फ्रोजन फूड सेहत के लिए कितना नुकसानदायक? खरीदने से पहले जरूर जानें ये जरूरी बातें

फ्रोजन फूड सुविधाजनक है, लेकिन बार-बार सेवन से वजन, ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खरीदते समय पोषण लेबल जरूर पढ़ें।

फ्रोजन फूड सेहत के लिए कितना नुकसानदायक? खरीदने से पहले जरूर जानें ये जरूरी बातें

फ्रोजन फूड के बार-बार सेवन से बढ़ सकता है वजन और ब्लड प्रेशर का खतरा

ज्यादा नमक, सैचुरेटेड फैट और कैलोरी वाले प्रोसेस्ड फूड दिल की सेहत पर डाल सकते हैं असर

खरीदते समय सोडियम, सैचुरेटेड फैट, अतिरिक्त चीनी और सर्विंग साइज का लेबल जरूर पढ़ें

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। आज की व्यस्त जिंदगी में लोगों के पास खाना बनाने के लिए ज्यादा समय नहीं होता। ऐसे में फ्रोजन फूड कई लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन गया है। बाजार में फ्रोजन पराठे, फ्राइज, नगेट्स, फ्रोजन सब्जियां, रेडी-टू-कुक स्नैक्स और कई तरह के पैकेज्ड फूड आसानी से मिल जाते हैं। इन्हें बनाना आसान होता है और कम समय में खाना तैयार हो जाता है। यही वजह है कि फ्रोजन फूड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।

लेकिन सुविधा के साथ इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, खासकर तब जब ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन बार-बार या ज्यादा मात्रा में किया जाए। कुछ फ्रोजन और प्रोसेस्ड फूड में नमक, चीनी, सैचुरेटेड फैट और कैलोरी की मात्रा अधिक हो सकती है।

फ्रोजन फूड अपने आप में हमेशा नुकसानदायक नहीं होता। उदाहरण के लिए, बिना ज्यादा प्रोसेसिंग वाली कुछ फ्रोजन सब्जियां संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकती हैं। समस्या खासतौर पर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और ज्यादा नमक, फैट या कैलोरी वाले फ्रोजन फूड के बार-बार सेवन से हो सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर फ्रोजन फूड एक जैसा नहीं होता और उसके असर का संबंध उसकी सामग्री, प्रोसेसिंग और पोषण संबंधी गुणवत्ता से पड़ता है।

फ्रोजन फूड खाने से बढ़ सकता है वजन

कई फ्रोजन रेडी-टू-ईट या रेडी-टू-कुक फूड में कैलोरी और फैट अधिक हो सकता है। अगर इन्हें नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में खाया जाए और शारीरिक गतिविधि कम हो, तो वजन बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसे में केवल इस वजह से किसी खाद्य पदार्थ को चुनना कि वह जल्दी तैयार हो जाता है, पर्याप्त नहीं है। फ्रोजन फूड लेते समय उसकी पोषण संबंधी गुणवत्ता और खाने की मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है।

ज्यादा नमक बन सकता है परेशानी

कई पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फ्रोजन फूड में स्वाद और शेल्फ लाइफ के लिए सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है। बहुत ज्यादा सोडियम का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ने से जुड़ा हुआ है।

इसलिए फ्रोजन फूड खरीदते समय उसके लेबल पर सोडियम की मात्रा देखना जरूरी है। खासतौर पर ऐसे विकल्प चुनना बेहतर हो सकता है जिनमें कम सोडियम हो।

दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है असर

कुछ फ्रोजन प्रोसेस्ड फूड में सैचुरेटेड फैट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा हो सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थों का नियमित और ज्यादा सेवन लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य के लिए सही नहीं माना जाता।

इसलिए अगर डाइट में इस तरह के खाद्य पदार्थों की मात्रा लगातार ज्यादा बनी रहती है, तो भोजन के दूसरे पौष्टिक विकल्पों की जगह भी प्रभावित हो सकती है।

पोषण का संतुलन बिगड़ सकता है

अगर डाइट में ताजे फल, सब्जियां, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों की जगह बार-बार रेडीमेड फ्रोजन फूड लेने लगें, तो भोजन में जरूरी पोषक तत्वों की विविधता कम हो सकती है।

फ्रोजन फूड को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि कौन सा फ्रोजन फूड चुना जा रहा है, उसमें कितनी प्रोसेसिंग हुई है और उसकी पोषण संबंधी गुणवत्ता कैसी है।

फ्रोजन फूड खरीदते समय लेबल पढ़ना जरूरी

फ्रोजन फूड खरीदते समय सिर्फ स्वाद या कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। पैकेट पर दिए गए पोषण संबंधी लेबल को ध्यान से देखना जरूरी है।

खरीदते समय सोडियम, सैचुरेटेड फैट, अतिरिक्त चीनी और सर्विंग साइज जरूर देखें। ऐसे विकल्प चुनें जिनमें कम सोडियम और कम सैचुरेटेड फैट हो।

क्या हर Frozen Food नुकसानदायक है?

नहीं। यह समझना जरूरी है कि हर फ्रोजन फूड एक जैसा नहीं होता। साधारण तौर पर फ्रीज की गई सब्जियां और कुछ अन्य कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ और फ्रोजन पिज्जा, फ्राइज या प्रोसेस्ड स्नैक्स एक ही श्रेणी में नहीं रखे जा सकते।

असली फर्क फूड की सामग्री, प्रोसेसिंग और पोषण संबंधी गुणवत्ता से पड़ता है। इसलिए फ्रोजन फूड को पूरी तरह छोड़ने के बजाय कम प्रोसेस्ड और बेहतर पोषण वाले विकल्प चुनना और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखना ज्यादा बेहतर तरीका हो सकता है।