हरियाणा में ट्रेन से कटकर मामा-भांजे की मौ*त
यमुनानगर में रेलवे पुल के पास बीकानेर एक्सप्रेस की चपेट में आने से मामा-भांजे की मौत हो गई। मां को स्टेशन पर बैठाकर दोनों खाना लेने निकले थे।
यमुनानगर में ट्रेन की चपेट में आने से मामा-भांजे की मौत
➤ मां को स्टेशन पर बैठाकर अफजल और मैक्स के साथ खाना लेने निकले थे मुराद
➤ पीछे से आई बीकानेर एक्सप्रेस की चपेट में आए दोनों, मैक्स साइड में कूदकर बचा
यमुनानगर में रेलवे पुल पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मामा-भांजे की मौत हो गई। हादसा पश्चिमी यमुना नहर के ऊपर बने रेलवे पुल के पास हुआ। दोनों एक अन्य युवक के साथ खाना लेने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। साथ चल रहा युवक समय रहते साइड में कूद गया, जबकि मामा-भांजा ट्रेन की चपेट में आ गए।
मृतकों की पहचान बिहार के दरभंगा निवासी मोहम्मद मुराद (31) और करनाल छप्पर निवासी मोहम्मद अफजल (19) के रूप में हुई है। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मुराद शादीशुदा था और छह बच्चों का पिता था। उसके चार बेटियां और दो बेटे हैं।
मां को स्टेशन पर बैठाकर खाना लेने गए थे
मृतक मुराद की मां बेगम खातून ने बताया कि उसकी एक बेटी करनाल, दूसरी यमुनानगर के जठलाना क्षेत्र के टोडरपुर गांव और तीसरी सहारनपुर में रहती है। कुछ दिन पहले वह करनाल के छप्पर गांव में अपनी बेटी के पास आई थी। उसके साथ उसका बेटा मोहम्मद मुराद और उसके बेटे का दोस्त मैक्स भी था।
करीब तीन-चार दिन पहले वे करनाल से यमुनानगर के टोडरपुर स्थित अपनी बड़ी बेटी के घर आ गए थे। इसी दौरान करनाल से उसका नाती मोहम्मद अफजल भी उनके साथ आ गया। वीरवार को उन्हें ट्रेन से बिहार जाना था। इसके लिए वे यमुनानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे।
दोपहर में मोबाइल की बैटरी खत्म होने के कारण मुराद ने अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगा दिया। इसके बाद उसने अपनी मां को स्टेशन पर बैठाया और अफजल व मैक्स के साथ खाना लेने के लिए जाने की बात कही। मुराद ने कहा कि वह थोड़ी देर में खाना लेकर वापस आएगा और उसके लिए भी खाना लेकर आएगा।
बेगम खातून ने बताया कि उसे भी भूख लगी थी, इसलिए उसने तीनों से जल्दी लौटने को कहा। इसके बाद मामा-भांजा और मैक्स वहां से खाना लेने के लिए निकल गए।
दो घंटे तक मां करती रही इंतजार
बेगम खातून ने बताया कि वह काफी देर तक तीनों के वापस आने का इंतजार करती रही। करीब दो घंटे बाद मैक्स भागता हुआ वापस पहुंचा। उसके सिर से खून बह रहा था। उसने बताया कि ट्रेन से उनकी टक्कर हो गई है और पुलिस के पास चलने को कहा।
इसके बाद बेगम खातून तुरंत जीआरपी थाने पहुंची और अपने बेटे व नाती के बारे में जानकारी मांगी। पुलिस ने बताया कि दो युवक ट्रेन की चपेट में आ गए हैं।
मां को उस समय तक यह जानकारी नहीं थी कि खाना लेने के लिए गए उसके बेटे और नाती के साथ इतना बड़ा हादसा हो चुका है। परिवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों शवों की पहचान की।
रेलवे पुल पार करते समय पीछे से आई ट्रेन
जांच अधिकारी एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि स्टेशन मास्टर से सूचना मिली थी कि पश्चिमी यमुना नहर के ऊपर बने रेलवे पुल के पास दो युवक ट्रेन की चपेट में आ गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां दोनों युवकों के शव पड़े मिले।
पुलिस के अनुसार, तीनों युवक खाना लेने के लिए रेलवे पुल की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वे रेलवे पुल को पार कर रहे थे, पीछे से बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। ट्रेन को आता देखकर मैक्स तुरंत साइड में कूद गया, लेकिन अफजल और मुराद ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों ने की दोनों शवों की पहचान
घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन शाम को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शवों की पहचान की। इसके बाद जीआरपी ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
pooja