हरियाणा विधानसभा में ‘पप्पू’ बयान पर बवाल, हुड्‌डा ने वंदे मातरम का दिया जवाब

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरु रविदास जयंती, वंदे मातरम, सफाईकर्मियों और जातीय टिप्पणी को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ।

हरियाणा विधानसभा में ‘पप्पू’ बयान पर बवाल, हुड्‌डा ने वंदे मातरम का दिया जवाब

➤ गुरु रविदास जयंती के सरकारी संकल्प पर हरियाणा विधानसभा में जोरदार हंगामा

➤ रामकुमार गौतम की ‘पप्पू’ टिप्पणी पर हुड्‌डा ने जताई आपत्ति, कार्यवाही से हटाने की मांग

➤ गीता भुक्कल की टिप्पणी पर भाजपा ने मांगी माफी, सदन में आमने-सामने आए विधायक


पंचकूला। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही के दौरान कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने दिखाई दिए। शून्यकाल के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती को लेकर सरकारी संकल्प पेश किया और यात्रा निकालने की बात कही। इसी दौरान कांग्रेस विधायक बीबी बत्तरा ने कलश यात्रा के लिए बनाई गई कमेटी में कांग्रेस के एससी सांसदों और विधायकों को शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया।

बीबी बत्तरा ने कहा कि कलश यात्रा के लिए बनाई गई कमेटी में 106 लोगों की सूची है, जिसमें सभी भाजपा के सांसद, विधायक और चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपना आचरण देखना चाहिए। समानता गुरु रविदास की प्रमुख शिक्षाओं में से एक थी, लेकिन यहां समानता दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कम से कम कांग्रेस के एससी समाज के सांसदों और विधायकों को ही कमेटी में शामिल कर लिया जाता। बीबी बत्तरा ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त के कार्यक्रम में भी सरकार का ऐसा ही आचरण देखने को मिला था।

इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें इस बात से पीड़ा हो रही है और आंसू आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर के 350वें जयंती वर्ष पर भी सरकार प्रस्ताव लेकर आई थी। उस समय नेता प्रतिपक्ष बैठक में भी आए थे, लेकिन कार्यक्रमों में कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा कि सभी डीसी ने उन्हें कार्यक्रमों में बुलाया था।

रामकुमार गौतम के बयान से भड़का विवाद, हुड्‌डा ने वंदे मातरम पर दिया जवाब

गुरु रविदास जयंती के सरकारी संकल्प पर बहस के दौरान भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आपके पप्पू को वंदे मातरम से क्या तकलीफ है। हुड्‌डा साहब, आप तो देशभक्त परिवार से हैं।”

रामकुमार गौतम की इस टिप्पणी पर सदन में विवाद खड़ा हो गया। भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सदन में वंदे मातरम गाया गया था और कांग्रेस ने उसका साथ दिया। उन्होंने रामकुमार गौतम की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने की मांग की।

कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने भी रामकुमार गौतम के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन में माफी मंगवाई जाए। उन्होंने कहा कि उनके नेता प्रतिपक्ष के बारे में इस तरह नहीं बोला जा सकता।

गीता भुक्कल ने जातीय भेदभाव का मुद्दा उठाया, ‘ब्राह्मण’ शब्द कार्यवाही से हटा

विवाद आगे बढ़ने पर कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने जातीय भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास आडंबरों के खिलाफ थे। उन्होंने समानता और कर्म की बात कही। गीता भुक्कल ने कहा कि उस समय भी जातीय भेदभाव था और आज 650 साल बाद भी समाज इसे झेल रहा है

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से ऊंचा या नीचा नहीं होता। एससी समाज में पैदा हुआ व्यक्ति भी बड़े पदों तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसके बाद गीता भुक्कल के बयान में इस्तेमाल किया गया “ब्राह्मण” शब्द कार्यवाही से हटा दिया गया।

एक अन्य बयान में गीता भुक्कल ने कहा कि ब्राह्मण समाज में रामकुमार गौतम जैसा व्यक्ति पैदा हो सकता है, जो हर समय समाज में जातीय जहर घोलता रहता है। उनके बयान में इस्तेमाल किया गया “ब्राह्मण” शब्द बाद में कार्यवाही से हटा दिया गया। इसके साथ ही भाजपा विधायक गीता भुक्कल से माफी मंगवाने पर अड़ गए। इसके बाद कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने खड़े होकर कहा, “मैं क्षमा मांगता हूं।”

बाद में अशोक अरोड़ा ने कहा कि अगर किसी की भावना आहत हुई है तो कांग्रेस क्षमा मांगती है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समुदाय उनके लिए पूजनीय है। गीता भुक्कल का आशय सिर्फ इतना था कि किसी भी समाज में महान व्यक्ति पैदा हो सकता है।

