पानीपत में गोरक्षक बनकर कैंटर चालक से 49,500 रुपए की लूट

पानीपत-असंध हाईवे पर गोरक्षक बनकर तीन बदमाशों ने कैंटर चालक से 49,500 रुपए लूट लिए। मारपीट के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पानीपत में गोरक्षक बनकर कैंटर चालक से 49,500 रुपए की लूट
  • गोरक्षक बताकर कैंटर चालक को रोका, 49,500 रुपए की लूट
  • पत्थर मारकर शीशा तोड़ा, चालक से मारपीट कर वारदात को दिया अंजाम
  • बाइक नंबर नोट, पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की आरोपियों की तलाश

पानीपत-असंध हाईवे पर बदमाशों ने खुद को गोरक्षक दल का सदस्य बताकर एक कैंटर चालक से 49,500 रुपए लूट लिए। आरोपियों ने पहले कैंटर का रास्ता रोका, फिर पत्थर मारकर उसका शीशा तोड़ दिया। इसके बाद चालक को नीचे उतारकर उसके साथ मारपीट की और जेब में रखी नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित मन्नू, निवासी पाजू कलां (जींद) ने मतलौडा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पेशे से चालक है। उसने और उसके छोटे भाई टिंकू ने मिलकर एक आयशर कैंटर खरीदा हुआ है। दोनों भाई उत्तर प्रदेश के कांदला से केले उतारकर 1 अगस्त की रात अपने गांव लौट रहे थे।

मन्नू कैंटर चला रहा था, जबकि उसका भाई टिंकू केबिन के पीछे वाली सीट पर सो रहा था। रात करीब 10 बजे जब वे मतलौडा और नारा गांव के बीच गौशाला के पास पहुंचे, तभी एक बाइक पर सवार तीन युवक उनके पास आए और खुद को गोरक्षक दल का सदस्य बताते हुए वाहन रोककर चेकिंग कराने की बात कहने लगे।

हाईवे पर गड्ढे अधिक होने के कारण कैंटर की रफ्तार पहले से ही धीमी थी। मन्नू ने डर के कारण वाहन नहीं रोका और धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा। इस पर तीनों युवक बाइक से आगे निकल गए।

कुछ दूरी पर दादी सती मंदिर के पास आरोपियों ने बाइक सड़क के बीच आड़ी लगाकर कैंटर का रास्ता रोक लिया। इसके बाद सड़क किनारे पड़े पत्थर से कैंटर का शीशा तोड़ दिया। शीशा टूटने की आवाज सुनकर टिंकू भी जाग गया।

मन्नू ने भाई को केबिन में ही रुकने के लिए कहा और खुद नीचे उतर गया। आरोप है कि नीचे उतरते ही तीनों युवकों ने उसे सड़क पर गिराकर लात-घूंसों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटा। दो आरोपियों ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए, जबकि तीसरे ने उसकी जेब से 49,500 रुपए निकाल लिए।

वारदात के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। हालांकि भागते समय पीड़ित और उसके भाई ने बाइक का नंबर नोट कर लिया। इसके बाद तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी गई।

प्राथमिक उपचार और एमएलआर कराने के बाद पीड़ित ने मतलौडा थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने बाइक नंबर और पीड़ित के बयान के आधार पर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।