रिटायरमेंट वाले दिन सस्पेंडेड SE गीतू राम की मौत, कार में मिला शव; 4 पेज के नोट में IAS समेत 7 अधिकारियों के नाम

करनाल में रिटायरमेंट वाले दिन सस्पेंडेड SE गीतू राम तंवर की मौत हुई। 4 पेज के नोट में IAS समेत 7 अधिकारियों के नाम और आरोपों का जिक्र है।

रिटायरमेंट वाले दिन सस्पेंडेड SE गीतू राम की मौत, कार में मिला शव; 4 पेज के नोट में IAS समेत 7 अधिकारियों के नाम

➤ रिटायरमेंट वाले दिन सस्पेंडेड SE गीतू राम तंवर की संदिग्ध मौत, कार में मिला शव

➤ 4 पेज के सुसाइड नोट में एक IAS समेत 3 XEN और 3 SDO के नाम होने का दावा

➤ पांच महीने पहले जाट-झोटा टिप्पणी वाला वीडियो वायरल होने के बाद हुए थे सस्पेंड


करनाल। हरियाणा के करनाल में बिजली निगम के सस्पेंडेड SE (सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर) गीतू राम तंवर की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सुबह डीएवी स्कूल के पास कार में मिला। परिवार के अनुसार, वह सुबह करीब 7 बजे घर से निकले थे। कुछ देर बाद उन्होंने फोन कर कहा था कि “अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं।” इसके बाद उनका शव कार के पीछे पड़ा मिला।

पुलिस के अनुसार, शव के पास 4 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें एक IAS अफसर के साथ 3 XEN और 3 SDO पर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

खास बात यह है कि गीतू राम तंवर (58) की आज ही रिटायरमेंट थी। रिटायरमेंट वाले दिन उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार में मातम छा गया। परिवार ने इस मामले में चार लोगों पर उन्हें परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।

शव मिलने के बाद जांच करती हुई पुलिस। पुलिस को शव के पास 4 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है।

सुबह घर से निकले थे गीतू राम, कुछ देर बाद कार में मिला शव

परिजनों के अनुसार, गीतू राम तंवर सोमवार सुबह करीब 7 बजे घर से निकले थे। बाद में उन्होंने फोन पर परिवार से कहा कि वह अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आ रहे हैं। इसके कुछ समय बाद उनका शव डीएवी स्कूल के पास कार में मिला।

परिजनों के अनुसार, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने शव के पास मिले 4 पेज के सुसाइड नोट को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

नोट में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आत्महत्या की वास्तविक वजह क्या रही, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

4 पेज के नोट में IAS समेत 7 अधिकारियों के नाम होने का दावा

पुलिस के अनुसार, गीतू राम के पास से मिले सुसाइड नोट में एक IAS अफसर, 3 XEN और 3 SDO के नाम शामिल हैं। नोट में एक IAS अफसर को पूरे मामले के लिए जिम्मेदार बताया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों पर भी रंजिश रखने के आरोप लगाए गए हैं।

नोट में यह भी कहा गया कि उनके नीचे काम करने वाले अधिकारी उन्हें बॉस नहीं मानते थे और उनके निर्देशों का पालन नहीं करते थे।

हालांकि, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच के स्तर पर नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

सोनीपत में बिजली निगम के सस्पेंडेड एसई गीतूराम तंवर का वो वीडियो जिसमें वे जाट समाज पर टिप्पणी कर रहे थे।

सरकार से स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

सुसाइड नोट में हरियाणा सरकार से अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच कराने और दोषी पाए जाने पर पुलिस हिरासत में लेकर कार्रवाई करने की मांग किए जाने की बात सामने आई है।

नोट के अंत में पत्नी के नाम संदेश भी लिखा गया। इसमें कहा गया है, “मेरी प्यारी पत्नी पूनम जी, अगर मुझे कुछ हो गया, आत्महत्या के कारण या किसी के द्वारा किए गए हमले के कारण, तो मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि हमारा समाज खराब हो गया है। आप अपना ख्याल रखना।”

पुलिस अब नोट में लगाए गए आरोपों और उसमें बताए गए घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पांच महीने पहले जाट समाज पर टिप्पणी वाला वीडियो हुआ था वायरल

