पीएनबी लॉकर से 50 लाख के गहने गायब, आखिर किसने कर दिया हाथ साफ?
पीएनबी के सेक्टर-11 शाखा लॉकर से सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी के 34.5 तोले सोने के गहने गायब मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
➤ छह साल बाद लॉकर खोला तो 34.5 तोले सोने के गहने मिले गायब
➤ सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी सुल्तान सिंह ने पुलिस में दी शिकायत
➤ करीब 50 लाख रुपये के आभूषण गायब होने से बैंक लॉकर की सुरक्षा पर सवाल
बैंक का लॉकर सुरक्षित समझकर वर्षों तक बेफिक्र रहने वाले सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी के परिवार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब करीब छह साल बाद लॉकर खोला गया। लॉकर में रखे लाखों रुपये कीमत के सोने के गहने गायब मिले। मामला सेक्टर-11 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा का है।
सेक्टर-12 निवासी सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी सुल्तान सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि बैंक लॉकर से करीब 50 लाख रुपये कीमत के 34.5 तोले सोने के गहने गायब हैं। शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-10 पुलिस चौकी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 1993 से बैंक की सेक्टर-11 शाखा में था लॉकर
शिकायत के अनुसार, सुल्तान सिंह और उनकी पत्नी सुनीता देवी का वर्ष 1993 से बैंक की सेक्टर-11 शाखा में लॉकर था। इस लॉकर में उनकी पत्नी के सोने के आभूषण रखे हुए थे।
लॉकर में दस, आठ और छह तोले के तीन गोल्ड सेट ईयर रिंग्स समेत, छह तोले का एक अन्य गोल्ड सेट, डेढ़ तोले की जेंट्स रिंग और तीन तोले का गोल्ड सेट शामिल था। शिकायत के मुताबिक, इन सभी आभूषणों का कुल वजन 34.5 तोले था और उनकी कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
2019 में चार बार खोला था लॉकर, तब सभी गहने थे सुरक्षित
सुल्तान सिंह के अनुसार, उनकी पत्नी ने वर्ष 2019 में चार बार लॉकर संचालित किया था। उस दौरान लॉकर में रखे सभी आभूषण सुरक्षित मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने या उनकी पत्नी ने करीब छह साल तक लॉकर नहीं खोला।
अब जब वर्षों बाद लॉकर खोला गया तो उसमें रखे सोने के गहने गायब मिले। आभूषणों के गायब होने का पता चलते ही परिवार को मामले की जानकारी हुई और इसकी शिकायत पुलिस से की गई।
बिना जानकारी और अनुमति लॉकर तक पहुंचने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2019 के बाद किसी समय उनकी जानकारी और अनुमति के बिना लॉकर तक पहुंच बनाई गई और उसमें रखे गहने निकाल लिए गए। उन्होंने इस मामले में बैंक कर्मचारियों अथवा लॉकर तक पहुंच रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति पर संदेह जताया है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लॉकर तक किस समय और किस तरह पहुंच बनाई गई तथा उसमें रखे आभूषण कब गायब हुए।
लॉकर संचालन और बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की जांच
पुलिस अब लॉकर के संचालन का रिकॉर्ड, बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और लॉकर तक पहुंच से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि वर्ष 2019 में लॉकर संचालित किए जाने के बाद से अब तक उससे संबंधित रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था में क्या स्थिति रही।
करीब 50 लाख रुपये के 34.5 तोले सोने के गहने बैंक लॉकर से गायब होने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों तक सुरक्षित माना जाने वाला लॉकर जब खोला गया तो उसमें रखे आभूषण नहीं मिले। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि आखिर इन गहनों तक किस तरह पहुंच बनाई गई और वे कब गायब हुए।
Akhil Mahajan