हथिनीकुंड हादसा: दोनों जवानों के शव मिले,एक 200 किमी बहकर जींद पहुंचा, दूसरा यूपी में मिला

हथिनीकुंड बैराज में डूबे दोनों लापता जवानों के शव मिले। एक शव 200 किलोमीटर बहकर जींद पहुंचा, दूसरा यूपी के बरथा कोरसी गांव में मिला।

हथिनीकुंड हादसा: दोनों जवानों के शव मिले,एक 200 किमी बहकर जींद पहुंचा, दूसरा यूपी में मिला

हथिनीकुंड बैराज में डूबे दोनों जवानों के शव बरामद
एक शव 200 किलोमीटर बहकर जींद की हांसी ब्रांच नहर में मिला
दूसरा शव यूपी के बरथा कोरसी गांव में मिला, सेना की आधिकारिक पुष्टि बाकी

हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज पर डूबे सेना के दोनों लापता जवानों के शव बरामद हो गए हैं। एक जवान का शव बुधवार रात बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के बरथा कोरसी गांव के पास यमुना नदी से मिला, जबकि दूसरे जवान का शव करीब 200 किलोमीटर बहकर जींद की हांसी ब्रांच नहर में पहुंचा। यह शव गुरुवार सुबह अमरेहड़ी गांव के पास मिला।

पहले शव की पहचान जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय के रूप में बताई जा रही है। वहीं दूसरे शव की पहचान महाराष्ट्र निवासी आर्यन पाटिल के रूप में हुई है। हालांकि, सेना की ओर से अभी दोनों शवों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है

दरअसल, 1 सितंबर की शाम हथिनीकुंड बैराज के पास प्रैक्टिस के दौरान पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी मोटर बोट पर कूदे थे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद वह स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इसके बाद पांचों जवान डाइविंग किट और लाइफ जैकेट पहनकर नदी में कूद गए। इनमें से तीन जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकल आए, जबकि महाराष्ट्र के आर्यन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय लापता हो गए थे।

हादसे के तुरंत बाद सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने तलाश शुरू कर दी थी। इसके बाद सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें यमुनानगर से लेकर आसपास की नहरों तक सर्च ऑपरेशन में जुट गईं। लगातार दो दिनों तक अलग-अलग इलाकों में जवानों की तलाश की जाती रही।

1 सितंबर को शाम 5 बजे हुआ था हादसा

मंगलवार शाम करीब 5 बजे हथिनीकुंड बैराज के पास वन पैरा स्पेशल फोर्स के पांच जवान प्रैक्टिस के लिए चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी मोटर बोट में कूदे थे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद वह स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी।

इसके बाद पांचों जवानों ने डाइविंग किट और लाइफ जैकेट पहनकर नदी में छलांग लगा दी। इनमें से तीन जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकल आए, लेकिन आर्यन पाटिल और अजय लापता हो गए।

हादसे की सूचना के बाद रात में ही सेना और लोकल गोताखोरों की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। लापता दोनों जवानों की तलाश के लिए नदी और आसपास की नहरों में अभियान चलाया गया।

2 सितंबर को दिनभर चला सर्च ऑपरेशन

अगले दिन बुधवार को सेना के साथ हरियाणा और यूपी SDRF की टीमें भी सर्च ऑपरेशन में जुटीं। जवानों की तलाश के लिए हेलिकॉप्टर से भी निगरानी की गई। सर्च ऑपरेशन के चलते बैराज पर हरियाणा-यूपी के रास्ते बंद कर दिए गए।

सेना की 10 टीमों ने 15 किलोमीटर के एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया। पश्चिमी यमुना नहर में एक घंटे तक पानी रोका गया, ताकि जलस्तर कम होने के बाद तलाश को आगे बढ़ाया जा सके। इसके बाद सेना के जवान ह्यूमन चेन बनाकर पानी में उतरे और लापता जवानों की तलाश की।

इसी दौरान बुधवार शाम को बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर दादूपुर हैड पर दो लाइफ जैकेट और एक डाइविंग किट मिली। हालांकि, सेना ने यह खुलासा नहीं किया कि ये सामान लापता जवानों का था या नहीं।

रात में यूपी में मिला पहला शव

सर्च ऑपरेशन के बीच बुधवार रात उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गांव में एक जवान का शव मिला। सिंचाई विभाग ने इसकी सूचना सेना को दी। यह शव बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर बरथा कोरसी गांव के पास यमुना नदी में मिला था।

शव की पहचान जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय के रूप में बताई जा रही है। इसके बाद भी सेना की ओर से शव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

दूसरा शव 200 किलोमीटर बहकर जींद पहुंचा

दूसरे लापता जवान महाराष्ट्र निवासी आर्यन पाटिल का शव गुरुवार सुबह जींद की हांसी ब्रांच नहर में अमरेहड़ी गांव के पास मिला। यह शव हथिनीकुंड बैराज से करीब 200 किलोमीटर बहकर यहां तक पहुंचा।

इस तरह दो दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों लापता जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। हादसे के बाद सेना और प्रशासन की टीमें लगातार यमुनानगर से लेकर आसपास की नहरों तक तलाश में जुटी थीं। हालांकि, दोनों शवों की पहचान को लेकर सेना की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है