संतों की जयंती को लेकर सरकार और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप

हंगामे के बीच मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संतों की जयंती मनाने के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। उन्होंने कहा कि संतों और बुजुर्गों की मांग पर सरकार ने सभी संतों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने का फैसला किया था।

कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि मनोहर लाल के सामने प्रस्ताव रखते ही एक मिनट में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 30 जून को वाराणसी में 27 राज्यों के प्रतिनिधि आए थे और अब यह कार्यक्रम हर प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह चुनावी राजनीति का विषय नहीं है।

वहीं अरविंद शर्मा और मुकेश शर्मा ने गीता भुक्कल की टिप्पणी पर माफी की मांग की। अरविंद शर्मा ने कहा कि छोटी सोच के लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, जबकि यह सरकार बड़ी सोच के साथ बनी है। उन्होंने कहा, “शर्म आनी चाहिए।”

मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि वे महापुरुषों की सदैव पूजा करते हैं। विपक्ष के साथियों को भी ध्यान रखना चाहिए कि कौन लोग क्या करते हैं और ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी से बचना चाहिए। हम किसी के सर्टिफिकेट देने से नहीं, भावना से काम कर रहे हैं।

सफाईकर्मियों के मुद्दे पर भी सदन में हंगामा, बेदी के बयान पर हुड्‌डा ने जताई आपत्ति

प्रश्नकाल के दौरान मंत्री विपुल गोयल पटवारियों और सफाईकर्मियों की हड़ताल पर बोलने लगे। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा, “आपको सफाईकर्मियों से हमदर्दी नहीं है। आप प्रदेश का वातावरण खराब कर रहे हैं। ये लोग राजनीतिक करना चाहते हैं, इन्हें मैं छोडूंगा नहीं।”

इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा कि बेदी ने कहा कि तुम्हें छोड़ूंगा नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उन्हें धमकी दी जा रही है।

सफाईकर्मियों के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल बोलने लगीं तो मंत्री विपुल गोयल ने सवाल उठाए। इसके बाद भुक्कल ने कहा कि पूरे समाज का ठेका कृष्ण बेदी नहीं ले सकते।

बिमला चौधरी ने कांग्रेस विधायकों के बार-बार खड़े होने पर कसा तंज

शून्यकाल के दौरान भाजपा विधायक बिमला चौधरी अपने क्षेत्र की समस्याएं बता रही थीं। इसी दौरान कांग्रेस विधायक बोलने लगे। इस पर बिमला चौधरी ने कहा, “ये फोटो खिंचवाने के लिए बार-बार हो-हो करने लगते हैं। इनकी कुर्सियां भी चेक कराई जाएं कि इनसे बैठा क्यों नहीं जाता।”

उन्होंने कहा कि नौजवान विधायक जल्दी उठ जाते हैं। बात रखने का अधिकार सबका है, लेकिन थोड़ा शोर कम मचाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इनकी फोटो एक ही लिया करो।”

सफाईकर्मियों के मुद्दे पर आदित्य देवीलाल और महिपाल ढांडा आमने-सामने

इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने शून्यकाल में सफाईकर्मियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पॉलिसी नहीं बनने की बात कर रही है। आदित्य देवीलाल ने कहा कि अगर आप उसी समाज से हैं और पॉलिसी नहीं बना सकते हैं तो इस्तीफा दे दीजिए। फिर यहां क्यों बैठे हैं?

इस पर मंत्री महिपाल ढांडा खड़े हुए। उन्होंने कहा कि पहले भी सदस्य इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। मुख्यमंत्री के लिए भी टिप्पणी की गई है, लेकिन यह बर्दाश्त से बाहर की बात है।

महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार इनेलो की भी रही है और उन्होंने जिस तरह के पाप बोए हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब इन्हें मौका मिला था तो इन्होंने अपने हलके में डंडा दे रखा था।

इसके बाद आदित्य देवीलाल और महिपाल ढांडा आमने-सामने हो गए। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने दोनों को शांत कराया।

पूजा चौधरी ने कहा- हमारी जाति का नाम बदलकर मेघवाल न किया जाए

शून्यकाल में मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी ने संत रविदास से जुड़े मुद्दे पर कहा कि हम संत रविदास जी को मानने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि हमारी जाति का नाम बदलकर मेघवाल न किया जाए। हमारी ऐसी कोई मांग नहीं है।

इस पर मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ऐसा नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री इस बात से मना कर चुके हैं।

नरेश सेलवाल ने हिसार को राजधानी और हाईकोर्ट बनाने की मांग उठाई

कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने शून्यकाल में उकलाना हलके के कुछ गांवों से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों की तहसील खेड़ी चौपटा लगती है। इन चार गांवों को उनकी इच्छा के अनुसार हिसार और हांसी में शामिल किया जाए।

