पानीपत गोशाला में करंट का कहर,एक मजदूर की मौ*त, दूसरा गंभीर
पानीपत की गोशाला में निर्माण के दौरान लिफ्ट ट्रॉली में हाई-वोल्टेज करंट उतरने से एक मजदूर की मौत और दूसरा गंभीर झुलसा, पुलिस जांच में जुटी
पानीपत की गोशाला में करंट लगने से एक मजदूर की मौत, दूसरा गंभीर
➤ लिफ्ट वाली ट्रॉली से ईंटें उतारते समय हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आए दोनों मजदूर
➤ हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और गोशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
पानीपत शहर के गोहाना रोड स्थित गोशाला में निर्माण कार्य के दौरान सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। छत पर निर्माण के लिए ईंटें लेकर पहुंची लिफ्ट वाली ट्रॉली में अचानक हाई-वोल्टेज करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से दो मजदूर झुलस गए। हादसा इतना गंभीर था कि एक मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और घायल मजदूर को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया।
ईंटें उतारते समय ट्रॉली में उतर आया हाई-वोल्टेज करंट
जानकारी के अनुसार, गोहाना रोड स्थित गोशाला में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा था। दोनों मजदूर छत पर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान नीचे से ईंटें भरकर लिफ्ट वाली ट्रॉली ऊपर छत पर पहुंची।
जैसे ही मजदूरों ने ईंटें निकालने के लिए ट्रॉली को छुआ, वे उसमें फैले तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना जोरदार था कि दोनों मजदूर दूर जा गिरे। हादसे में एक मजदूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया।
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल मजदूर को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
हादसे के बाद गोशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली और निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण कार्य के दौरान बिजली से जुड़े उपकरणों और लिफ्ट वाली ट्रॉली के इस्तेमाल में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण स्थल पर बिजली के उपकरणों और लिफ्ट ट्रॉली के इस्तेमाल से पहले सुरक्षा जांच की गई थी या नहीं। इसके अलावा ट्रॉली की वायरिंग, कट और अर्थिंग की नियमित जांच की गई थी या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी मानी जा रही है।
मजदूरों को हादसों से बचाने के लिए सुरक्षा उपकरण, जैसे ग्लव्स और सेफ्टी शूज़ उपलब्ध कराए गए थे या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वहीं घायल मजदूर के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर इसमें गोशाला प्रबंधन और ठेकेदार की लापरवाही रही है।
फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। निर्माण स्थल पर बिजली की व्यवस्था, लिफ्ट वाली ट्रॉली और सुरक्षा इंतजामों की स्थिति की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
Akhil Mahajan