एक घंटे में 27 कॉल,हिसार बिजनेसमैन की मौ*त के बाद परिवार ने मांगा इंसाफ

हिसार में बिजनेसमैन हैप्पी चोपड़ा की आत्महत्या के बाद परिवार ने शव लेने से इनकार किया। फाइनेंसरों की 27 कॉल और कर्ज विवाद की जांच जारी है।

एक घंटे में 27 कॉल,हिसार बिजनेसमैन की मौ*त के बाद परिवार ने मांगा इंसाफ

हिसार के बिजनेसमैन के परिवार ने शव लेने से किया इनकार, पत्नी ने इंसाफ की मांग की
फाइनेंसरों ने एक घंटे में 27 बार कॉल की, सुसाइड से पहले 3 मिनट 40 सेकंड हुई बात
परिवार का आरोप-20 लाख के बजाय 25 लाख चुकाने का दबाव, पुलिस ने जांच शुरू की

हिसार में खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के मालिक हैप्पी चोपड़ा (38) की आत्महत्या के मामले में परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है। शव को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पत्नी प्रीति चोपड़ा ने कहा कि परिवार को इंसाफ चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनका परिवार उजड़ गया, वैसे ही फाइनेंस करने वालों का परिवार भी उजड़े।

परिवार का आरोप है कि हैप्पी चोपड़ा पर फाइनेंसर की ओर से 25 लाख रुपए का कर्ज एकमुश्त चुकाने का दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक, फाइनेंसर ग्राहकों को उनका घर दिखाने के लिए लाता था और कहता था कि वह यह घर बिकवाएगा। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को उठवाने की धमकी दी गई थी।

वीरवार को हैप्पी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मारकर घर में आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद सामने आई मोबाइल कॉल डिटेल ने मामले को और गंभीर बना दिया है। डिटेल के मुताबिक, फाइनेंसरों की ओर से करीब एक घंटे में 27 बार कॉल की गई।

सुसाइड से पहले फाइनेंसर से 3 मिनट 40 सेकंड हुई बात

दैनिक भास्कर के हाथ शोरूम संचालक हैप्पी चोपड़ा उर्फ प्रवीण के मोबाइल की डिटेल लगी है। इसमें सामने आया कि फाइनेंसरों ने करीब 12 बजे से एक बजे तक 27 बार कॉल की थी।

सुसाइड से पहले करीब दोपहर 12:23 बजे हैप्पी की फाइनेंसर से 3 मिनट 40 सेकंड तक बात भी हुई। इसके बाद भी फाइनेंसर लगातार फोन करते रहे। कॉल डिटेल के मुताबिक, 12:59 बजे फाइनेंसरों ने आखिरी कॉल की, जिसे हैप्पी ने नहीं उठाया। इसके करीब 10 मिनट बाद उन्होंने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

परिवार का कहना है कि लगातार फोन और पैसों को लेकर बनाए जा रहे दबाव के कारण हैप्पी मानसिक रूप से परेशान थे। अब पुलिस इस कॉल डिटेल और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच का हिस्सा बना रही है।

40 लाख रुपए ब्याज पर लिए थे, करीब 20 लाख रुपए बाकी थे

हैप्पी चोपड़ा 12 क्वार्टर रोड के रहने वाले थे और इसी इलाके में उनका खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम था। उनके छोटे भाई चरणजीत चोपड़ा ने बताया कि हैप्पी ने करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रॉनिक सामान का शोरूम शुरू किया था।

परिजनों के मुताबिक, शोरूम की ऊपर वाली मंजिल बनवाने के लिए हैप्पी ने करीब 10 साल पहले फाइनेंसर सुरेश से 40 लाख रुपए ब्याज पर लिए थे। इनमें करीब 20 लाख रुपए का कर्ज बाकी था। हैप्पी हर महीने करीब 50 हजार रुपए ब्याज के तौर पर देते थे।