नरेश सेलवाल ने SYL का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि SYL को लेकर हमारे हक में फैसला है। जब मुख्यमंत्री पंजाब जाएं तो वहां के मुख्यमंत्री से हरियाणा के हिस्से का पानी मांगें। उन्होंने हरियाणा की राजधानी और हाईकोर्ट हिसार में बनाए जाने की मांग भी रखी।

जस्सी पेटवाड़ ने नारनौंद में मेडिकल कॉलेज और बिजली घर की मांग उठाई

कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि हांसी नया जिला बन चुका है। इसलिए हांसी और नारनौंद के बीच माजरा प्याऊ गांव में नया मेडिकल कॉलेज बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वहां इसके लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध है।

पेटवाड़ ने बास खुर्द गांव में घरों के ऊपर से गुजर रही पुरानी बिजली की तारों को बदलने और नारनौंद में नया बिजली घर बनाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने नारनौंद में PWD रेस्ट हाउस बनाने की मांग भी रखी।

अरोड़ा ने 2 करोड़ की विधायक ग्रांट में देरी का मुद्दा उठाया

कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि हर विधायक को 2 करोड़ रुपए की ग्रांट मिलती है, लेकिन इसे जारी होने में 6 से 8 महीने लग जाते हैं।

उन्होंने कहा कि जिस तरह सांसदों के लिए एडीसी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, उसी तरह विधायकों के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी आए।

इस पर मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि पिछले हफ्ते ही इस पर चर्चा हुई है। एसओपी बनाने पर मंथन चल रहा है और जल्द ही नीति आएगी।

मुख्यमंत्री बोले- आने वाले समय में डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी

नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि डॉक्टरों के खाली पद नहीं भरे गए हैं।

इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहले डॉक्टर नहीं मिलते थे, लेकिन अब डॉक्टर मिलने शुरू हो गए हैं। उन्होंने माना कि डॉक्टरों की कमी है और जितने डॉक्टर उपलब्ध होते हैं, उन्हें जॉइन करवा लिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर साल डॉक्टरों का बैच आएगा, जिससे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि 17 जिलों में मेडिकल कॉलेजों पर काम चल रहा है।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गुरुग्राम से मुंबई जाने में 25 घंटे लगते थे, लेकिन अब सड़क के जरिए यह सफर अधिकतम 14 घंटे में पूरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूजना चाहिए। इस पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

हरियाणा विनियोग संख्या-3 विधेयक 2026 सदन में पेश

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 सदन में पेश किया।

वहीं गुरु रविदास जयंती पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु रविदास का जन्म ऐसे समय में हुआ, जब देश में छुआछूत का बोलबाला था। उनके मार्ग में अनेक बाधाएं खड़ी की गईं, लेकिन उन्होंने कभी कटुता से जवाब नहीं दिया। उन्होंने अपने सदाचार से इसका उत्तर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास ने कहा था कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। ईमानदारी से किया गया कर्म ही भगवान की पूजा है।

कृष्ण बेदी बोले- विधानसभा हर जाति और धर्म के लोगों की है

कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने कहा कि गुरु रविदास ने गंदी सोच वाले लोगों को समाज के लिए नुकसानदायक बताया था। उन्होंने कहा कि आज समरसता की बात हो रही है, लेकिन दिल्ली में गुरु रविदास मंदिर तोड़ा गया और मल्लिकार्जुन खड़गे के हवन स्थल का शुद्धिकरण कराया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही समानता है।

मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि विधानसभा केवल 90 विधायकों की नहीं, बल्कि हर जाति और धर्म के लोगों की है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास की कल्पनाओं को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में उतारने का काम किया।

सदन में लगातार जारी रहा आरोप-प्रत्यारोप का दौर

मानसून सत्र के आखिरी दिन हरियाणा विधानसभा में गुरु रविदास जयंती के सरकारी संकल्प से शुरू हुआ विवाद कई दूसरे मुद्दों तक पहुंच गया। वंदे मातरम, जातीय टिप्पणी, सफाईकर्मियों की हड़ताल, विधायक ग्रांट, स्वास्थ्य सेवाओं, गांवों की प्रशासनिक सीमाओं, SYL के पानी और हिसार को राजधानी व हाईकोर्ट बनाए जाने की मांग जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

कई मौकों पर सदन का माहौल इतना गरमा गया कि विधायक एक-दूसरे के सामने खड़े हो गए। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण को हस्तक्षेप कर सदस्यों को शांत कराना पड़ा। गुरु रविदास की समानता, कर्म और सदाचार की शिक्षाओं को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने तर्क सदन में रखे, लेकिन इसी दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और टिप्पणियों ने कार्यवाही को लगातार गरमाए रखा।