मंत्री की कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़कर झाडू लहराई़, सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन

फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों ने मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय पर झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया और लिखित आदेश मिलने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी

मंत्री की कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़कर झाडू लहराई़, सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन

फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज, मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय पहुंचे कर्मचारी
झाड़ू लेकर प्रदर्शन, कर्मचारी नेता मंत्री की कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़े
लिखित आदेश जारी होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी, एस्मा की धमकी से पीछे नहीं हटने का ऐलान


फरीदाबाद। सफाई कर्मचारियों का आंदोलन शनिवार को उस समय और तेज हो गया, जब बड़ी संख्या में कर्मचारी हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के सेक्टर-16 स्थित कार्यालय पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरम रहा और पुलिस की भी भारी तैनाती की गई।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेता स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी के ऊपर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी, जिसके बाद कर्मचारी नेता नीचे उतरे। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए एस्मा लगाने की बात कर रही है, लेकिन इससे उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

एस्मा की धमकी से पीछे नहीं हटेंगे, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं है। वे अपनी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का दावा है कि उनकी हड़ताल पूरी तरह संवैधानिक तरीके से की जा रही है।

कर्मचारियों ने साफ कहा कि एस्मा लगाने की चेतावनी से वे डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों के मुताबिक सरकार की ओर से दबाव बनाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

21 दिन से प्रदेशभर में हड़ताल, बातचीत में बनी सहमति लागू न होने से नाराजगी

सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल 6 अगस्त से चल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन उन फैसलों को लागू करने के लिए अब तक लिखित आदेश जारी नहीं किए गए।

कर्मचारियों का कहना है कि बातचीत के दौरान जिन मांगों पर सहमति बनने की बात कही गई थी, उन्हें जमीन पर लागू नहीं किया गया। इसी वजह से कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ती गई और आंदोलन लंबा खिंचता चला गया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौके पर तैनात रहे। पुलिस की मौजूदगी के बीच कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

नियमितीकरण से लेकर समान वेतन और सुरक्षा उपकरण तक कई मांगें

सफाई कर्मचारियों की मांगें केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे, ठेका और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करना और समान काम के लिए समान वेतन देना शामिल है।

इसके अलावा कर्मचारी जोखिम भत्ता, सुरक्षा उपकरण, ईएसआई-ईपीएफ, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, एरियर, दुर्घटना में मुआवजा और मृतक कर्मचारी के आश्रित को नौकरी देने की मांग भी कर रहे हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि सफाई का काम जोखिम भरा होने के कारण उन्हें पर्याप्त सुरक्षा सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही लंबे समय से काम कर रहे कच्चे, ठेका और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

कर्मचारी नेता बोले- आश्वासन नहीं, अब चाहिए मांगों पर लिखित आदेश

कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री ने कहा कि सरकार बातचीत के दौरान कई मांगों पर सहमति जता चुकी है, लेकिन अब तक उन्हें लागू करने के ठोस आदेश नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि केवल आश्वासन के आधार पर कर्मचारियों का आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

नरेश शास्त्री के मुताबिक कर्मचारियों की मांग स्पष्ट है कि जिन मुद्दों पर सरकार के साथ सहमति बनी है, उन्हें लेकर लिखित आदेश जारी किए जाएं। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

फरीदाबाद में मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय के बाहर हुआ प्रदर्शन भी इसी आंदोलन की कड़ी बताया गया। कर्मचारियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं और लिखित आदेश मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा।