नीरज चोपड़ा की जगह एशियन गेम्स में इस खिलाड़ी की एंट्री, कॉमनवेल्थ के शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम
नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद इस भारतीय टीम में शामिल किया गया है। कॉमनवेल्थ ब्रॉन्ज और 85.41 मीटर थ्रो का मिला इनाम
➤ नीरज चोपड़ा की जगह एशियन गेम्स 2026 में यशवीर सिंह को मिला मौका
➤ कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने और 85.41 मीटर थ्रो का मिला फायदा
➤ यशवीर के शानदार सीजन के बाद अब जापान में मेडल पर रहेंगी नजरें
Asian Games 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान में होने जा रही है। इससे पहले भारतीय एथलेटिक्स टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। चोट के कारण स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के प्रतियोगिता से बाहर होने के बाद उनकी जगह यशवीर सिंह को भारतीय दल में शामिल किया गया है। यशवीर को यह मौका कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन और ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद मिला है।
नीरज चोपड़ा ने हाल ही में चोट के कारण 2026 सीजन के बाकी सभी मुकाबलों से बाहर होने की जानकारी दी थी। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर के एशियन गेम्स से हटने के बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने उनकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को शामिल करने की बात कही थी। अब इस बदलाव के बाद यशवीर सिंह एशियन गेम्स में भारत की ओर से जैवलिन थ्रो स्पर्धा में उतरेंगे।
नीरज की जगह यशवीर को क्यों मिला मौका
नीरज चोपड़ा चोटिल होने के बावजूद हाल में हुए कुछ मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता था। इसी प्रतियोगिता में उनके साथी खिलाड़ी और जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में यशवीर का प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने 85.41 मीटर का थ्रो फेंककर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उनके इसी प्रदर्शन के बाद अब उन्हें एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर नीरज की जगह उतरने का मौका मिला है।
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बहादुर सिंह सागू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “एशियन गेम्स में हमने नीरज चोपड़ा की जगह यशवीर सिंह को शामिल किया है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीता था। नीरज मौजूदा समय में चोटिल हैं। चोट के कारण बदलाव किया गया है। यशवीर के आने में कोई दिक्कत नहीं थी।”
2026 में लगातार शानदार रहा यशवीर का प्रदर्शन
यशवीर सिंह के लिए 2026 का सीजन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस साल अब तक आठ टूर्नामेंट्स में हिस्सा लिया है। इनमें से छह टूर्नामेंट्स में उन्होंने 80 मीटर से ज्यादा का थ्रो फेंका है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 85.41 मीटर का थ्रो उनके इस शानदार प्रदर्शन की एक बड़ी मिसाल रहा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ ही यशवीर ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। काशीनाथ नायक (2010) और नीरज (2018, 2026) के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले वह तीसरे भारतीय हैं।
अब एशियन गेम्स में यशवीर के ऊपर सभी की नजरें होंगी। नीरज चोपड़ा की जगह भारतीय टीम में शामिल किए जाने के कारण उनके ऊपर जिम्मेदारी के साथ दबाव भी रहेगा। वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में किए गए प्रदर्शन को दोहराकर भारत के लिए एशियन गेम्स में मेडल जीतना चाहेंगे।
नीरज के बाहर होने से बढ़ी यशवीर की जिम्मेदारी
नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियन गेम्स से बाहर होने से भारतीय एथलेटिक्स टीम को बड़ा झटका लगा है। फैंस को उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन अब यशवीर को उनकी जगह भारतीय चुनौती को आगे बढ़ाना होगा।
यशवीर के पास इस मौके को यादगार बनाने का अवसर है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और 2026 सीजन में लगातार 80 मीटर से ज्यादा के थ्रो ने भी उनकी क्षमता को दिखाया है। अब जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में उनके प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।
जापान में 19 सितंबर से शुरू होंगे एशियन गेम्स
एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान में होगी। प्रतियोगिता से पहले भारतीय दल में नीरज चोपड़ा की जगह यशवीर सिंह को शामिल किया गया है। ऐसे में अब जैवलिन थ्रो में भारत की उम्मीदें यशवीर से जुड़ गई हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने और इस सीजन में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले यशवीर के सामने अब खुद को एशियन गेम्स के बड़े मंच पर साबित करने की चुनौती होगी। उनकी नजरें अपने कॉमनवेल्थ प्रदर्शन को दोहराने और भारत के लिए मेडल जीतने पर होंगी।
Akhil Mahajan