पानीपत में AMRUT-1 के काम पर बड़ी कार्रवाई: एजेंसी पर 10 लाख का जुर्माना, ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी

पानीपत में AMRUT-1 के धीमे काम और सुरक्षा लापरवाही पर एजेंसी पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। सात दिन में जवाब मांगा, ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी।

पानीपत में AMRUT-1 के काम पर बड़ी कार्रवाई: एजेंसी पर 10 लाख का जुर्माना, ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी

पानीपत में AMRUT-1 के काम की धीमी रफ्तार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना
सुरक्षा उपकरण और बैरिकेडिंग में लापरवाही पर एजेंसी को नोटिस
सात दिन में जवाब नहीं मिला तो ब्लैकलिस्टिंग और डिबारमेंट की कार्रवाई होगी


पानीपत। नगर निगम पानीपत में चल रहे AMRUT-1 के तहत जलापूर्ति, सीवरेज और ध्वस्त सड़कों की बहाली से जुड़े काम की धीमी प्रगति और सुरक्षा मानकों में कथित लापरवाही को लेकर संबंधित एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और अब उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह नोटिस 4 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। इसमें एजेंसी से काम की धीमी रफ्तार, सुरक्षा उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं करने और कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग नहीं होने को लेकर जवाब मांगा गया है।

काम की धीमी रफ्तार पर लगाया 10 लाख रुपये का जुर्माना

नोटिस में कहा गया है कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद काम की गति में कोई संतोषजनक सुधार नहीं हुआ। काम में लगातार देरी के कारण आम जनता को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

इसी देरी और सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कमी को देखते हुए एजेंसी पर 10,00,000 रुपये यानी दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह जुर्माना अनुबंध के नियमों और शर्तों के अनुसार लगाया गया है।

सुरक्षा उपकरण नहीं देने और बैरिकेडिंग न करने का आरोप

नोटिस में साइट निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, काम में लगे कर्मचारियों को उचित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने में लापरवाही बरती गई।

इसके अलावा, काम के दौरान साइट पर बैरिकेडिंग भी नहीं की गई। नोटिस जारी करने वाले कार्यालय ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए कहा है कि इससे वहां तैनात कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

नोटिस में इसे लागू वैधानिक सुरक्षा प्रावधानों के उल्लंघन के रूप में भी दर्ज किया गया है।

दो गंभीर कमियों को बताया अनुबंध का उल्लंघन

जारी नोटिस में एजेंसी की दो प्रमुख कमियों को गंभीरता से लिया गया है। इनमें पहला मामला पूर्व सूचना और जुर्माना लगाए जाने के बावजूद काम की लगातार धीमी प्रगति का है।

दूसरा मामला कार्यस्थल पर कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं करने से जुड़ा है।

नोटिस के मुताबिक, ये दोनों कार्य एजेंसी की ओर से अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन माने गए हैं। साथ ही, इसे एजेंसी की ठेकेदार के रूप में कार्यक्षमता और आचरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताया गया है।

भविष्य के टेंडर और काम से बाहर करने की तैयारी

कार्रवाई केवल जुर्माने तक सीमित नहीं है। एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि उसे नगर निगम पानीपत के भविष्य के टेंडर और कार्यों में हिस्सा लेने से ब्लैकलिस्ट या डिबार क्यों न किया जाए।

नोटिस में कहा गया है कि अनुबंध की शर्तों और लागू नियमों के अनुसार एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकती है। यानी जवाब संतोषजनक नहीं होने की स्थिति में एजेंसी के खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।

सात दिन में देना होगा लिखित जवाब

संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर लिखित जवाब या स्पष्टीकरण जमा करने का निर्देश दिया गया है।

नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर जवाब नहीं मिला या एजेंसी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो कार्यालय को एजेंसी की ब्लैकलिस्टिंग या डिबारमेंट की कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

फिलहाल नोटिस के जरिए एजेंसी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। आगे की कार्रवाई उसके जवाब और संबंधित नियमों के आधार पर तय होगी।