प्रॉपर्टी डीलर ह*त्या के बाद सड़क जाम,परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की

सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद हत्याकांड में परिजनों और ग्रामीणों ने दिल्ली के नरेला में सड़क जाम कर आरोपियों के एनकाउंटर और न्याय की मांग की

प्रॉपर्टी डीलर ह*त्या के बाद सड़क जाम,परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की

प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद हत्याकांड में परिजन और ग्रामीण दिल्ली के नरेला में धरने पर बैठे

कुंडली-सिंघु रोड जाम कर आरोपियों के एनकाउंटर की मांग, रोहिणी DCP ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

नाहरी गांव के प्रमोद की गुरुवार को नरेला में जिम के बाहर गोलियां मारकर हत्या की गई थी

सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद (40) हत्याकांड में परिजन और ग्रामीण दिल्ली के नरेला में धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर कुंडली-सिंघु रोड जाम कर दी। गांव की सैकड़ों महिलाएं भी ट्रैक्टर-ट्राली से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और मौके पर दिल्ली पुलिस के कई जवान तैनात किए गए। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होगा, वे शव नहीं लेंगे।

परिवार से बात करने के लिए दिल्ली के रोहिणी DCP शशांक जायसवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रमोद के बड़े भाई विनोद को गले लगाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। धरने के दौरान ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया।

भाई विनोद बोले- हमें बस न्याय दे दो

प्रमोद के बड़े भाई विनोद ने रोते हुए कहा कि देश में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही गरीब के बच्चों को न्याय दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि नाहरी गांव के बेटे का घर उजड़ गया, हमें बस न्याय दे दो। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होगा, वे शव नहीं लेंगे।

प्रमोद की हत्या के बाद उनके घर पर भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच रहे हैं। भाई विनोद ने कहा कि हरियाणा में अपराध का ग्राफ बहुत ऊपर चला गया है और अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसा मॉडल चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे सिंगर अंकित बालियान के हत्यारों का एनकाउंटर हुआ, वैसे ही प्रमोद के हत्यारों का एनकाउंटर होना चाहिए।

गुरुवार को जिम के बाहर गोलियों से की गई थी हत्या

गुरुवार को सोनीपत के नाहरी गांव निवासी प्रमोद की दिल्ली के नरेला में जिम के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों के अनुसार, प्रमोद ने अपनी डिफेंडर और एंडेवर कार को मोडिफाई कराकर बुलेटफ्रूफ करवाया था।

प्रमोद अपने पार्टनर पवन के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे थे। दोनों करीब 2 साल से नरेला में एक साथ सुबह जिम जाते थे। गुरुवार सुबह 6:38 बजे दोनों अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से घर से निकले थे। गांव नाहरी से करीब 3 किलोमीटर दूर बाकनेर स्थित जिम पर वे सुबह ठीक 7:00 बजे पहुंचे।

गन गाड़ी में छोड़कर जिम के अंदर जा रहे थे प्रमोद

बताया गया कि प्रमोद अमूमन अपनी लाइसेंसी गन साथ रखते थे, लेकिन जिम के अंदर जाने के कारण गन गाड़ी में ही छोड़ दी। जैसे ही वे जिम के गेट पर पहुंचे, प्रमोद के मोबाइल पर कोई मैसेज या कॉल आया। वे फोन देखने के लिए धीमे हो गए और जेब से मोबाइल निकालने लगे।

इसी दौरान उनके पार्टनर पवन तीन-चार कदम आगे निकल गए। तभी घात लगाए बैठे दो शूटरों ने प्रमोद को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों बदमाशों ने अपने दोनों हाथों में पिस्टल ले रखी थी।

तीन साल पहले फिरौती के लिए मिली थी धमकी

परिजनों का कहना है कि प्रमोद को करीब 3 साल पहले एक नामी गैंगस्टर से फिरौती के लिए धमकी भरा कॉल आया था। उस दौरान कुंडली थाना पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और प्रमोद को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।

कंडक्टर से प्रॉपर्टी डीलर बनने तक का सफर

सोनीपत के नाहरी गांव के रहने वाले प्रमोद के पिता डिफेंस में नौकरी करते थे। उनकी 75 वर्षीय मां साबो देवी रोते हुए कहती हैं कि प्रमोद नौवीं में पढ़ता था, जब उसके बाब्बू यानी पिता का निधन हो गया था। इसके बाद बड़े बेटे विनोद को नौकरी मिली, जिससे घर का चूल्हा चला।

मां साबो देवी ने बताया कि प्रमोद ने 12वीं करने के बाद परिवार की मदद के लिए प्राइवेट बस में कंडक्टर की नौकरी शुरू की। इसके बाद उसने ठेके पर बस ली और दिल्ली में बसें चलाईं। कुछ समय बाद उसने डिफेंस में कांट्रेक्ट बेस पर ड्राइवर की नौकरी भी की।

साबो देवी के अनुसार, करीब 15 साल पहले प्रमोद ने नौकरी छोड़कर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था। इसके दम पर उन्होंने गांव में एक आलीशान मकान, ऑफिस और 'मुकुल' नाम से एक मैरिज हॉल बनाया।

प्रमोद चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। एक बहन है, जिनकी शादी हो चुकी है। उनकी शादी करीब 15 साल पहले हुई थी और उनके 2 बच्चे भी हैं।

धरने पर बैठे ग्रामीणों ने पुलिस की मौजूदगी पर भी उठाया सवाल

धरने पर बैठे ग्रामीणों ने DCP शशांक जायसवाल से कहा कि पुलिस उनके सिर पर लाठियां लेकर खड़ी है। इस पर DCP ने तुरंत पुलिसवालों को पीछे हटने का आदेश दिया।

प्रदर्शन के दौरान गांव की महिलाएं भी सड़क पर बैठी रहीं। हंगामे के दौरान एक महिला बेहोश हो गई। प्रदर्शन स्थल पर पुलिसकर्मी तैनात रहे और रोहिणी DCP सड़क पर बैठकर ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत करते नजर आए।