31 दिन से जारी कर्मचारियों की हड़ताल में किसानों की एंट्री, सोमवार से संयुक्त धरना; लिखित आदेश तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

हांसी में सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की 31 दिन से जारी हड़ताल में किसान-मजदूर यूनियन शामिल होगी। सोमवार से संयुक्त धरने का ऐलान किया गया।

31 दिन से जारी कर्मचारियों की हड़ताल में किसानों की एंट्री, सोमवार से संयुक्त धरना; लिखित आदेश तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

हांसी में 31 दिन से जारी सफाई-अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल में किसानों की एंट्री
किसान-मजदूर यूनियन सोमवार से कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठेगी
लिखित आदेश जारी होने तक हड़ताल जारी रखने पर अड़े कर्मचारी


नगर परिषद के सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की 31 दिन से जारी हड़ताल अब और बड़ा रूप लेने जा रही है। कर्मचारियों के आंदोलन में अब किसान-मजदूर यूनियन भी सीधे शामिल होगी। शनिवार को धरनास्थल पर पहुंचे किसान नेताओं ने कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन किया और ऐलान किया कि सोमवार से किसान भी कर्मचारियों के समर्थन में धरने पर बैठेंगे

किसान नेताओं का दावा है कि सोमवार को सैकड़ों किसान कर्मचारियों के समर्थन में धरनास्थल पर पहुंचेंगे। किसानों के आंदोलन में शामिल होने के ऐलान के बाद अब धरने का दायरा बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए कर्मचारी संघ ने भी धरनास्थल पर बड़े टेंट और अधिक लोगों के बैठने के लिए अतिरिक्त जगह तैयार करने की बात कही है।

वहीं, कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए दिए गए नोटिस का शनिवार तक कोई असर दिखाई नहीं दिया। हड़ताल पर चल रहा कोई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटा। कर्मचारियों ने धरनास्थल पर सरकार की ओर से जारी आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया और नारेबाजी की।

सोमवार से किसान, मजदूर और कर्मचारी एक मंच पर होंगे

अब तक यह आंदोलन मुख्य रूप से नगर परिषद के सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों तक सीमित था, लेकिन किसान-मजदूर यूनियन के सीधे तौर पर इसमें शामिल होने के फैसले ने सोमवार के धरने को महत्वपूर्ण बना दिया है।

कर्मचारी नेताओं ने किसान संगठनों के इस फैसले का स्वागत किया है। दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है। किसान-मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार सोमवार से किसान, मजदूर और कर्मचारी एक मंच पर सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे।

किसान नेता धर्मपाल बडाला और कपूर सिंह बामल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अकेला न समझा जाए और अब किसान उनकी हर संभव मदद करेंगे।

किसान नेताओं ने कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का भी विरोध किया और सरकार से तत्काल वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की।

लिखित आदेश के बिना हड़ताल खत्म नहीं करेंगे कर्मचारी

कर्मचारी संघ के प्रधान बलजीत ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि मांगों को लेकर लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा

किसान-मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने भी कहा कि केवल मांगों पर सहमति जताना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि जिन मांगों पर सहमति बनती है, उनसे संबंधित लिखित आदेश भी जारी किए जाने चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन विभाग कर्मचारी संघ के नेताओं ने किसान-मजदूर संगठनों के समर्थन को आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

किसानों के आने से धरनास्थल पर बढ़ाई जाएगी व्यवस्था

सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों के धरनास्थल पर पहुंचने की घोषणा के बाद वहां व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

प्रधान बलजीत के अनुसार, टेंट का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था हो सके। किसान नेताओं ने भी अपने साथियों से सोमवार को बड़ी संख्या में धरनास्थल पर पहुंचने का आह्वान किया है।

इससे साफ है कि सोमवार का धरना अब केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। किसान और मजदूर संगठन भी इसमें शामिल होकर कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में आवाज उठाएंगे।

31वें दिन सरकार के आदेशों की प्रतियां जलाईं

हड़ताल के 31वें दिन कर्मचारियों ने धरनास्थल पर सरकार के आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि मांगों को लेकर लिखित आदेश जारी होने तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

शनिवार को हुए प्रदर्शन में किसान नेता दशरथ मलिक, प्रताप बडछप्पर, बलजीत सारसर, सुलेमान, रिंकू, सुरेंद्र खटक, अरुण चौहान, अशोक यादव और कपूर सिंह सहित किसान-मजदूर शामिल हुए।

कर्मचारियों के साथ किसान नेताओं की मौजूदगी और सोमवार से बड़ी संख्या में किसानों के धरने में शामिल होने के ऐलान के बाद हांसी में चल रहे इस आंदोलन का दायरा बढ़ गया है। अब सभी की नजरें सोमवार को होने वाले धरने पर रहेंगी।