सेहतमंद रहने के लिए जरूरी पोषण,डाइट में जरूर शामिल करें ये 4 जरूरी तत्व
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2026 के दौरान जानें शरीर के लिए प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन-मिनरल्स और फाइबर क्यों जरूरी हैं और इनके प्रमुख खाद्य स्रोत कौन से हैं।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2026 के दौरान संतुलित आहार के प्रति जागरूकता पर जोर
➤ शरीर के लिए प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन-मिनरल्स और फाइबर जरूरी
➤ अलग-अलग खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल कर पोषण संतुलन बनाए रखने की सलाह
हर साल भारत में 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार, पोषक तत्वों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान लोगों को पोषणयुक्त खाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ पेट भरना ही काफी नहीं है, बल्कि रोजाना भोजन में कुछ जरूरी तत्वों का शामिल होना भी आवश्यक है। इन पोषक तत्वों की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के साथ-साथ थकान, कमजोरी और कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
शरीर को रोज कौन-कौन से पोषक तत्व चाहिए?
1. प्रोटीन
प्रोटीन शरीर के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह मांसपेशियों, त्वचा, बालों और शरीर के ऊतकों के निर्माण और उनकी मरम्मत में अहम भूमिका निभाता है। शरीर में कई एंजाइम, हार्मोन और अन्य जरूरी पदार्थ बनाने के लिए भी प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
खासतौर पर बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय लोगों के लिए पर्याप्त प्रोटीन लेना महत्वपूर्ण है। दाल, चना, राजमा, मूंग, सोयाबीन, पनीर, दूध, दही, अंडे, मछली और मांस प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी लोग दालों, सोया, पनीर, दूध और नट्स के जरिए अपनी प्रोटीन की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
2. हेल्दी फैट
अक्सर लोग फैट को सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं, लेकिन शरीर को सही मात्रा में वसा की भी जरूरत होती है। फैट ऊर्जा देने के अलावा शरीर में कुछ जरूरी विटामिनों के अवशोषण में मदद करता है और कोशिकाओं के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बादाम, अखरोट, मूंगफली, तिल, अलसी, चिया सीड्स और अन्य बीज हेल्दी फैट के अच्छे स्रोत हैं। खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले तेल की मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है। बहुत ज्यादा तला-भुना और ट्रांस फैट वाला भोजन नियमित रूप से खाने से बचना चाहिए।
3. विटामिन और मिनरल्स
विटामिन और मिनरल्स शरीर को कम मात्रा में चाहिए होते हैं, लेकिन इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ये इम्यून सिस्टम, हड्डियों, आंखों, खून बनने, मेटाबॉलिज्म और शरीर की कई अन्य प्रक्रियाओं को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं।
उदाहरण के लिए, कैल्शियम हड्डियों और दांतों के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि आयरन शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। अलग-अलग रंगों के फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध-दही, दालें, साबुत अनाज, नट्स और बीज विटामिन और मिनरल्स के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इसलिए रोज की डाइट में अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां शामिल करना फायदेमंद है।
4. फाइबर
फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मल को सामान्य रखने और कब्ज की समस्या से बचाने में मदद कर सकता है। फाइबर युक्त भोजन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में भी मदद करता है।
फल, सब्जियां, दालें, चना, राजमा, बीन्स, साबुत अनाज, ओट्स, बाजरा और अन्य मोटे अनाज फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। डाइट में फाइबर बढ़ाते समय पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। रोजाना अलग-अलग स्रोतों से फाइबर लेना संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
संतुलित डाइट क्यों जरूरी है?
एक ही तरह के भोजन से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते। इसलिए रोज के खाने में अनाज, दाल या अन्य प्रोटीन स्रोत, सब्जियां, फल, दूध/दही या उपयुक्त विकल्प, नट्स-सीड्स और पर्याप्त पानी को शामिल करना बेहतर माना जाता है।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के दौरान लोगों को यही संदेश दिया जाता है कि रोजाना के भोजन में अलग-अलग पोषक तत्वों को संतुलित रूप से शामिल कर स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में ध्यान दिया जाए।
Akhil Mahajan