फाइनेंसरों के दबाव से परेशान बिजनेसमैन ने उठाया खौफनाक कदम, घर में खुद को मारी गोली
हिसार में खालसा इलेक्ट्रोनिक्स के मालिक हैप्पी चोपड़ा ने घर में खुद को गोली मारकर सुसाइड किया। परिवार ने फाइनेंसरों के दबाव को वजह बताया।
➤ हिसार में नामी बिजनेसमैन हैप्पी चोपड़ा ने घर में खुद को गोली मारी
➤ परिवार का दावा- करीब 20 लाख के कर्ज को लेकर फाइनेंसर बना रहे थे दबाव
➤ डोरबेल बजने पर भाई दरवाजा खोलने गया, तभी अंदर से चली गोली की आवाज
हिसार में बुधवार दोपहर एक नामी बिजनेसमैन ने अपने घर में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान हैप्पी चोपड़ा (38) के रूप में हुई है। वह खालसा इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम के मालिक थे। परिवार के मुताबिक, पिछले कुछ समय से वह दो फाइनेंसरों की ओर से करीब 20 लाख रुपए के भुगतान को लेकर बनाए जा रहे दबाव और कथित धमकियों से परेशान चल रहे थे।
घटना बुधवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई।
डोरबेल बजी तो भाई ने कहा- फिर आ गए, दरवाजा खोलने गया और अंदर से चली गोली
हैप्पी चोपड़ा के भाई चरणजीत चोपड़ा ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपने भाई के साथ बेडरूम में बैठे हुए थे। इसी दौरान घर की डोरबेल बजी। हैप्पी ने कहा कि लगता है फाइनेंसर पैसे लेने आया है।
चरणजीत के मुताबिक, वह गेट खोलने के लिए बाहर चले गए। इसी दौरान कुछ ही देर बाद घर के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। परिजन मौके पर पहुंचे तो हैप्पी ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली थी। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई।
करीब 20 लाख रुपए के कर्ज को लेकर चल रहा था दबाव
चरणजीत चोपड़ा के अनुसार, हैप्पी ने करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रॉनिक सामान का शोरूम शुरू किया था। कारोबार को आगे बढ़ाने और शोरूम के ऊपर एक और मंजिल बनवाने के लिए उन्होंने कुछ फाइनेंसरों से करीब 20 लाख रुपए का कर्ज लिया था।
परिवार के अनुसार, इस कर्ज को चुकाने की तारीख 1 सितंबर तय थी। लेकिन 3 सितंबर तक भुगतान नहीं हो सका। इसके बाद फाइनेंसरों की ओर से पैसे लौटाने को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि इसी दबाव के चलते हैप्पी काफी परेशान थे।
दो दिन से लगातार घर आ रहा था फाइनेंसर
परिजनों के मुताबिक, पैसों को लेकर हैप्पी का प्रताप नगर निवासी सुरेश से लेनदेन था। परिवार का कहना है कि सुरेश एक दिन पहले शाम को भी हैप्पी के पास आया था और घटना वाले दिन सुबह भी वह घर पहुंचा था।
परिवार के अनुसार, करीब 20 लाख रुपए को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस वजह से हैप्पी मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। बुधवार दोपहर जब घर की डोरबेल बजी तो उन्हें लगा कि फाइनेंसर पैसे लेने आया है। इसके बाद भाई के गेट खोलने के लिए बाहर जाने के कुछ ही देर बाद घर के अंदर गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
तीन साल पहले शुरू किया था इलेक्ट्रॉनिक सामान का शोरूम
हैप्पी चोपड़ा ने करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रॉनिक सामान का शोरूम खोला था। उनका शोरूम खालसा इलेक्ट्रोनिक्स के नाम से था। कारोबार को बढ़ाने के लिए शोरूम के ऊपर अतिरिक्त मंजिल बनवाने का काम कराया जा रहा था।
परिवार के मुताबिक, इसी निर्माण और कारोबार से जुड़ी जरूरतों के लिए फाइनेंसरों से करीब 20 लाख रुपए का कर्ज लिया गया था। कर्ज चुकाने की तय तारीख निकलने के बाद भुगतान नहीं हो पाने से दबाव बढ़ गया था।
शोरूम के उद्घाटन में पहुंचे थे तत्कालीन बिजली मंत्री रणजीत चौटाला
हैप्पी चोपड़ा के शोरूम का उद्घाटन करीब तीन साल पहले हुआ था। शोरूम के उद्घाटन के समय तत्कालीन बिजली मंत्री रणजीत चौटाला भी पहुंचे थे। कारोबार बढ़ाने के लिए शोरूम के ऊपर अतिरिक्त मंजिल बनवाने का काम कराया जा रहा था।
परिवार का कहना है कि शोरूम और अतिरिक्त मंजिल के लिए लिया गया कर्ज बाद में हैप्पी के लिए परेशानी की वजह बन गया। फाइनेंसरों की ओर से लगातार भुगतान का दबाव बनाए जाने के बीच बुधवार दोपहर उन्होंने अपने घर में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया।
घटना के बाद घर के बाहर जुटी भीड़
गोली चलने की आवाज सुनने के बाद आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई। देखते ही देखते घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार के लोग घटना से स्तब्ध रह गए।
परिवार ने हैप्पी के इस कदम के पीछे फाइनेंसरों की ओर से करीब 20 लाख रुपए के भुगतान को लेकर बनाया जा रहा दबाव वजह बताया है।
Akhil Mahajan