PPF में ₹1.5 लाख एकमुश्त निवेश या मासिक किस्त: 5 अप्रैल से पहले पैसा जमा करने पर मिलेगा ₹1.2 लाख का फायदा
PPF में ₹1.5 लाख एकमुश्त जमा करने और मासिक किस्त के बीच बड़ा अंतर है। 5 अप्रैल से पहले निवेश करने पर 15 साल में करीब ₹1.20 लाख ज्यादा फायदा मिल सकता है।
➤ PPF में ₹1.5 लाख एकमुश्त जमा करने पर 15 साल में करीब ₹1.20 लाख ज्यादा फायदा
➤ 5 अप्रैल से पहले पैसा जमा करने पर पूरे साल मिलता है ब्याज का लाभ
➤ हर महीने ₹12,500 की किस्त से 15 साल में करीब ₹39.48 लाख का फंड
नई दिल्ली। PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाले निवेश विकल्पों में शामिल है। लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोगों के बीच यह एक पसंदीदा विकल्प माना जाता है। अगर कोई निवेशक हर वित्त वर्ष PPF में अधिकतम ₹1.5 लाख जमा करता है, तो इस बात का सीधा असर उसके अंतिम कॉर्पस पर पड़ता है कि उसने यह राशि साल की शुरुआत में एकमुश्त जमा की है या फिर पूरे साल अलग-अलग किस्तों में।
अभी PPF पर 7.1% सालाना ब्याज दर मिल रही है। इस ब्याज की गणना सालाना आधार पर चक्रवृद्धि यानी कंपाउंडिंग के हिसाब से होती है। हालांकि, PPF में ब्याज की गणना से जुड़ा एक खास मासिक नियम है, जिसके कारण निवेश की तारीख काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
PPF में ब्याज की गणना कैसे होती है?
PPF के नियमों के अनुसार, किसी महीने के लिए ब्याज उस रकम पर मिलता है जो महीने की 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच खाते में सबसे कम रही हो।
यही वजह है कि PPF में पैसा जमा करने की तारीख निवेश के अंतिम रिटर्न पर असर डालती है। अगर कोई निवेशक किसी महीने की 5 तारीख के बाद पैसा जमा करता है, तो उस महीने के लिए उस जमा राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा।
इसलिए पूरे वित्त वर्ष का अधिकतम ब्याज लाभ लेने के लिए अप्रैल की 5 तारीख से पहले PPF में पैसा जमा करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इस स्थिति में जमा की गई पूरी राशि पर वित्त वर्ष के दौरान ब्याज का लाभ मिल सकता है।
अप्रैल में एकमुश्त निवेश बनाम मासिक किस्त का कितना अंतर?
अगर कोई निवेशक PPF की 15 साल की मैच्योरिटी अवधि तक हर साल ₹1.5 लाख जमा करता है, तो दोनों तरीकों में उसकी कुल मूल निवेश राशि समान रहती है।
15 साल में कुल जमा राशि:
₹1.5 लाख × 15 साल = ₹22.5 लाख
लेकिन निवेश की टाइमिंग के कारण मिलने वाले ब्याज और अंतिम कॉर्पस में अंतर आ जाता है।
5 अप्रैल से पहले ₹1.5 लाख एकमुश्त निवेश
अगर हर साल 5 अप्रैल से पहले ₹1.5 लाख PPF खाते में जमा कर दिए जाते हैं, तो पूरी ₹1.5 लाख की राशि को पूरे 12 महीनों के लिए ब्याज का लाभ मिलता है।
दी गई 7.1% की स्थिर ब्याज दर के हिसाब से 15 साल बाद कुल कॉर्पस करीब ₹40,68,209 बनता है।
हर महीने ₹12,500 की किस्त
दूसरी तरफ, अगर निवेशक हर महीने ₹12,500 जमा करता है और हर महीने की 5 तारीख से पहले रकम जमा करता है, तो हर किस्त को जमा होने के समय के हिसाब से अलग-अलग अवधि का ब्याज मिलता है।
इस तरीके से 15 साल बाद 7.1% ब्याज दर के हिसाब से कुल फंड करीब ₹39,47,809 बनता है।
यानी दोनों मामलों में निवेश की गई मूल राशि ₹22.5 लाख ही है, लेकिन एकमुश्त निवेश करने पर अंतिम कॉर्पस करीब ₹1.20 लाख ज्यादा बनता है।
PPF में एकमुश्त और किस्तों में निवेश का गणित
| इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी | सालाना इन्वेस्टमेंट | 15 साल बाद कितना मिलेगा |
|---|---|---|
| एक साथ ₹1.50 लाख | ₹1.50 लाख | 40.7 लाख |
| हर 6 महीने में ₹75 हजार | ₹1.50 लाख | 40.1 लाख |
| हर 6 महीने में ₹37,500 | ₹1.50 लाख | 39.8 लाख |
| हर महीने ₹12,500 | ₹1.50 लाख | 39.5 लाख |
नोट: यह टेबल एक मोटे अनुमान के आधार पर दी गई है, क्योंकि PPF पर मिलने वाली ब्याज दर की समीक्षा हर 3 महीने में होती है।
महीने की 5 तारीख क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?
PPF में सिर्फ अप्रैल की 5 तारीख ही महत्वपूर्ण नहीं है। अगर कोई व्यक्ति एकमुश्त रकम जमा करने के बजाय हर महीने ₹12,500 निवेश करता है, तो उसे हर महीने की 5 तारीख का ध्यान रखना चाहिए।
अगर किसी महीने की किस्त 6 तारीख को जमा की जाती है, तो उस जमा राशि पर उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। ऐसे में निवेशकों के लिए बेहतर है कि वे अपनी मासिक किस्त महीने की 1 से 4 तारीख के बीच जमा कर दें।
इससे हर महीने जमा होने वाली रकम ब्याज की गणना के लिए समय पर खाते में उपलब्ध रहेगी।
PPF स्कीम के मुख्य नियम
अधिकतम जमा करने की सीमा
PPF खाते में एक वित्त वर्ष के दौरान न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं।
मैच्योरिटी अवधि
PPF की कुल मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। इसके बाद इसे 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
टैक्स में छूट का फायदा
PPF EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt श्रेणी में आता है। इसमें जमा की गई राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि टैक्स फ्री होती है।
ब्याज दर
PPF की ब्याज दर की समीक्षा केंद्र सरकार हर तिमाही करती है। इसलिए लंबे समय के कैलकुलेशन में ब्याज दर भविष्य में बदल सकती है।
कौन खोल सकता है PPF अकाउंट?
कोई भी व्यक्ति किसी पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपने नाम पर PPF अकाउंट खोल सकता है। इसके अलावा नाबालिग की तरफ से भी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा PPF खाता खोला जा सकता है।
इस तरह PPF में हर साल अधिकतम ₹1.5 लाख निवेश करने वालों के लिए निवेश की तारीख काफी अहम हो जाती है। अगर साल की शुरुआत में ही पूरी रकम उपलब्ध है, तो 5 अप्रैल से पहले एकमुश्त ₹1.5 लाख जमा करने से मासिक किस्तों की तुलना में लंबे समय में अधिक कॉर्पस तैयार हो सकता है। हालांकि, वास्तविक रिटर्न भविष्य में लागू होने वाली PPF ब्याज दरों पर निर्भर करेगा।
Akhil Mahajan