हथिनीकुंड बैराज में स्पेशल फोर्स के 4 जवान डूबे
हथिनीकुंड बैराज में ट्रेनिंग के दौरान सेना की मोटर बोट डूबी। चार जवान पानी में डूबे, तीन तैरकर बाहर निकले और एक जवान की तलाश जारी है।
➤ हथिनीकुंड बैराज में ट्रेनिंग के दौरान सेना की मोटर बोट डूबी
➤ चार जवान गहरे पानी में डूबे, तीन करीब 600 मीटर तैरकर बाहर निकले
➤ एक जवान लापता, सेना और NDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
हरियाणा-हिमाचल सीमा पर स्थित हथिनीकुंड बैराज में मंगलवार शाम बाढ़ बचाव की प्रैक्टिस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यमुना नदी में अभ्यास के दौरान सेना की मोटर बोट अचानक डूब गई, जिससे उसमें सवार चार जवान गहरे पानी में डूबने लगे। तेज बहाव के बीच तीन जवान किसी तरह करीब 600 मीटर तैरकर पश्चिमी यमुना नहर (WJC) के गेट से बाहर निकल आए, जबकि एक जवान अभी लापता है।
लापता जवान की तलाश के लिए सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हादसे के बाद सेना के करीब 10 जवानों ने रस्सी के सहारे पानी में डूबी मोटर बोट को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही हरियाणा के साथ उत्तर प्रदेश की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए NDRF की टीम को भी बुलाया है।
हालांकि, हादसे को लेकर अभी सेना की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
30 अगस्त से चल रही थी स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग
प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश सिंह ने बताया कि 30 अगस्त से हथिनीकुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग चल रही थी। मंगलवार को ट्रेनिंग का आखिरी दिन था। इसी दौरान हादसे की सूचना मिली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम करीब 5 बजे यमुना की अप स्ट्रीम में कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड बैराज से कुछ पहले जवानों का अभ्यास चल रहा था।
हेलिकॉप्टर से एक-एक करके मोटर बोट में कूदे जवान
बताया जा रहा है कि अभ्यास के दौरान हेलिकॉप्टर से जवानों ने नदी में खड़ी मोटर बोट में एक-एक करके छलांग लगाई। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद अचानक मोटर बोट स्टार्ट नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि मोटर बोट में किसी टेक्निकल फॉल्ट की वजह से यह समस्या आई। देखते ही देखते बोट डूबने लगी। इसी दौरान हेलिकॉप्टर भी वहां से जा चुका था। इसके बाद जवानों को मजबूरन पानी में उतरना पड़ा।
उस समय यमुना में पानी का बहाव काफी तेज था। इससे एक दिन पहले ही हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 26 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था।
तीन जवानों ने WJC के गेट की तरफ तैरकर बचाई जान
मोटर बोट के डूबने के बाद तीन जवान पश्चिमी यमुना नहर (WJC) की तरफ तैरने लगे। बताया गया कि यमुना से करीब 14 हजार 500 क्यूसेक पानी डब्ल्यूजेसी नहर में छोड़ा जा रहा है। तेज बहाव के बीच जवानों ने इसी दिशा में निकलने की कोशिश की।
तीनों जवान करीब 600 मीटर तैरकर नहर के खुले गेट से बाहर निकलने में सफल रहे। इसके बाद एक जवान के काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
एक जवान के लापता होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
तीन जवानों के बाहर निकलने के बाद जब एक अन्य जवान का पता नहीं चला तो सेना ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अभ्यास में शामिल जवानों को लाइफ जैकेट और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाते हैं।
सेना इस तरह के अभ्यास को आमतौर पर नागरिकों से गोपनीय रखती है। हादसे के बाद आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में WJC के पास जमा हो गए।
हादसे वाली जगह के पास बना है एक टापू
जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां से पहाड़ों से निकलने वाली यमुना नदी कलेसर के पास मैदान में उतरती है। हादसे की जगह कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड बैराज से कुछ पहले बताई गई है।
इस स्थान के पास एक टापू भी बना हुआ है। हालांकि, उस तरफ पानी का बहाव कम बताया जा रहा है।
रेस्क्यू के लिए WJC का पानी रोकने की तैयारी
लापता जवान की तलाश में रेस्क्यू अभियान को आसान बनाने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के गेट बंद कर पानी की सप्लाई रोकने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
सेना के अलावा प्रशासन ने NDRF की टीम को भी राहत और बचाव कार्य में मदद के लिए बुलाया है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और हरियाणा के प्रतापनगर की पुलिस भी मौके पर मौजूद है।
एक महीने पहले भी चिनूक हेलिकॉप्टर से हुआ था अभ्यास
हथिनीकुंड बैराज पर बाढ़ से बचाव के लिए सेना की ओर से समय-समय पर अभ्यास किया जाता है। करीब एक महीने पहले भी यहां चिनूक हेलिकॉप्टर के साथ बाढ़ बचाव की प्रैक्टिस की गई थी।
उस दौरान हेलिकॉप्टर से जवानों ने यमुना नदी में छलांग लगाई थी। करीब एक घंटे तक 16 जवानों ने अभ्यास किया था। इस दौरान चिनूक हेलिकॉप्टर यमुना नदी के ऊपर ही घूमता रहा था।
हादसे के बाद मौके पर बढ़ाई गई निगरानी
मंगलवार शाम हुए हादसे के बाद हथिनीकुंड बैराज और आसपास के क्षेत्र में राहत एवं बचाव गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। सेना के जवानों के साथ पुलिस और प्रशासनिक टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। लापता जवान की तलाश के लिए नदी और नहर के बहाव वाले हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अभी तक सेना की ओर से घटना के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल प्राथमिकता लापता जवान को तलाशना और सुरक्षित बाहर निकालना है।
Akhil Mahajan