Haryana: PNB करेंसी चेस्ट में ₹7.40 करोड़ के नकली नोट, मैनेजर पर FIR

सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान ₹7.40 करोड़ के जाली नोट मिले। जगाधरी के मैनेजर अमित कुमार समेत तीन अधिकारियों पर FIR दर्ज हुई

Haryana: PNB करेंसी चेस्ट में ₹7.40 करोड़ के नकली नोट,  मैनेजर पर FIR

➤ सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में मिले ₹7.40 करोड़ के जाली नोट
➤ जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार भी FIR में नामजद
➤ ऑडिट में खुलासा, पुलिस CCTV और बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही


उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान ₹7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले की जांच की आंच अब हरियाणा के जगाधरी तक पहुंच गई है। इस मामले में खेड़ा बाजार जगाधरी में तैनात करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार भी नामजद किए गए हैं। अमित कुमार का करीब एक माह पहले ही सहारनपुर से तबादला हुआ था। जाली नोट मिलने के समय वह सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।

मामले में सहारनपुर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक मंडल कार्यालय रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और अमित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। बैंक की ओर से अमित कुमार समेत तीन अधिकारियों के निलंबन की भी पुष्टि की गई है।

ऑडिट के दौरान करेंसी चेस्ट में सामने आया बड़ा मामला

सहारनपुर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट शाखा है। बैंक की दूसरी शाखाओं से प्राप्त नकदी यहां जमा होती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे भेजी जाती है।

इसी करेंसी चेस्ट का हाल में ऑडिट किया जा रहा था। नोटों की जांच के दौरान बड़ी मात्रा में करेंसी के जाली होने की बात सामने आई। जांच में ₹7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

मामला सामने आने के बाद बैंक की नकदी के करेंसी चेस्ट तक पहुंचने और वहां से आगे भेजे जाने की प्रक्रिया को लेकर जांच शुरू की गई है। बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर कोतवाली सदर बाजार में मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक किस माध्यम से पहुंचे

तीन बैंक अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

जाली नोट मिलने के मामले में वरिष्ठ प्रबंधक मंडल कार्यालय रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और खेड़ा बाजार जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार को नामजद किया गया है।

पुलिस की जांच में फिलहाल इन अधिकारियों की वास्तविक भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और नकदी के आवागमन की जानकारी खंगाली जा रही है।

बैंक अधिकारियों के अनुसार, अमित कुमार का करीब एक महीने पहले ही सहारनपुर से जगाधरी तबादला हुआ था। जिस अवधि में करेंसी चेस्ट में यह नकली करेंसी मौजूद थी, उस समय वह वहां प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।

अब जांच का सबसे बड़ा सवाल- नकली नोट करेंसी चेस्ट तक आए कहां से?

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि ₹7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किस बैंक शाखा से कितनी नकदी और किस तारीख को करेंसी चेस्ट में जमा कराई गई थी।

इसके लिए संबंधित बैंक शाखाओं के रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। पुलिस CCTV फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जो संदिग्ध नकदी लेकर करेंसी चेस्ट पहुंचे थे।

बैंक की नकदी जमा करने और आगे भेजने की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज भी जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं। इन रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जाली नोट किस स्तर पर करेंसी चेस्ट तक पहुंचे।

करेंसी चेस्ट से ₹4.36 लाख की कमी का अलग मामला भी सामने आया

इसी करेंसी चेस्ट से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया है। मुख्यालय भेजी गई नकदी की जांच में ₹4.36 लाख रुपये कम पाए गए।

इस मामले में बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों मामलों की जांच अलग-अलग की जा रही है।

एसपी सिटी व्योम बिंदल के अनुसार, करेंसी चेस्ट के ऑडिट के दौरान नकली नोट मिलने और मुख्यालय भेजी गई नकदी कम मिलने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

जगाधरी की करेंसी चेस्ट को लेकर भी बढ़ी हलचल

सहारनपुर में मामला सामने आने के बाद जगाधरी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में भी चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच की दिशा आगे बढ़ने पर यहां स्थित करेंसी चेस्ट का भी ऑडिट कराया जा सकता है।

हालांकि, अभी तक जगाधरी की करेंसी चेस्ट में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

बैंक अधिकारियों ने मामले पर साधी चुप्पी

मामले को लेकर बैंक अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। एलडीएम सुभाष चंद्र ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है और वह फिलहाल बाहर हैं। कार्यालय पहुंचने के बाद ही इस संबंध में जानकारी मिल सकेगी।

वहीं, आरोपित प्रबंधक अमित कुमार के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला।

जाली नोटों की इतनी बड़ी खेप करेंसी चेस्ट में मिलने के बाद अब पुलिस की जांच का केंद्र नकदी के स्रोत, उसके जमा होने की प्रक्रिया और संबंधित बैंक रिकॉर्ड पर है। फिलहाल मामले में नामजद अधिकारियों की वास्तविक भूमिका को लेकर जांच जारी है।