बाइक सवार तीन युवकों पर जानलेवा हमला, दो की मौत; तीसरा गंभीर
रेवाड़ी के गोकलपुर गांव के पास बाइक सवार तीन युवकों पर हमला हुआ। कार से टक्कर के बाद लाठी-डंडों से पीटने का आरोप है। जतिन और हिमेश की मौत हो गई, जबकि यशपाल गंभीर घायल है।
➤ कार से टक्कर के बाद सड़क पर गिराकर लाठी-डंडों से पीटने का आरोप
➤ जतिन और हिमेश ने मौके पर दम तोड़ा, यशपाल गंभीर रूप से घायल
➤ IGU के झगड़े से जुड़ा बताया जा रहा विवाद, हमलावरों की तलाश में पुलिस
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी में शुक्रवार को एक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गोकलपुर गांव के पास बाइक सवार तीन युवकों को कार से टक्कर मारने के बाद सड़क पर गिराकर लाठी-डंडों से पीटने का आरोप है। हमले में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
मृतकों की पहचान मांड्य निवासी जतिन (22) और निगानियावास निवासी हिमेश (20) के रूप में हुई है। घायल युवक की पहचान बुढ़ाना गांव निवासी यशपाल के तौर पर हुई है। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी (IGU) में दो गुटों के बीच हुए झगड़े से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यूनिवर्सिटी में हुए विवाद में जतिन, हिमेश और यशपाल की क्या भूमिका थी।
पहले कार से मारी टक्कर, फिर सड़क पर गिराकर पीटा
बताया गया है कि तीनों युवक बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान गोकलपुर गांव के पास एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद तीनों सड़क पर गिर गए।
आरोप है कि इसके बाद हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से जमकर पीटा। हमले में जतिन और हिमेश गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं यशपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सदर थाना की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और घायल को अस्पताल पहुंचाया।
एक मृतक शादीशुदा, बेटी का पिता था
मृतक जतिन मांड्य गांव का रहने वाला था। वह शादीशुदा था और उसकी एक बेटी भी है। वह रेवाड़ी की ही एक कंपनी में काम करता था। जानकारी के मुताबिक जतिन शुक्रवार सुबह कंपनी में जाने की बात कहकर घर से निकला था।
जतिन के पिता खेती करते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम पसर गया।
वहीं दूसरा मृतक हिमेश (20) निगानियावास का रहने वाला था। वह किशन लाल पब्लिक कॉलेज (KPL) का छात्र था। उसके पिता स्कूल बस चलाते हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों मृतकों और घायल युवक के परिजन अस्पताल पहुंचे। वहां परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
यूनिवर्सिटी में दो गुटों के बीच हुआ था विवाद
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी में दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया है कि दोनों गुटों ने अपने-अपने साथियों को बुलाने के लिए समय तय किया था।
इसके बाद विवाद बढ़ गया और मामला यूनिवर्सिटी से बाहर तक पहुंच गया। इसी घटनाक्रम के दौरान गोकलपुर गांव में जतिन, हिमेश और यशपाल पर हमला किया गया।
हालांकि, पुलिस जांच में अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि यूनिवर्सिटी के विवाद में इन तीनों युवकों की वास्तविक भूमिका क्या थी और हमला किस वजह से किया गया।
प्रत्यक्षदर्शी का दावा- कई बाइक और कारों में पहुंचे थे युवक
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के गेट से ही दोनों गुटों के बीच लड़ाई शुरू हो गई थी। इसके बाद एक गुट के साथ बड़ी संख्या में युवक वहां पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, करीब 6 से 7 बाइक और दो कारें थीं। इनमें सवार युवकों के हाथों में लाठी और तेजधार हथियार बताए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी दावा किया कि कई बाइक की नंबर प्लेट पर टेप लगा हुआ था। इससे आशंका जताई जा रही है कि पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी।
बताया गया कि आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, उससे पहले ही हमलावर वहां से फरार हो चुके थे। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार कार और बाइक सवार युवक खुंभावास की तरफ भाग गए।
पुलिस ने शुरू की जांच, हमलावरों की तलाश
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की टीम ने घटनास्थल से जुड़ी जानकारी जुटाई है। वहीं घायल यशपाल का उपचार कराया जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और हमलावरों की पहचान को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बाइक की नंबर प्लेट पर टेप लगाए जाने और कई वाहनों में युवकों के पहुंचने की बात भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस यूनिवर्सिटी विवाद और उसके बाद हुए हमले के बीच कड़ी को खंगाल रही है। मामले में आगे की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
Akhil Mahajan