एशियन गेम्स 2026: भारतीय शूटिंग टीम में झज्जर की दो बेटियां, मनु भाकर और सुरुचि फोगाट जापान में साधेंगी निशाना

झज्जर की मनु भाकर और सुरुचि फोगाट एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय शूटिंग टीम में चुनी गईं। दोनों ने झाड़ली अकादमी में निशानेबाजी सीखी।

एशियन गेम्स 2026: भारतीय शूटिंग टीम में झज्जर की दो बेटियां, मनु भाकर और सुरुचि फोगाट जापान में साधेंगी निशाना

मनु भाकर और सुरुचि फोगाट एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय शूटिंग दल में चयनित
झज्जर के गोरिया और सासरौली गांव की दोनों निशानेबाज जापान में दिखाएंगी दम
दोनों ने झाड़ली शूटिंग अकादमी में कोच अनिल जाखड़ से सीखी थी निशानेबाजी की शुरुआती बारीकियां


झज्जर के लिए 20वें एशियाई खेल 2026 से पहले गर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। जिले की दो अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज ओलिंपिक पदक विजेता मनु भाकर और उभरती स्टार शूटर सुरुचि फोगाट को जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय शूटिंग दल में जगह मिली है। दोनों खिलाड़ी एशियाई खेलों के महाकुंभ में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी और अपनी सधी हुई निशानेबाजी का हुनर दिखाएंगी।

19 सितंबर से आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेल 2026 में एक ही जिले की दो प्रतिभाओं का भारतीय शूटिंग टीम में चयन होना झज्जर के साथ-साथ हरियाणा और देश के लिए गौरव का विषय है। दोनों निशानेबाजों की इस सफलता से उनके परिवारों, कोचों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।

गोरिया और सासरौली से जापान तक पहुंचा निशानेबाजी का सफर

मनु भाकर झज्जर जिले के गांव गोरिया की रहने वाली हैं, जबकि सुरुचि फोगाट गांव सासरौली की निवासी हैं। दोनों खिलाड़ियों के गांवों के बीच करीब 10 किलोमीटर की दूरी है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर दोनों ने निशानेबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।

झज्जर की धरती से निकली इन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि दोनों ने अपने शूटिंग करियर की शुरुआती बारीकियां गांव झाड़ली स्थित शूटिंग अकादमी से सीखी थीं। यानी जिस जिले के गांवों से दोनों का संबंध है, उसी क्षेत्र में मिले शुरुआती प्रशिक्षण ने उनके सफर की मजबूत नींव तैयार की।

झाड़ली शूटिंग अकादमी में मजबूत हुई दोनों निशानेबाजों की नींव

मनु भाकर और सुरुचि फोगाट की सफलता के पीछे एक अनोखा संयोग भी जुड़ा है। दोनों खिलाड़ियों ने शूटिंग करियर की शुरुआत में झाड़ली शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण लिया था। भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जवान और शूटिंग कोच अनिल जाखड़ ने अपने अनुशासन और मार्गदर्शन से दोनों प्रतिभाओं की शुरुआती नींव मजबूत की।

गांव की मिट्टी से जुड़ी इस अकादमी में बेसिक प्रशिक्षण लेने के बाद दोनों शूटरों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अब दोनों का चयन भारतीय शूटिंग दल में होना झाड़ली अकादमी और झज्जर के लिए भी बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

सुरुचि फोगाट पर व्यक्तिगत और टीम वर्ग में पदक की उम्मीद

गांव सासरौली की रहने वाली सुरुचि फोगाट राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। वह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में अपनी सटीक निशानेबाजी के लिए जानी जाती हैं।

हालिया राष्ट्रीय चयन ट्रायल्स में उत्कृष्ट अंक हासिल कर सुरुचि ने एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान पक्का किया है। उनके प्रदर्शन को देखते हुए विशेषज्ञों को इस बार एशियन गेम्स में उनसे व्यक्तिगत और टीम वर्ग में पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।

सुरुचि का भारतीय दल में चयन झज्जर की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के बाद अब उनके सामने एशियाई खेलों के बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका होगा।

ओलिंपिक में दो कांस्य जीत चुकी हैं मनु भाकर

गांव गोरिया की रहने वाली मनु भाकर भारतीय निशानेबाजी की शीर्ष महिला पिस्टल शूटरों में शामिल हैं। उन्होंने ओलिंपिक खेलों में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा है।

मनु भाकर इससे पहले राष्ट्रमंडल खेल, आइएसएसएफ विश्व कप और एशियाई खेलों में स्वर्ण सहित अन्य पदक जीतकर वैश्विक पटल पर भारत की पहचान बना चुकी हैं। उनके अनुभव और उपलब्धियों को देखते हुए आगामी एशियाई खेलों में भी उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

एशियाई खेलों में मनु भाकर 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धाओं में पदक की मजबूत दावेदार होंगी। जापान में होने वाले इन खेलों में उनकी मौजूदगी भारतीय शूटिंग दल के लिए अहम मानी जा रही है।

झज्जर के लिए गर्व का ऐतिहासिक पल

मनु भाकर और सुरुचि फोगाट का एक ही जिले से निकलकर भारतीय शूटिंग दल में शामिल होना झज्जर की खेल प्रतिभा की तस्वीर पेश करता है। गोरिया और सासरौली जैसे गांवों से निकली इन दोनों निशानेबाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

एक ओर मनु भाकर ओलिंपिक के दो कांस्य पदकों के साथ भारतीय निशानेबाजी की स्थापित स्टार हैं, वहीं दूसरी ओर सुरुचि फोगाट राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नई पहचान बना रही हैं। अब दोनों की निगाहें जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेल 2026 पर रहेंगी, जहां वे भारतीय शूटिंग दल के साथ देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य से उतरेंगी।