जता चुके हैं। ऐसे में दिल्ली में हो रही बैठकों को आने वाले दिनों में हिमाचल सरकार के मंत्रिमंडल की तस्वीर बदलने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

दिल्ली की बैठकों के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंत्रिमंडल में कौन नया चेहरा शामिल होगा और किस मौजूदा मंत्री की जिम्मेदारी बदलेगी या उसे बाहर किया जाएगा। सुंदर ठाकुर का नाम जहां मजबूत दावेदार के तौर पर सामने आ रहा है, वहीं आशीष बुटेल समेत अन्य वरिष्ठ विधायकों की दावेदारी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों की दिल्ली में मौजूदगी के बीच कांग्रेस हाईकमान के साथ होने वाले मंथन के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। यदि फेरबदल को हरी झंडी मिलती है तो इसका असर न केवल मंत्रिमंडल की संरचना पर पड़ेगा, बल्कि हिमाचल कांग्रेस के आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।