हरियाणा में 4 पुलिसकर्मियों ने समय से पहले छोड़ी नौकरी, किसी ने बीपी तो किसी ने परिवार को बताया वजह
सिरसा में चार पुलिसकर्मियों ने समय से पहले वीआरएस लेकर नौकरी छोड़ी। किसी ने बीपी और सोशल मीडिया दबाव तो किसी ने परिवार व गोसेवा को वजह बताया।
सिरसा में 4 पुलिसकर्मियों ने समय से पहले ली वीआरएस
➤ बीपी की दिक्कत और सोशल मीडिया के दबाव को बताया वजह
➤ परिवार को समय देने और गोसेवा के लिए नौकरी छोड़ना उचित समझा
सिरसा जिला पुलिस में चार पुलिसकर्मियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) का विकल्प चुनते हुए समय से पहले पुलिस की नौकरी छोड़ दी। इनमें किसी की करीब डेढ़ साल तो किसी की चार साल तक की सर्विस बाकी थी। इसके बावजूद इन पुलिसकर्मियों ने नौकरी जारी रखने के बजाय अपने परिवार और निजी जिंदगी को समय देना उचित समझा।
वीआरएस लेने वाले पुलिसकर्मियों से जब नौकरी छोड़ने की वजह को लेकर बातचीत की गई तो अलग-अलग कारण सामने आए। किसी ने लंबे समय तक सेवा करने के बाद अब ड्यूटी कर पाना मुश्किल बताया तो किसी ने शुगर-बीपी जैसी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का जिक्र किया। वहीं किसी के बच्चे सैटल हो चुके हैं और किसी ने पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद गोसेवा में जुटने का फैसला लिया।
सिरसा से 31 अगस्त को कुल 8 पुलिसकर्मी रिटायर्ड हुए हैं। इनमें ईएसआई मनोज कुमार, सुशील कुमार, ओम प्रकाश और एसआई जुगलाल आदि शामिल हैं। इनके सम्मान में पुलिस लाइन सिरसा में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां डीएसपी राजेश कुमार ने सेवानिवृत्त और वीआरएस लेने वाले पुलिसकर्मियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
डीएसपी बोले- पुलिस की नौकरी जनसेवा का बेहतरीन माध्यम
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएसपी राजेश कुमार ने पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी जन सेवा का बेहतरीन माध्यम है। पुलिसकर्मी अक्सर घर से दूर रहते हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में नौकरी करने का अवसर मिलता है। इसके चलते वे अपने परिवार को कम समय दे पाते हैं।
डीएसपी ने सेवानिवृत्त और वीआरएस लेने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान का सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान उनके साथ बैठक भी की गई और सेवा पूरी करने या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया।
ओमप्रकाश बोले- बीपी की दिक्कत रहती थी, सोशल मीडिया का भी दबाव
वीआरएस लेने वाले ओमप्रकाश बोलान सिरसा जिले के गोदिकां गांव के रहने वाले हैं। उनकी पुलिस विभाग में जॉइनिंग वर्ष 1989 में कांस्टेबल के पद पर हुई थी। बाद में वह एसआई के पद तक पहुंचे। उनकी करीब 20 साल की सर्विस फतेहाबाद के रतिया, भूना और जाखल में रही। इसके अलावा वह हिसार, हांसी और आदमपुर में भी लंबे समय तक तैनात रहे।
ओमप्रकाश बोलान का करीब एक से डेढ़ माह पहले ही सिरसा पुलिस जिला में ट्रांसफर हुआ था। उस समय उनकी सर्विस का करीब एक से डेढ़ साल समय बाकी था। उनके दो बेटे हैं। इनमें गजेंद्र वीएलडीए हैं, जबकि भीम सिंह प्राइवेट जॉब में हैं।
वीआरएस लेने के सवाल पर ओमप्रकाश ने कहा कि काफी सर्विस हो गई थी और उन्हें बीपी की दिक्कत रहती थी। कहीं जाने पर तबीयत को लेकर परेशानी होने का डर रहता था। उन्होंने आजकल सोशल मीडिया के बढ़ते दबाव का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि आजकल सब कुछ सोशल मीडिया पर चलता है। किसी पर कार्रवाई कर दी जाए तो सवाल उठते हैं और कार्रवाई न की जाए तो भी सवाल उठते हैं। उनके अनुसार ड्यूटी के दौरान ऐसे वाकये भी हुए हैं। उनका कहना था कि सरकार और अफसर भी सोशल मीडिया के दबाव में रहते हैं और गलती न होने पर भी बात का पहाड़ बन जाता है।
मनोज कुमार बोले- बच्चों की शादी और नौकरी के बाद गोसेवा के लिए छोड़ी नौकरी
मनोज कुमार हिसार जिले के गांव चौधरीवास के रहने वाले हैं। वह वर्ष 1991 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। उनकी लगभग पूरी सर्विस सिरसा पुलिस जिले में ही रही। वह अक्सर पुलिस लाइन में तैनात रहते थे। उनके पास अभी करीब साढ़े तीन से चार साल की सर्विस बाकी थी।
मनोज कुमार के तीन बच्चे हैं और तीनों शादीशुदा हैं। उनके दो बेटे हैं और दोनों नौकरी करते हैं। बच्चों की शादी और नौकरी लगने के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी के अगले पड़ाव के लिए अलग फैसला किया।
वीआरएस लेने की वजह पूछे जाने पर मनोज कुमार ने कहा कि उन्होंने तीनों बच्चों की शादी कर दी और बच्चे नौकरी लग गए हैं। वह गौशाला में सेवा करते हैं। इसलिए गोसेवा करने और राम नाम जपने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ना उचित समझा। उन्होंने कहा कि उनकी सर्विस ठीक रही और ऐसा कुछ नहीं था जिसकी वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ी हो।
कमलेश रानी ने पूरी की सर्विस, बोलीं- पुलिस की ड्यूटी में जिम्मेदारी बहुत होती है
रिटायर्ड इंस्पेक्टर कमलेश रानी ने बताया कि उन्होंने अपनी सर्विस पूरी की है। उनकी पोस्टिंग हांसी, डबवाली और सिरसा में रही है। वह महिला थाना इंचार्ज भी रह चुकी हैं।
कमलेश रानी के अनुसार उनकी बेटी पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा शॉप करता है। उन्होंने बताया कि उनका यह एक साल छुट्टियों में बीता है। उन्होंने पुलिस सेवा से मोहभंग वाली बात से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस की ड्यूटी में जिम्मेदारी बहुत होती है।
सिरसा पुलिस में वीआरएस लेने वाले इन कर्मचारियों की वजहें अलग-अलग हैं। किसी ने स्वास्थ्य और बदलते कार्य माहौल को ध्यान में रखा तो किसी ने परिवार की जिम्मेदारियां पूरी होने के बाद अपनी जिंदगी को दूसरे कामों में लगाने का फैसला किया। वहीं पुलिस विभाग की ओर से सेवानिवृत्त और वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनकी सेवाओं को याद किया गया।
Akhil Mahajan