गीतू राम तंवर का करीब 5 महीने पहले सोनीपत में बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने जाट समाज को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था।

इसके बाद हरियाणा बिजली वितरण निगम लि. (UHBVNL) के एमडी की ओर से उन्हें निलंबित किए जाने का ऑर्डर जारी किया गया था। परिवार का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गीतू राम मानसिक दबाव में थे।

हालांकि, उनकी मौत की वास्तविक वजह क्या रही, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम के बाद ही मामले में स्थिति साफ हो सकेगी।

22 दिसंबर 2025 का बताया गया था वायरल वीडियो

गीतू राम तंवर का जो वीडियो सामने आया था, वह सोनीपत डीसी कैंप ऑफिस का बताया गया। गीतू राम तंवर ने कहा था कि सोनीपत के तत्कालीन डीसी सुशील सारवान के कैंप ऑफिस में 22 दिसंबर, 2025 को सभी अधिकारियों को बुलाया गया था। बताया गया कि वीडियो इसी दौरान बनाया गया था।

वीडियो में उन्होंने पंचायत के बीच झूठ नहीं बोलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सांप छोटा या बड़ा कुछ नहीं होता, उसमें जहर होता है और उतना ही दंश होता है। ACR लिखने की बात पर उन्होंने कहा था कि जो लिखेंगे, गुड़ लिखेंगे, इससे ऊपर कुछ नहीं लिखेंगे।

संविधान और आंबेडकर की तस्वीर को लेकर भी कही थी बात

वायरल वीडियो में गीतू राम ने कहा था कि अगर लोग संविधान को मानते तो भीमराव आंबेडकर की तस्वीर नहीं तोड़ी जाती। वहीं उनके साथ बैठे एक व्यक्ति ने कहा था कि समाज में सभी प्रकार के व्यक्ति होते हैं और चौधरी देवीलाल की तस्वीर भी तोड़ी गई थी।

इसके बाद बातचीत के दौरान गीतू राम तंवर ने जातिवाद से जुड़ी अपनी बात रखी थी।

जातिवाद को लेकर वीडियो में हुई थी बहस

वीडियो में गीतू राम तंवर ने कहा था कि कुछ लोग कहते हैं कि सेक्शन में जातिवाद है। उन्होंने कहा था कि अगर जातिवाद है तो खुलकर करें। उनके पास 20 अधिकारी गवाह हैं, जिनसे यह कहकर साइन करवाए जा रहे हैं कि वह अधिकारी जाटों के खिलाफ हैं।

वीडियो में साइड में बैठे लोगों ने उन्हें ऐसा कहना गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी नहीं देखा कि वहां कास्टिज्म है। इस पर गीतू राम ने कहा था कि उनके यहां भले ही न हो, लेकिन उनके यहां कास्टिज्म बिल्कुल खुलकर है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने सोच लिया है कि अब बिल्कुल खुलकर छक्के मारेंगे।

जाट और झोटा को लेकर दिया था विवादित बयान

वायरल वीडियो में गीतू राम तंवर ने कहा था कि अब उन्होंने सोच लिया है कि “जाट और झोटा जहां मिलेगा, वहीं लठ मारेंगे” और दोनों में से किसी को नहीं बख्शेंगे। इसके बाद वहां मौजूद लोगों के बीच इसी मुद्दे को लेकर बातचीत जारी रही।

वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हुआ था और इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। अब रिटायरमेंट वाले दिन उनकी मौत के बाद परिवार ने पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह

गीतू राम तंवर की मौत के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और मौके से मिले 4 पेज के सुसाइड नोट को भी जांच में शामिल किया गया है।

सुसाइड नोट में एक IAS, 3 XEN और 3 SDO के नाम होने और अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। परिवार की ओर से चार लोगों पर परेशान करने के आरोप भी लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों की अभी पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।

रिटायरमेंट के दिन हुई इस मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं, करीब पांच महीने पहले वायरल हुए जाट समाज से जुड़े वीडियो और उसके बाद हुए निलंबन के घटनाक्रम को भी मामले की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। मौत की वास्तविक वजह और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।