परिवार का आरोप है कि अब फाइनेंसर पैसे को प्रॉपर्टी में लगाना चाहते थे और पूरी रकम सूद समेत लौटाने का दबाव बनाया जा रहा था। पत्नी के मुताबिक, फाइनेंसर ढाई प्रतिशत के हिसाब से हर महीने 50 हजार रुपए ब्याज वसूल रहा था। पिछले दो महीने से फाइनेंसर पूरा पैसा ब्याज समेत मांग रहे थे और इसके लिए बार-बार फोन किया जा रहा था।

एक सितंबर को पूरी पेमेंट देने को तैयार थे हैप्पी

हैप्पी के छोटे भाई चरणजीत ने बताया कि एक सितंबर को पूरी पेमेंट देने के लिए हैप्पी तैयार हो गए थे। हालांकि, इसके बाद फाइनेंसर सुरेंद्र और उसके भतीजे घोलू की ओर से 20 लाख रुपए की जगह 25 लाख रुपए की मांग की जाने लगी।

परिजनों का कहना है कि रकम बढ़ाने के बाद हैप्पी पर दबाव और बढ़ गया। इसी दौरान फाइनेंसरों की ओर से लगातार फोन किए जाने और घर आने का सिलसिला भी जारी रहा।

दो दिन से घर आ रहे थे फाइनेंसर

परिवार के अनुसार, फाइनेंसर सुरेश ने अचानक 20 लाख रुपए के बजाय 25 लाख रुपए मांगने शुरू कर दिए। सुरेश के भतीजे गोलू और सोनू एक दिन पहले शाम को और वीरवार सुबह भी हैप्पी के पास आए थे।

भाई चरणजीत का कहना है कि रकम को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इससे हैप्पी मानसिक रूप से परेशान थे। परिवार का आरोप है कि फाइनेंसर ग्राहकों को उनका घर दिखाकर उसे बिकवाने की बात करता था। बच्चों को उठवाने की धमकी दिए जाने का आरोप भी परिवार ने लगाया है।

भाई के साथ बेडरूम में बैठे थे हैप्पी

घटना के समय हैप्पी अपने भाई चरणजीत के साथ घर के ऊपर वाले फ्लोर पर बेडरूम में बैठे थे। चरणजीत ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब एक बजे के आसपास दोनों भाई बेडरूम में बैठे हुए थे।

इसी दौरान हैप्पी ने कहा कि घर की बेल बजी है और लगता है कि फाइनेंसर पैसे लेने आया है। इसके बाद चरणजीत बाहर दरवाजा खोलने के लिए चले गए।

दरवाजा खोलने गए भाई, अंदर से आई गोली चलने की आवाज

चरणजीत के अनुसार, जब वह बाहर दरवाजा खोलने के लिए गए, तभी अंदर से गोली चलने की आवाज आई। वह तुरंत अंदर पहुंचे तो हैप्पी जमीन पर पड़े थे। परिवार के मुताबिक, उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी

घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। अब परिजन मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पत्नी और दो बेटों को पीछे छोड़ गए हैप्पी

हैप्पी चोपड़ा अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके दोनों बच्चों की उम्र करीब 12 और 16 वर्ष है। परिवार का कहना है कि हैप्पी पर जिस तरह से आर्थिक दबाव बनाया जा रहा था, उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

मृतक के परिवार ने इसी मांग को लेकर शव लेने से मना कर दिया है। शव को फिलहाल अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।

पुलिस बोली- भाई की शिकायत पर जांच जारी

मामले में एचटीएम थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और परिजनों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी फाइनेंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

हिसार के इस मामले में अब सबसे अहम सवाल फाइनेंसरों की ओर से की गई लगातार कॉल, कर्ज की रकम को लेकर हुए विवाद और परिवार की ओर से लगाए गए दबाव के आरोपों से जुड़ा है। एक घंटे में 27 कॉल और सुसाइड से पहले हुई 3 मिनट 40 सेकंड की बातचीत जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। परिवार का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।