हिमाचल में फिर बरसा मानसून,शिमला-कांगड़ा में भारी बारिश, 3 जिलों में यलो अलर्ट
हिमाचल में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ी है। शिमला-कांगड़ा में भारी बारिश हुई, आज तीन जिलों में यलो अलर्ट है। सात दिन में 51 फीसदी कम बारिश हुई।
हिमाचल में मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, शिमला-कांगड़ा में भारी बारिश
➤ आज कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट
➤ 23 से 30 अगस्त तक सामान्य से 51% कम बारिश, पूरे सीजन में भी 11% कमी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह तक कमजोर रहने के बाद मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। बीती रात कांगड़ा, शिमला और सिरमौर के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। बारिश के कारण शिमला समेत प्रदेश के ज्यादातर भागों में सोमवार सुबह से ही मौसम खराब बना हुआ है। मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
बीती रात सबसे ज्यादा बारिश कांगड़ा में 70.4 मिलीमीटर, धौलाकुंआ में 66 मिलीमीटर और शिमला में 59.8 मिलीमीटर दर्ज की गई। इससे पहले रविवार शाम को भी शिमला, सोलन और सिरमौर के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। शिमला के खलीणी में भारी बारिश के दौरान सड़क किनारे एक बड़ा पेड़ दो कारों पर गिर गया, जिससे दोनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
मौसम विभाग यानी IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश में अगले पांच दिन तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कुछेक हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के कारण जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं पिछले दिनों कमजोर पड़े मानसून के बाद प्रदेश में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है।
एक सप्ताह में सामान्य से 51 फीसदी कम बारिश
हिमाचल प्रदेश में पिछले एक सप्ताह के दौरान मानसून कमजोर रहा। 23 से 30 अगस्त के बीच प्रदेश में सामान्य से 51 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में अधिकांश जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज हुई।
आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में सामान्य से 3 फीसदी, चंबा में 78 फीसदी, हमीरपुर में 74 फीसदी, कांगड़ा में 20 फीसदी, किन्नौर में 96 फीसदी, कुल्लू में 98 फीसदी, लाहौल-स्पीति में 99 फीसदी, मंडी में 39 फीसदी, शिमला में 63 फीसदी, सोलन में 40 फीसदी और ऊना में 24 फीसदी कम बारिश हुई।
वहीं सिरमौर ऐसा जिला रहा, जहां इस अवधि में सामान्य से 3 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे साफ है कि मानसून की सक्रियता पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं रही और कई जिलों में बारिश की कमी काफी ज्यादा बनी हुई है।
कुल्लू और लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा कमी
23 से 30 अगस्त के बीच बारिश के आंकड़ों में सबसे बड़ी कमी लाहौल-स्पीति और कुल्लू में दर्ज की गई। लाहौल-स्पीति में सामान्य से 99 फीसदी कम, जबकि कुल्लू में 98 फीसदी कम बारिश हुई। इसके अलावा किन्नौर में 96 फीसदी, शिमला में 63 फीसदी और चंबा में 78 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
कई अन्य जिलों में भी बारिश सामान्य से कम रही। हमीरपुर में 74 फीसदी, सोलन में 40 फीसदी, मंडी में 39 फीसदी और कांगड़ा में 20 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। ऐसे में मानसून की दोबारा सक्रियता से आने वाले दिनों में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद बनी है।
पूरे मानसून सीजन में भी 11 फीसदी कम बारिश
सिर्फ पिछले एक सप्ताह ही नहीं, बल्कि पूरे मानसून सीजन में भी हिमाचल प्रदेश सामान्य बारिश से पीछे चल रहा है। 1 जून से 30 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
इस अवधि में हिमाचल प्रदेश में सामान्य तौर पर 608.7 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार अब तक 542.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यानी मानसून सीजन के दौरान भी प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहा
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी देखने को मिला। प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री तक ज्यादा बना रहा। सबसे ज्यादा उछाल केलांग में देखने को मिला, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से 8.4 डिग्री ज्यादा रहा और यह 27.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
हालांकि अब मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ मौसम में बदलाव की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार-पांच दिनों के दौरान तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।
फिलहाल हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। शिमला, कांगड़ा और सिरमौर समेत कई हिस्सों में हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदला है। आज कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है, जबकि IMD ने अगले पांच दिन तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 11 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है और पिछले सात दिनों में भी सामान्य से 51 फीसदी कम वर्षा हुई है।
Akhil Mahajan