स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा से कथित गैंगरेप, राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली-एनसीआर में 16 वर्षीय छात्रा से स्लीपर बस में कथित गैंगरेप मामले पर राहुल गांधी ने केंद्र और दिल्ली-यूपी सरकारों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
➤ राहुल गांधी ने 16 वर्षीय छात्रा से कथित गैंगरेप मामले पर केंद्र और दिल्ली-यूपी सरकारों को घेरा
➤ ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक वारदात का आरोप
➤ दिल्ली पुलिस ने बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया, बस जब्त कर फोरेंसिक जांच जारी
नई दिल्ली। 16 वर्षीय छात्रा से स्लीपर बस में कथित गैंगरेप के मामले को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार गंभीर घटनाएं सामने आने के बावजूद पुलिस और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर प्रभावी तरीके से अमल क्यों नहीं हो रहा है।
मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा जा रही 16 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया कि 4 अगस्त की रात स्लीपर बस में उसके साथ गैंगरेप किया गया। पुलिस के मुताबिक, छात्रा को कथित आरोपियों ने दिल्ली के रिंग रोड के पास छोड़ दिया था। इसके बाद वह कश्मीरी गेट आईएसबीटी थाने पहुंची और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
राहुल गांधी ने 47 किलोमीटर तक वारदात पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो गया है कि एक नाबालिग लड़की के साथ ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक 47 किलोमीटर की यात्रा के दौरान स्लीपर बस में कथित गैंगरेप हुआ।
उन्होंने सवाल उठाया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और सीमा से होकर बस गुजरती रही, लेकिन किसी भी चेकपॉइंट पर उसे रोका नहीं गया। राहुल गांधी ने इसे महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस निगरानी व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया।
बस में पर्दे लगे होने पर भी उठे सवाल
राहुल गांधी ने स्लीपर बसों में लगे पर्दों को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि बस की सीटों के आसपास पर्दे लगे होने के कारण अंदर क्या हो रहा था, यह बाहर से दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने कहा कि घटना ने बसों की जांच और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल किया कि 2012 के निर्भया कांड के इतने वर्षों बाद भी ऐसी बसों की जांच और निगरानी से जुड़े नियम प्रभावी ढंग से लागू क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए।
भारी बारिश और अंधेरे के बीच बस में सवार हुई थी छात्रा
पुलिस के अनुसार, छात्रा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा में अपने एक रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकली थी। भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास उतरी और वहां से स्लीपर बस में सवार हुई।
पुलिस के मुताबिक, कथित वारदात परी चौक, ग्रेटर नोएडा और सेक्टर-63, नोएडा के बीच हुई। बाद में छात्रा को दिल्ली में कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास छोड़ दिया गया।
पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया और छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस को ट्रेस किया। इसके बाद बस के ड्राइवर और कंडक्टर को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने संबंधित स्लीपर बस को जब्त कर लिया है और उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। उत्तर जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि पूछताछ में छात्रा के मैनपुरी से नोएडा आने और घटना के स्थान से जुड़ी जानकारी सामने आई।
छात्रा को बाल कल्याण समिति के सामने किया गया पेश
पुलिस के अनुसार, छात्रा को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया। समिति के निर्देश के बाद उसे उसके पिता को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी लिया संज्ञान
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। इससे मामले की गंभीरता और इसमें प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवालों को और महत्व मिला है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है। उनका सवाल है कि आखिर महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था में कब ठोस बदलाव किए जाएंगे।
Akhil Mahajan