वैभव ने तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड,15 साल 157 दिन में दलीप ट्रॉफी की सबसे युवा फिफ्टी

वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 157 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाकर 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा और सबसे युवा फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बने।

वैभव ने तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड,15 साल 157 दिन में दलीप ट्रॉफी की सबसे युवा फिफ्टी

15 साल 157 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में जड़ा अर्धशतक
➤ 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर बने टूर्नामेंट में फिफ्टी लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज
➤ 92 रन पर आउट हुए वैभव, 81 गेंदों की पारी में लगाए 7 चौके और 7 छक्के

बेंगलुरु। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो पिछले 57 साल से कायम था। ईस्ट जोन के लिए सेंट्रल जोन के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने महज 15 साल 157 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़ा और दलीप ट्रॉफी में फिफ्टी लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए।

ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ पहले सेमीफाइनल में ओपनिंग करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। ऑफ स्पिनर सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर वैभव ने फिफ्टी पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था। उन्होंने साल 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। वैभव ने 15 साल 157 दिन की उम्र में फिफ्टी जड़कर लक्ष्मण सिंह के इस 57 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

शतक से चूक गए वैभव, 92 रन पर गंवाया विकेट

रिकॉर्ड बनाने के बाद वैभव की नजर अपने पहले फर्स्ट क्लास शतक पर थी। वह जिस अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे लग रहा था कि वह आसानी से सेंचुरी पूरी कर सकते हैं। हालांकि उनकी पारी 92 रन पर खत्म हो गई।

वैभव ने हर्ष दुबे की गेंद पर छक्का लगाने की कोशिश की, लेकिन डीप मिडविकेट पर खड़े इकलौते फील्डर अरशद खान ने उनका आसान कैच पकड़ लिया। इस तरह वैभव 92 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में 81 गेंदों का सामना किया और सात चौके तथा सात छक्के लगाए

शतक से महज आठ रन पहले आउट होने के बावजूद वैभव की यह पारी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई। उन्होंने न केवल ईस्ट जोन को मजबूत शुरुआत दी, बल्कि अपनी उम्र को लेकर दलीप ट्रॉफी का एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर पूरी की फिफ्टी

बेंगलुरु स्थित सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस के ग्राउंड में खेले जा रहे पहले सेमीफाइनल में वैभव ने ईस्ट जोन की ओर से ओपनिंग की। सेंट्रल जोन के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने 42 गेंदों में पचासा पूरा किया।

वैभव ने ऑफ स्पिनर सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। खास बात यह भी रही कि सारांश जैन हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट से भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं।

वैभव की पारी में एक ऐसा मौका भी आया था, जब वह सिर्फ दो रन पर खेल रहे थे। उस समय सारांश जैन की ही गेंद पर यश राठौर ने उनका बेहद आसान कैच छोड़ दिया था। जीवनदान मिलने के बाद वैभव ने इसका पूरा फायदा उठाया और तेजी से रन बनाते हुए अर्धशतक तक पहुंचे।

अभिमन्यु ईश्वरन के साथ शतकीय साझेदारी

यह वैभव सूर्यवंशी का दूसरा फर्स्ट क्लास हाफ सेंचुरी है। उनकी पिछली फिफ्टी पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में मेघालय के खिलाफ आई थी। उस मुकाबले में उन्होंने महज 33 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था

दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 42 गेंदों में 50 रन पूरे किए और ओपनिंग साझेदार अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट की साझेदारी को 100 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि दलीप ट्रॉफी के पहले राउंड में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ वैभव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। ईस्ट जोन की एकमात्र पारी में वह सिर्फ आठ रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार वापसी की और रिकॉर्ड तोड़ अर्धशतक के साथ अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया।

वैभव सूर्यवंशी के लिए यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने महज 15 साल 157 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। 1969 में लक्ष्मण सिंह द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वैभव अब इस टूर्नामेंट में फिफ्टी लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं। हालांकि 92 रन पर आउट होने के कारण वह अपने पहले फर्स्ट क्लास शतक से जरूर चूक गए, लेकिन उनकी 81 गेंदों की आक्रामक पारी ने उन्हें एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में पहुंचा दिया।